Duplicate Voter ID Card: भारत में नौकरी, पढ़ाई या परिवार के कारण एक शहर से दूसरे शहर जाना आम है। पता बदलने के बाद कई बार पुराने पते की वोटर लिस्ट से नाम हटवाए बिना नए पते पर पंजीकरण हो जाता है। इससे एक ही व्यक्ति का नाम दो जगह दर्ज दिखाई दे सकता है। ऐसे में सवाल उठता है—क्या दो वोटर कार्ड रखना अपराध है और इसके लिए कितनी सजा हो सकती है?
कानून में मुख्य बात कार्डों की संख्या नहीं, बल्कि मतदाता सूची में पंजीकरण है। नियम के अनुसार किसी व्यक्ति का नाम एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्र में या एक ही क्षेत्र में एक से अधिक बार दर्ज नहीं होना चाहिए। हालांकि, पुराने पते का रिकॉर्ड गलती से रह जाना और जानबूझकर झूठी घोषणा करके दोहरा पंजीकरण कराना एक जैसी स्थिति नहीं हैं। कार्रवाई का फैसला तथ्यों और मामले की जांच के आधार पर होता है।
दो जगह वोटर लिस्ट में नाम रखना गैरकानूनी है?
जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 17 किसी व्यक्ति को एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता के रूप में पंजीकृत होने से रोकती है। वहीं धारा 18 एक ही निर्वाचन क्षेत्र में एक से अधिक बार पंजीकरण पर रोक लगाती है। यानी सामान्य नियम यह है कि मतदाता का नाम केवल एक ही जगह दर्ज होना चाहिए।
पता बदलने पर मतदाता को नए पते पर पंजीकरण या रिकॉर्ड में बदलाव के लिए आवेदन करना चाहिए और पुराने पते की प्रविष्टि हटवाने की प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए। केवल पुराने पते का भौतिक वोटर कार्ड घर में पड़ा होना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि व्यक्ति ने धोखाधड़ी की है। अहम यह है कि मतदाता सूची में कितनी प्रविष्टियां हैं और आवेदन के समय क्या जानकारी दी गई थी।
डुप्लीकेट वोटर रजिस्ट्रेशन पर कितनी सजा हो सकती है?
जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 31 मतदाता सूची से जुड़े आवेदन या घोषणा में जानबूझकर गलत जानकारी देने पर लागू हो सकती है। इसके तहत दोषी पाए जाने पर एक साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि दो वोटर कार्ड या दो प्रविष्टियां मिलते ही हर व्यक्ति को अपने आप जेल हो जाएगी।
सजा का सवाल इस बात पर निर्भर करेगा कि क्या व्यक्ति ने जानबूझकर या धोखाधड़ी से गलत घोषणा की, आवेदन में क्या जानकारी दी और परिस्थितियां क्या थीं। यदि पुराने पते की एंट्री स्थानांतरण के बाद अनजाने में बनी रह गई है, तो उसे सही कराने के लिए चुनावी अधिकारियों से संपर्क करना चाहिए। दूसरी ओर, जानबूझकर दो जगह पंजीकरण बनाए रखना या गलत जानकारी देना कानूनी जोखिम पैदा कर सकता है।
दोहरी प्रविष्टि हटाना एक अलग प्रशासनिक प्रक्रिया है। संबंधित चुनावी अधिकारी रिकॉर्ड की जांच कर सकते हैं और नियमों के अनुसार गलत या अतिरिक्त प्रविष्टि हटाने की कार्रवाई कर सकते हैं। इसलिए पुराने कार्ड को देखकर घबराने के बजाय मतदाता सूची में अपना नाम और पता जांचना बेहतर है।
डुप्लीकेट एंट्री क्यों बन जाती है?
आमतौर पर ऐसा तब होता है जब कोई व्यक्ति स्थायी या लंबे समय के लिए नया पता अपनाता है और वहां पंजीकरण कराते समय पुराने पते की प्रविष्टि हटाने की प्रक्रिया पूरी नहीं होती। कभी-कभी नाम, उम्र या पते के विवरण में अंतर के कारण भी एक ही व्यक्ति की अलग-अलग प्रविष्टियां दिखाई दे सकती हैं।
यदि आपको लगता है कि आपका नाम दो जगह दर्ज है, तो दोनों प्रविष्टियों की जानकारी—जैसे ईपीआईसी नंबर, निर्वाचन क्षेत्र और पता—मिलाकर जांचें। नाम समान होने का मतलब हमेशा यह नहीं होता कि दोनों रिकॉर्ड एक ही व्यक्ति के हैं। जरूरत पड़ने पर स्थानीय बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) या निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) से मार्गदर्शन लें।
डुप्लीकेट वोटर एंट्री हटाने के लिए फॉर्म 7
एक से अधिक या गलत मतदाता प्रविष्टि हटाने के अनुरोध के लिए फॉर्म 7 इस्तेमाल किया जाता है। चुनाव आयोग की जानकारी के अनुसार, आवेदन संबंधित निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के पास दिया जा सकता है। आवेदन में जिस प्रविष्टि को हटाने का अनुरोध है, उसका विवरण और उचित कारण देना जरूरी है। उपलब्ध होने पर संबंधित दस्तावेज या प्रमाण भी संलग्न करें।
ऑनलाइन आवेदन के लिए चुनाव आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल पर उपलब्ध सेवाओं के जरिए फॉर्म 7 जमा किया जा सकता है। आवेदन करने से पहले पोर्टल पर प्रक्रिया और मांगे गए दस्तावेजों की मौजूदा जानकारी जांच लें। आवेदन जमा होने के बाद अधिकारी रिकॉर्ड की जांच या सत्यापन कर सकते हैं; इसलिए फॉर्म भेजने भर से प्रविष्टि तुरंत हटना तय नहीं है।
ऑफलाइन आवेदन के लिए अपने क्षेत्र के BLO, ERO या संबंधित चुनाव कार्यालय से संपर्क करें। फॉर्म 7 भरकर आवश्यक विवरण और उपलब्ध प्रमाण जमा करें। आवेदन की रसीद या संदर्भ संख्या संभालकर रखें, ताकि आगे उसकी स्थिति पूछी जा सके।
मतदाता सूची में अपना नाम कैसे जांचें?
मतदाता सूची में नाम, पता और निर्वाचन क्षेत्र की जानकारी चुनाव आयोग की आधिकारिक मतदाता सेवाओं के माध्यम से देखी जा सकती है। यदि एक से अधिक रिकॉर्ड दिखें या जानकारी गलत हो, तो संबंधित अधिकारी से पुष्टि करें और सुधार या हटाने के लिए उचित आवेदन दें। केवल कार्ड पर छपी जानकारी पर निर्भर रहने के बजाय मौजूदा मतदाता सूची का रिकॉर्ड जांचना उपयोगी है।



























