Noida News: सामाजिक सरोकारों को अपनी प्राथमिकता मानने वाली संस्था ‘नोएडा लोकमंच’ ने एक बार फिर उत्कृष्ट कार्य करके क्षेत्रवासियों का मान बढ़ाया है। संस्था के स्वास्थ्य प्रकल्प के तहत संचालित ‘निःशुल्क दवा बैंक एवं चिकित्सा केंद्र’ की पहल पर आज सेक्टर-12 स्थित कम्युनिटी सेंटर में एक भव्य मेगा निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर किसी एक संस्था का एकल प्रयास नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी का एक बेहतरीन उदाहरण था, जिसमें सुमित्रा अस्पताल, सेक्टर-12 आरडब्ल्यूए (RWA) तथा एलवी कृष्णा फाउंडेशन जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं ने संयुक्त रूप से तत्वावधान किया।
सुबह 10:00 बजे शुरू हुआ यह शिविर दोपहर 2:00 बजे तक चला, लेकिन इसका प्रभाव शाम तक लोगों के चेहरों पर खुशी के रूप में देखा जा सकता था। जांच और इलाज के लिए लोगों का उत्साह देखते ही बनता था। शिविर में क्षेत्र के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आयोजकों के अनुसार, लगभग 200 मरीजों ने अपना पंजीकरण कराकर इस निःशुल्क स्वास्थ्य सेवा का लाभ उठाया। यह संख्या उल्लेखनीय है क्योंकि इससे साबित होता है कि आम जनता को ऐसी स्वास्थ्य सुविधाओं की कितनी आवश्यकता है।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम और बहुआयामी सेवाएं
शिविर की सफलता का सबसे बड़ा कारण यहाँ उपलब्ध चिकित्सा विशेषज्ञता थी। सुमित्रा हॉस्पिटल की ओर से कुल 8 अनुभवी डॉक्टर्स और 8 समर्पित स्टाफ की टीम ने अपनी सेवाएं दीं। शिविर में केवल सामान्य जांच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा गहन परामर्श दिया गया। मरीजों को सामान्य रोग विशेषज्ञों के साथ-साथ छाती रोग विशेषज्ञ, फिजियोथेरेपिस्ट, स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, दंत चिकित्सक और नेत्र विशेषज्ञों की सेवाएं एक ही छत के नीचे मिलीं। इससे मरीजों को अलग-अलग अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़े। डॉक्टरों ने न केवल जांच की, बल्कि रोगियों को उनके आहार, जीवनशैली और दवाओं के सेवन के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी।
उन्नत जांच सुविधाएं और प्रौद्योगिकी का उपयोग
आधुनिक समय की जरूरतों को देखते हुए शिविर में कई तकनीकी जांचें भी निःशुल्क की गईं। इनमें रक्तचाप (BP) और शुगर की सामान्य जांच के अलावा, हृदय संबंधी जांच के लिए ईसीजी (ECG), मूत्र संबंधी समस्याओं के लिए यूरोफ्लोमेट्री और विशेष रूप से बुजुर्गों के लिए हड्डियों की घनत्व (Bone Density) जांच शामिल थी। ये जांचे निजी लैब्स में महंगी पड़ती हैं, लेकिन इस शिविर के माध्यम से गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को इनका निःशुल्क लाभ मिला। विशेष रूप से एलवी कृष्णा फाउंडेशन द्वारा उपलब्ध कराई गई निःशुल्क नेत्र जांच सुविधा काफी सराहनीय रही, जिसका लाभ बड़ी संख्या में लोगों ने उठाया।
दवा बैंक में नई सुविधाओं की शुरुआत
इस शिविर का एक विशेष उद्देश्य लोगों को दवा बैंक की नई पहल के बारे में अवगत कराना भी था। इस अवसर पर आयोजकों ने खुशी के साथ जानकारी साझा की कि सेक्टर-12 स्थित दवा बैंक में अब दो पूर्णतः कार्यशील डेंटल चेयर और आधुनिक नेत्र जांच उपकरण उपलब्ध हैं। यह एक बड़ी उपलब्धि है। संस्था का विश्वास है कि शीघ्र ही रियायती सेवा शुल्क पर दंत चिकित्सा और नेत्र जांच संबंधी सेवाएं यहाँ नियमित रूप से शुरू की जा सकेंगी। इस कदम से क्षेत्र के जरूरतमंद लोगों को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी, जिससे उन्हें महंगे निजी क्लिनिकों पर खर्च करने से राहत मिलेगी।
गणमान्य अतिथियों ने किया उद्घाटन
शिविर का औपचारिक शुभारंभ क्षेत्र के प्रभावशाली लोगों की मौजूदगी में हुआ। डॉ. वी के गुप्ता, विनीत गर्ग, महेश सक्सेना, डॉ. डी डी अरोड़ा, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, एस के जैन तथा वी के जैन सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने दीप प्रज्वलित करके शिविर का विधिवत उद्घाटन किया। उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम को गरिमा प्रदान की और स्वयंसेवकों का हौसला बढ़ाया।
सामूहिक प्रयासों से मिली सफलता
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में नोएडा लोक मंच के महा सचिव श्री महेश सक्सेना और प्रोजेक्ट इंचार्ज (आई ए एस) श्री जे. पी. शर्मा की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही। इसके अलावा, विनीत गर्ग, एस के जैन, एस पी ढाका, प्रदीप वोहरा, अरविंद उत्तम, वी के जैन, रेनु छिब्बर, अनिल शर्मा, अमित, राजेश श्रीवास्तव, आर एन श्रीवास्तव जैसे समाजसेवियों ने दिन-रात मेहनत कर शिविर को व्यवस्थित ढंग से चलाने में अहम भूमिका निभाई।
चिकित्सा पक्ष में दवा बैंक से डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. इमरान, डॉ. नरेंद्र शुक्ला, डॉ. डी डी अरोड़ा, फार्मासिस्ट धर्मेंद्र और अंकिता शुक्ला सहित संस्था के अन्य सदस्य लगातार मरीजों की सेवा में जुटे रहे। सभी ने मिलकर इस जनहितकारी स्वास्थ्य शिविर को एक सफल आयोजन में बदल दिया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित पदाधिकारियों ने संवाददाताओं से बातचीत में स्पष्ट किया कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना उनकी संस्था का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में भी इसी तरह के स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि कोई भी व्यक्ति आर्थिक कमी के कारण इलाज से वंचित न रहे। यह शिविर न केवल चिकित्सा सहायता का केंद्र था, बल्कि सामाजिक एकता और सेवाभाव का प्रतीक भी था।























