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नरेश बाल्यान से जुड़े मकोका केस में बड़ा अपडेट

Delhi News::स्पेशल जज विशाल गोगने ने आदेश जारी कर बताया कि आरोपी को 9 जुलाई को कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया गया है। यह कदम ऐसे समय में लिया गया है जब पुलिस और जांच एजेंसियां फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हैं।

दिल्ली कोर्ट ने कपिल सांगवान के खिलाफ दूसरा गैर जमानती वारंट जारी किया

HIGHLIGHTS

  • कपिल सांगवान के खिलाफ दूसरा वारंट
  • मकोका केस में बड़ा अपडेट
  • फरार आरोपी ब्रिटेन में, तलाश जारी
  • नरेश बाल्यान से जुड़े मामले में कार्रवाई
  • पुलिस ने नया वारंट जारी किया

Delhi News:दिल्ली में मकोका (मकोका कानून) के संदर्भ में जारी जांच और केस के दौरान बड़ी खबर सामने आई है। राऊज एवेन्यू कोर्ट ने आप पार्टी नेता और पूर्व विधायक नरेश बाल्यान से जुड़े इस मामले में फरार आरोपी कपिल सांगवान ऊर्फ नंदू के खिलाफ दूसरा गैर जमानती वारंट जारी किया है। इस संबंध में स्पेशल जज विशाल गोगने ने आदेश जारी कर बताया कि आरोपी को 9 जुलाई को कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया गया है। यह कदम ऐसे समय में लिया गया है जब पुलिस और जांच एजेंसियां फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हैं।

पृष्ठभूमि और कोर्ट का आदेश

3 जून को हुई सुनवाई के दौरान, जब कोर्ट ने फरार आरोपी कपिल सांगवान के बारे में पूछा, तो जांच अधिकारी ने स्पष्ट किया कि अभी तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। दिल्ली पुलिस की ओर से दाखिल चार्जशीट में कहा गया है कि कपिल सांगवान के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (सिविल लाइंस) की धारा 356 के तहत उसकी अनुपस्थिति में ही ट्रायल शुरू करने का प्रस्ताव दिया गया था। कोर्ट ने इस बात पर भी ध्यान दिया कि धारा 356(1) के अंतर्गत, आरोपी की गैरमौजूदगी में ट्रायल शुरू करने से पहले लगातार दो वारंट जारी करना आवश्यक है, और इन दोनों वारंट के बीच 30 दिनों का अंतर होना चाहिए।

इसी क्रम में, अदालत ने 24 जनवरी को मनोज यादव के खिलाफ दिल्ली पुलिस की पांचवी पूरक चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। यह चार्जशीट मनोज यादव, जिन्हें संगठित अपराध गिरोह का सदस्य माना गया है, के खिलाफ दाखिल की गई थी। जांच में पता चला है कि यह गिरोह कपिल सांगवान द्वारा संचालित होता है, जो फिलहाल ब्रिटेन में रह रहा है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 17 अप्रैल को दाखिल की गई छठी पूरक चार्जशीट में इस गिरोह के सदस्यों के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं।

कपिल सांगवान की गिरफ्तारी और फरारी

कपिल सांगवान, जो एक कुख्यात गैंगस्टर और हत्याकांडों का मास्टरमाइंड माना जाता है, पिछले पांच वर्षों से ब्रिटेन में ही रह रहा है। पुलिस की जांच में पता चला है कि वह नजफगढ़, दिल्ली का निवासी है और हरियाणा के नफे सिंह हत्याकांड का भी वह मुख्य आरोपी है। इसके अलावा, वह बल्लू पहलवान और बीजेपी नेता सुरेंद्र मटियाला की हत्या का भी मास्टरमाइंड माना जाता है।

सांगवान पर लगे आरोपों में उसकी संलिप्तता कई संगठित अपराधों से जुड़ी है, जिनमें हत्या, जबरन वसूली और फिरौती की मांग शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि वह फरार है और उसकी तलाश जारी है। विशेष रूप से, जांच एजेंसियों ने बताया है कि वह ब्रिटेन में रह रहा है और उसके खिलाफ अवैध गतिविधियों के कई एफआईआर दर्ज हैं।

नरेश बाल्यान और गैंगस्टर के बीच संबंध

दिल्ली पुलिस का दावा है कि नरेश बाल्यान और गैंगस्टर कपिल सांगवान के बीच बातचीत का मामला वर्ष 2023 का है। इस संबंध में उसी वर्ष एफआईआर दर्ज कराई गई थी। पुलिस के मुताबिक, दोनों दिल्ली के नजफगढ़ इलाके से संबंधित हैं और उनके बीच आपराधिक गतिविधियों को लेकर संपर्क था। नरेश बाल्यान, जो कि 2015 और 2019 में उत्तम नगर विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं, इस मामले में मुख्य आरोपी के रूप में देखे जा रहे हैं।

संबंधित आरोपों में, नरेश बाल्यान पर भी संगठित अपराध और मकोका के तहत आरोप लगाए गए हैं। वह वर्तमान में दिल्ली की राजनीति में सक्रिय हैं और उनका नाम कई संगठित अपराधों से जुड़ा हुआ है। कोर्ट ने इस मामले में पहले ही गिरफ्तारी वारंट जारी किया था, लेकिन आरोपी अभी फरार है।

मकोका कानून का संदर्भ और केस का महत्व

मकोका (मकोका कानून) का उद्देश्य संगठित अपराध, आतंकवाद, और मादक पदार्थों की तस्करी जैसी गंभीर अपराधों को नियंत्रित करना है। यह कानून अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए विशेष प्रावधान प्रदान करता है। इस मामले में, आरोपी संगठित अपराध गिरोह का सदस्य होने का आरोप है, जिसे मकोका के तहत गिरफ्तार किया जाना है।

वर्तमान में, दिल्ली पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियां इस केस की जांच कर रही हैं। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। अदालत का निर्देश है कि आरोपी कपिल सांगवान को 9 जुलाई को कोर्ट में पेश किया जाए।

आखिरकार, यह मामला न केवल दिल्ली की राजनीति और अपराध जगत के बीच की गहरी जड़ताओं को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि कैसे अपराध और राजनीति का गठजोड़ देश की सुरक्षा और व्यवस्था के लिए खतरा बन सकता है।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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