IPL 2026 Qualifiers: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के महाकुंभ में आज एक ऐसा मुकाबला देखने को मिला, जिसे क्रिकेट प्रेमी कभी नहीं भूलेंगे। क्वालीफायर 1 के इस उत्साहजनक मुकाबले में धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (HPCA) स्टेडियम पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने गुजरात टाइटंस (GT) के खिलाफ बल्ले से ऐसी तबाही मचाई कि पूरी गुजरात टीम बौखला गई। आरसीबी ने पहले बल्लेबाजी करते हुए जो रिकॉर्ड तोड़ स्कोर खड़ा किया, उसके सामने गुजरात टाइटंस टिक नहीं पाई और 92 रनों के भारी अंतर से मैच हार गई।
इस करारी हार के बाद गुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल का दिल टूटकर बिखर गया। मैच के बाद ब्रॉडकास्टर से बातचीत में एक बेहद ईमानदार कप्तान के रूप में उभरते हुए गिल ने अपनी टीम की कमजोरियों को बेनकाब किया और स्वीकार किया कि कहां पर बड़ी चूक हुई।
RCB की बल्लेबाजी के आगे बेबस दिखी गुजरात की गेंदबाजी
धर्मशाला की पिच हमेशा से बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग मानी जाती है, लेकिन आरसीबी ने इसे नरक बना दिया। आरसीबी के ओपनर्स ने पहले ही ओवर से आक्रामण शुरू कर दिया। मध्य ओवरों में जब गुजरात के गेंदबाज वापसी करने की कोशिश कर रहे थे, तभी गुजरात की खराब फील्डिंग ने कहर ढहाया। कई आसान कैच छोड़े गए, ग्राउंड फील्डिंग निराशाजनक रही और कुछ नो-बॉल्स भी फेंकी गईं। इन छूटे हुए मौकों का पूरा फायदा उठाया आरसीबी के कप्तान रजत पाटीदार ने।
पाटीदार ने महज 39 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 93 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली। उनकी इस पारी की बदौलत आरसीबी ने 5 विकेट के नुकसान पर 254 रनों का विशाल पहाड़ खड़ा कर दिया, जो आईपीएल प्लेऑफ इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर बन गया।
शुभमन गिल ने मानी अपनी गलतियां
255 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी गुजरात टीम शुरू से ही लड़खड़ाती नजर आई। टीम ने लगातार अंतराल पर विकेट गंवाए। कप्तान शुभमन गिल खुद भुवनेश्वर कुमार की एक शानदार गेंद पर मात्र 2 रन बनाकर पवेलियन लौट गए, जिससे टीम को शुरुआती झटका लगा। मैच के बाद गिल ने बड़ी ही निराशा और सच्चाई के साथ कहा, “मुझे लगता है कि हम 12वें या 13वें ओवर तक अच्छा खेल रहे थे। लेकिन मुझे नहीं लगता कि हमारी फील्डिंग अच्छी थी। हमने कुछ कैच छोड़े और हमारी ग्राउंड फील्डिंग भी उम्मीद के मुताबिक अच्छी नहीं थी।”

गिल ने यह भी स्पष्ट किया कि टीम ने फील्डिंग पर कमी नहीं छोड़ी थी। उन्होंने कहा, “टीम अभ्यास सत्र और टीम मीटिंग में नियमित रूप से फील्डिंग पर काम करती है। हम इस पर चर्चा भी जरूर करते हैं। जोश तो बिल्कुल था, लेकिन दबाव में हम उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके।”
बटलर के अलावा कोई नहीं चला, तेवतिया ने किया अकेला संघर्ष
चेज करते हुए गुजरात टाइटंस कभी भी निश्चिंत नजर नहीं आई। शुभमन गिल के जल्दी आउट होने के बाद जोस बटलर ने एक छोर से आक्रामण करने की कोशिश की। उन्होंने तेज 29 रन बनाए, लेकिन वे भी ज्यादा देर तक क्रीज पर टिक नहीं सके। बटलर का विकेट गिरते ही गुजरात की हार लगभग तय हो गई थी।
हालांकि, इस मैच में एक खिलाड़ी ऐसा था जिसने हारती हुई टीम की ओर से अकेले जंग लड़ी और वो थे राहुल तेवतिया। तेवतिया ने एक छोर से पूरी उम्मीद जगाए रखी। उन्होंने 43 गेंदों का सामना करते हुए 68 रनों की धमाकेदार पारी खेली, जिसमें कई बड़े छक्के शामिल थे। लेकिन दूसरे छोर से विकेट गिरते रहने के कारण वे अकेले मैच नहीं जीता सके। आखिर में गुजरात टीम 162 रनों पर ऑलआउट होकर 92 रनों से मैच हार गई।
क्या अब खत्म हो गई गुजरात की राह?
इस हार के साथ ही गुजरात टाइटंस की फाइनल में सीधे पहुंचने की उम्मीदें ध्वस्त हो गई हैं। धर्मशाला में मिली इस शर्मनाक हार ने टीम के मनोबल को तो झकझोर दिया है, लेकिन राहत की बात ये है कि टूर्नामेंट में गुजरात का सफर अभी खत्म नहीं हुआ है। टीम के पास फाइनल में जाने का अभी एक और मौका बाकी है।
अब गुजरात टाइटंस को एलिमिनेटर (क्वालीफायर 2) में उतरना होगा, जहां उसका सामना तीसरी टीम से होगा। शुभमन गिल ने भी इसी उम्मीद पर अपनी बात को खत्म किया। उन्होंने कहा, “यह उन मैचों में से एक है, जिसे हम भूलकर मोहाली में नए सिरे से शुरुआत करना चाहेंगे।”
वहीं, दूसरी ओर मौजूदा चैंपियन आरसीबी ने इस जीत के साथ लगातार दूसरी बार आईपीएल फाइनल में जगह बनाई है। अब देखना यह होगा कि क्या गुजरात टाइटंस धर्मशाला के इस दिल तोड़ू हार से उबरकर मोहाली में वापसी कर पाती है, या फिर इस सीजन का सफर यहीं समाप्त हो जाएगा।























