Pahalgam Terror Attack Anniversary: दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में 26 निर्दोष पर्यटकों की निर्मम हत्या के एक साल पूरे होने पर बुधवार को पूरा देश शोक और संकल्प के सूर में एकजुट है। इस दर्दनाक घटना की पहली बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि आतंकवाद के किसी भी रूप के सामने भारत कभी नहीं झुकेगा और दुश्मन की साजिशें कभी सफल नहीं होंगी।
पीएम मोदी ने कहा- ‘एक राष्ट्र के रूप में हम एकजुट हैं’
पीएम मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक भावुक पोस्ट में लिखा कि पिछले साल इसी दिन पहलगाम में हुए भयावह आतंकी हमले में जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों को याद कर रहा हूं। उन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं, जो इस दुख से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि एक राष्ट्र के रूप में, हम शोक और दृढ़ संकल्प में एकजुट हैं। भारत आतंकवाद के किसी भी रूप के आगे कभी नहीं झुकेगा। आतंकवादियों की जघन्य योजनाएँ कभी सफल नहीं होंगी।
Remembering the innocent lives lost in the gruesome Pahalgam terror attack on this day last year. They will never be forgotten. My thoughts are also with the bereaved families as they cope with this loss.
As a nation, we stand united in grief and resolve. India will never bow to…
— Narendra Modi (@narendramodi) April 22, 2026
राजनाथ सिंह की चेतावनी- ‘भारत की प्रतिक्रिया अब दृढ़ और निर्णायक’
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस घटना को याद करते हुए कहा कि भारत ने दशकों तक सीमा पार आतंकवाद का सामना किया है, लेकिन आज हमारी प्रतिक्रिया बदल चुकी है। उन्होंने कहा कि हम अपने देश पर लगे उन घावों को कभी नहीं भूलेंगे। दृढ़ कार्रवाई के माध्यम से हमने यह प्रदर्शित किया है कि हमारे लोगों को नुकसान पहुंचाने या हमारी एकता को भंग करने के किसी भी प्रयास का सामना शक्ति और स्पष्टता के साथ किया जाएगा।
यादगार बना ‘बैसरन’ का कायरतापूर्ण हमला
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम के बैसरन मैदान में आतंकवादियों ने निर्दोष पर्यटकों को धर्म की पहचान करके अलग किया और बर्बरता से गोली मार दी। हमले में मारे गए 26 लोगों में 25 पर्यटक और एक स्थानीय पोनी राइड ऑपरेटर शामिल थे, जिसने पर्यटकों को बचाने की असफल कोशिश की थी। कई पीड़ित नवविवाहित थे, जिन्हें उनके परिवारों के सामने ही गोली मारी गई थी। यह हाल के वर्षों में नागरिकों को निशाना बनाकर की गई सबसे क्रूर घटनाओं में से एक थी।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ और भारत का करारा जवाब
इस कायरतापूर्ण हमले के जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने 6 और 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया। इस मापा और गैर-उत्तेजक (measured and non-escalatory) सैन्य कार्रवाई में भारत ने पाकिस्तान और पाक-अधिकृत कश्मीर (PoK) में उच्च-मूल्य वाले आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया।
Remembering and paying my heartfelt tributes to the innocent people who lost their lives in the cowardly terror attack at Pahalgam in Jammu and Kashmir on 22 April 2025. We share the enduring pain of their loved ones and families. We will never forget those wounds inflicted on…
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) April 22, 2026
इसके बाद पाकिस्तान ने नागरिकों, धार्मिक स्थलों और स्कूलों को निशाना बनाकर ड्रोन हमले और गोलाबारी की। भारत ने तुरंत मुंहतोड़ जवाब दिया, जिसमें लाहौर स्थित रडार प्रतिष्ठान और गुजरांवाला के पास के ठिकानों को नष्ट किया गया। भारी नुकसान झेलने के बाद पाकिस्तान के सैन्य अभियान महानिदेशक (DGMO) को 10 मई, 2025 को युद्धविराम के लिए संपर्क करना पड़ा।
हालांकि, युद्धविराम के बावजूद पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए लगातार घुसपैठ की कोशिशें हो रही हैं। भारतीय सेना इन्हें नाकाम कर रही है और फील्ड कमांडरों को किसी भी उल्लंघन पर तत्काल और कड़ी कार्रवाई करने का पूरा अधिकार दिया गया है।
























