India W vs England W T20 Match: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने अपने इंग्लैंड दौरे का आगाज एक शानदार जीत के साथ किया है। नियमित कप्तान हरमनप्रीत कौर की अनुपस्थिति में टीम की कमान संभाल रहीं स्मृति मंधाना के नेतृत्व में भारत ने पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में मेजबान इंग्लैंड को 38 रनों से पराजित कर दिया।
इस जीत के साथ ही भारत ने तीन मैचों की टी20 सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। यह जीत टीम इंडिया के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि इसमें युवा खिलाड़ियों ने कमाल का प्रदर्शन किया और वरिष्ठ खिलाड़ी की गैरमौजूदगी में जिम्मेदारी संभालते हुए टीम को संकट से उबारा।
संघर्षपूर्ण शुरुआत और शतकीय साझेदारी
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत निराशाजनक रही। कप्तान स्मृति मंधाना पारी की पहली ही गेंद पर बिना खाता खोले पवेलियन लौट गईं, जिससे टीम को शुरुआती झटका लगा। उनके बाद आई सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा भी लंबी पारी नहीं खेल सकीं और महज 2 रन बनाकर आउट हो गईं। टीम 10 रन के स्कोर पर ही दो विकेट गंवा चुकी थी, और दबाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था। हालांकि, मुश्किल की इस घड़ी में युवा और प्रतिभाशाली बल्लेबाज यास्तिका भाटिया और जेमिमा रोड्रिग्स ने पारी की कमान संभाली।
दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए शतकीय साझेदारी निभाते हुए भारतीय पारी को पटरी पर लाया। ये दोनों खिलाड़ी इंग्लिश गेंदबाजों पर हावी रहे और बारी-बारी से बाउंड्री लगाते रहे। यास्तिका भाटिया ने अपनी शानदार फॉर्म का प्रदर्शन करते हुए 40 गेंदों का सामना किया और 9 चौकों व एक छक्के की मदद से 54 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली। उनके प्रदर्शन में जोश और संयम दोनों का समावेश था।
दूसरी ओर, जेमिमा रोड्रिग्स ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने मात्र 40 गेंदों में 69 रन बटोरे। उनकी पारी में ताबड़तोड़ शॉट्स देखने को मिले। दोनों के बीच 76 गेंदों में 126 रनों की साझेदारी हुई, जो इस मैच में भारत की जीत की नींव साबित हुई। इसके बाद ऋचा घोष (4) और दीप्ति शर्मा (22) ने अंत में कुछ रन जोड़कर भारत को सम्मानजनक 189 रनों के स्कोर तक पहुंचाया। इंग्लैंड की ओर से लॉरेन बेल ने 3 विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाजी को बीच में रोका, लेकिन यास्तिका और जेमिमा की पारी ने उनके प्रयासों को पानी कर दिया।

डेब्यू हीरो नंदिनी शर्मा का जादू
189 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम की शुरुआत भी खराब रही। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही गजब की लय में गेंदबाजी की। ओपनर ऐलिस कैप्सी महज 6 रन बनाकर आउट हो गईं। उनके बाद आईं सोफिया डंकले भी 16 रन बनाकर वापस पवेलियन लौट गईं। डंकले का विकेट क्रांति गौड़ को मिला। मात्र 37 रनों के स्कोर पर दो विकेट गंवाना इंग्लैंड के लिए एक बड़ा झटका था।
इस मैच में सबसे बड़ी बात रही भारतीय टीम की गेंदबाजी की गहराई और डेब्यू करने वाली नंदिनी शर्मा का प्रदर्शन। अपने पहले ही अंतरराष्ट्रीय मैच में नंदिनी ने बेहद परिपक्व गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में महज 34 रन देकर 3 अहम विकेट अपने नाम किए। उनकी इस कामयाबी ने भारत की जीत को सुनिश्चित किया। उनके अलावा क्रांति गौड़ ने 2 विकेट लिए, जबकि श्री चरणी और दीप्ति शर्मा ने 1-1 विकेट चटकाए।
एमी जोन्स के बल्ले का जादू बेअसर
मुश्किल स्थिति में अनुभवी हीथर नाइट और विकेटकीपर बल्लेबाज एमी जोन्स ने संभलकर खेलना शुरू किया। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 64 रनों की साझेदारी करके इंग्लैंड की उम्मीदों को जीवित रखा। लेकिन, भारतीय गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट चटकाकर साझेदारियों को तोड़ने का काम किया। हीथर नाइट 21 रन बनाकर आउट हुईं, लेकिन एमी जोन्स एक छोर से डटी रहीं। उन्होंने 48 गेंदों में 67 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसमें 9 चौके शामिल थे। उन्होंने एक छोर से खूब रन बटोरे, लेकिन दूसरे छोर से लगातार गिरते विकेटों ने उन पर दबाव बना दिया।
जैसे-जैसे आवश्यक रन रेट बढ़ता गया, वैसे-वैसे इंग्लैंड के विकेट गिरते गए। फ्रेया केम्प (8), डेनिएल गिब्सन (0) जैसी बल्लेबाजें बड़ी पारी नहीं खेल पाईं। कप्तान चार्ली डीन ने हालांकि 11 रन बनाकर एक छोर संभाला, लेकिन लक्ष्य से काफी पीछे रह गईं। अंत में इंग्लैंड की टीम निर्धारित 20 ओवर में 8 विकेट गंवाकर 150 रन ही बना सकी।























