Dubai Gold Walkway News:दुबई (Dubai) अपनी आलीशान इमारतों, लग्जरी लाइफस्टाइल और दुनिया को हैरान कर देने वाले प्रोजेक्ट्स के लिए जाना जाता है। अब यह शहर एक ऐसी अनोखी परियोजना को लेकर चर्चा में है, जो दुनिया भर के पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर खींच सकती है। दरअसल, दुबई में जल्द ही 24 कैरेट सोने की एक खास वॉकवे यानी गोल्ड स्ट्रीट बनाई जाने वाली है। इस सड़क पर लोग पैदल चल सकेंगे और उन्हें सोने से बने रास्ते पर चलने का अनोखा अनुभव मिलेगा। दुबई गोल्ड डिस्ट्रिक्ट की ओर से इस परियोजना को साल 2026 के अंत से पहले शुरू करने की योजना बनाई गई है। ऐसे में सवाल है कि आखिर यह गोल्ड स्ट्रीट कहां बनेगी, इसकी खासियत क्या होगी और पर्यटकों को यहां क्या देखने को मिलेगा?
दुबई में कहां बनेगी 24 कैरेट गोल्ड स्ट्रीट?
दुबई की प्रस्तावित गोल्ड स्ट्रीट शहर के मशहूर गोल्ड डिस्ट्रिक्ट में बनाई जाएगी। इस परियोजना को दुनिया की पहली और सबसे लंबी 24 कैरेट गोल्ड वॉकवे बताया जा रहा है। इसका उद्देश्य पर्यटकों को ऐसा अनुभव देना है, जो उन्हें दुनिया के किसी दूसरे पर्यटन स्थल पर आसानी से देखने को नहीं मिलेगा।दुबई गोल्ड डिस्ट्रिक्ट के कमर्शियल सेक्टर के वरिष्ठ निदेशक राशिद अल हरमौदी ने इस परियोजना की जानकारी दी है।
उनके मुताबिक, इस गोल्ड वॉकवे के जरिए लोगों को सोने से बने रास्ते पर चलने का मौका मिलेगा। इसकी शुरुआत साल 2026 के अंत तक करने की तैयारी है। 25 अक्टूबर को सामने आई जानकारी के मुताबिक, इसे अगले दो महीनों के भीतर पर्यटकों के लिए खोलने की योजना है। हालांकि, अभी तक इस वॉकवे की सटीक लंबाई, निर्माण में इस्तेमाल होने वाले सोने की मात्रा, कुल लागत और तकनीकी डिजाइन का खुलासा नहीं किया गया है। इसलिए यह देखना दिलचस्प होगा कि 24 कैरेट सोने का इस्तेमाल इस रास्ते में किस तरह किया जाएगा।
क्या है दुबई गोल्ड डिस्ट्रिक्ट की खासियत?
दुबई गोल्ड डिस्ट्रिक्ट पहले से ही सोने और आभूषणों के कारोबार के लिए दुनियाभर में अपनी पहचान रखता है। यह इलाका दुबई के डीरा क्षेत्र में स्थित है और जनवरी 2026 में इसे आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया गया था।
इस डिस्ट्रिक्ट को सोने, ज्वेलरी, बुलियन ट्रेडिंग और लग्जरी शॉपिंग के एक बड़े केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां 1,000 से ज्यादा रिटेलर्स मौजूद हैं। इन दुकानों में सोने और हीरे के आभूषणों के अलावा परफ्यूम, कॉस्मेटिक्स और लाइफस्टाइल से जुड़े उत्पाद भी मिलते हैं।
गोल्ड डिस्ट्रिक्ट में कई अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय ज्वेलरी ब्रांड भी कारोबार कर रहे हैं। यहां लगातार नए कारोबारियों और कंपनियों की दिलचस्पी बढ़ रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, 2026 की शुरुआत से यहां नए होलसेल गोल्ड ट्रेडिंग ऑफिस की संख्या में 20 फीसदी और सोने, ज्वेलरी, कीमती पत्थरों तथा लग्जरी घड़ियों से जुड़ी नई दुकानों में 15 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।ऐसे में गोल्ड स्ट्रीट इस पूरे इलाके के लिए एक नया आकर्षण बन सकती है। इससे न केवल पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है, बल्कि दुबई के गोल्ड ट्रेडिंग कारोबार को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल सकती है।
सोने के विशाल झुमकों ने बनाए दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड
दुबई इन दिनों केवल गोल्ड स्ट्रीट की वजह से ही चर्चा में नहीं है। यहां सोने से बने विशाल झुमकों ने भी दुनिया का ध्यान खींचा है। भारतीय मूल के ज्वेलरी ब्रांड जॉयअलुक्कास (Joyalukkas Jewellery) ने 22 कैरेट सोने से ऐसे झुमके तैयार किए हैं, जिन्होंने दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं।इन झुमकों का नाम ‘मयूरा सहस्र’ (Mayura Sahasra) रखा गया है, जिसका अर्थ है एक हजार मोर। इनका कुल वजन 16.514 किलोग्राम है। इन झुमकों को दुनिया की सबसे भारी और सबसे बड़ी सोने की बालियों के रूप में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में जगह मिली है।
इनका डिजाइन भारतीय पारंपरिक झुमकों से प्रेरित है। खास बात यह है कि इसमें मोर के पंखों की खूबसूरती को भी उकेरा गया है। रिपोर्टों के अनुसार, करीब 55 कारीगरों ने कई महीनों की मेहनत और लगभग 5,840 घंटे के काम के बाद इन्हें तैयार किया है। 24 अक्टूबर 2026 को इन रिकॉर्डधारी झुमकों को दुबई गोल्ड डिस्ट्रिक्ट के ज्वेल ऑफ जॉय शोरूम में सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया गया। इन्हें देखने के लिए पर्यटक और ज्वेलरी के शौकीन यहां पहुंच सकते हैं। यह उपलब्धि भारतीय पारंपरिक आभूषण कला को भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाती है।
दुबई की पर्यटन इंडस्ट्री को मिलेगा फायदा?
दुबई लगातार ऐसे आकर्षण विकसित कर रहा है, जिनकी वजह से दुनिया भर के पर्यटक यहां आने के लिए उत्साहित हों। बुर्ज खलीफा, लग्जरी शॉपिंग मॉल और दुनिया के अनोखे पर्यटन स्थलों के बाद अब गोल्ड स्ट्रीट भी इसी कड़ी में शामिल हो सकती है। इस परियोजना के जरिए दुबई अपने गोल्ड ट्रेडिंग इतिहास और आधुनिक पर्यटन को एक साथ जोड़ने की कोशिश कर रहा है।
खासतौर पर भारत जैसे देशों के पर्यटकों के लिए यह जगह आकर्षण का केंद्र बन सकती है, जहां सोने के आभूषणों का सांस्कृतिक और भावनात्मक महत्व भी काफी ज्यादा है। इसके अलावा, गोल्ड डिस्ट्रिक्ट में एक बड़े गोल्ड और ज्वेलरी ट्रेड एग्जिबिशन सेंटर को विकसित करने की योजना भी है। इससे दुबई को सोने और आभूषणों के अंतरराष्ट्रीय कारोबार में अपनी स्थिति मजबूत करने में मदद मिल सकती है।


























