Bihar News: उत्तर प्रदेश की सियासत में चल रहे बृज भूषण शरण सिंह और योगी आदित्यनाथ के बीच के कथित तनाव को हवा देते हुए बिहार के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने सीएम योगी पर तीखा प्रहार किया है। पप्पू यादव ने सीधे तौर पर कहा कि योगी आदित्यनाथ भाजपा की कृपा पर सीएम हैं, जबकि भाजपा बृज भूषण शरण सिंह की मेहनत और जुनून पर टिकी है।
‘जब योगी कुछ नहीं थे, तब से बृज भूषण हैं’
बता दें कि भाजपा के पूर्व सांसद और कैसरगंज के दिग्गज नेता बृज भूषण शरण सिंह को लेकर पप्पू यादव ने कहा कि योगी जी गोरखपुर के दादा होंगे, नाना होंगे, लेकिन बृज भूषण शरण सिंह जी भी तो अपनी जगह के दादा हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि योगी जी भाजपा की कृपा पर हैं, बृज भूषण शरण सिंह से भाजपा है। भाजपा की कृपा पर बृज भूषण शरण सिंह नहीं हैं… तो अंतर है न? जब योगी कुछ नहीं थे तब से बृज भूषण शरण सिंह हैं।
पप्पू यादव ने ये भी स्पष्ट किया कि बृज भूषण शरण सिंह पूर्व सीएम मुलायम सिंह यादव और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के करीबी रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर सीएम योगी उन्हें भाव नहीं देते हैं या इज्जत नहीं करते हैं, तो यह पूरी तरह से गलत है।
क्या बोले थे बृज भूषण शरण सिंह?
दरअसल, पप्पू यादव का यह बयान बृज भूषण शरण सिंह के हालिया बयान के बाद आया है। बीते गुरुवार (23 अप्रैल) को बिहार के भागलपुर में ‘बाबू वीर कुंवर सिंह विजय उत्सव’ के मंच से बृज भूषण ने अपनी ही पार्टी को चेतावनी दी थी।

उन्होंने साफ शब्दों में कहा था कि अगर किसी को लगता है कि हम भार बन चुके हैं, तो बस एक बार कह दें कि हमारी जरूरत नहीं है। चाहे 2027 हो या 2029 का चुनाव, हम दिखा देंगे कि हमारी उपयोगिता है या नहीं। उनके इस बयान को सियासी गलियारों में सीएम योगी आदित्यनाथ के खिलाफ खुली चुनौती माना जा रहा है।
सियासी पारा हो सकता है चढ़ा
पप्पू यादव के इस बयान से यूपी और बिहार दोनों राज्यों की सियासत में पारा चढ़ने की पूरी संभावना है। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव अक्सर अपने तीखे और अनोखे बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं। हाल ही में महिलाओं को लेकर दिए गए एक विवादित बयान के बाद वे सुर्खियों में आए थे।
बृज भूषण शरण सिंह के मुद्दे पर पप्पू यादव का साथ देना कई मायने रखता है। एक तरफ जहाँ बृज भूषण अपनी पार्टी से नाराजगी जाहिर कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष के नेता (भले ही पप्पू यादव निर्दलीय हों) का उनका समर्थन करना बीजेपी के लिए नई मुश्किलें खड़ी कर सकता है।























