मुख्यमंत्री योगी ने शिक्षकों को सौंपी ‘राष्ट्र प्रथम’ की बड़ी जिम्मेदारी

UP News: डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने प्रदेश भर के उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों के लिए 'कैशलेस चिकित्सा योजना' का शुभारंभ किया। इस योजना से शिक्षक समुदाय को बड़ी राहत मिलेगी।

सोशल मीडिया पर षड्यंत्र: योगी ने शिक्षकों को दी चेतावनी

HIGHLIGHTS

  • AI के दौर में योगी ने शिक्षकों को दी नसीहत
  • गूगल की हर बात सच नहीं, योगी ने दिया स्टेटमेंट
  • 60% युवा स्मार्टफोन पर भटक रहे, योगी ने दी चेतावनी
  • कैशलेस योजना लॉन्च, साथ ही योगी ने दी ये चेतावनी
  • राष्ट्र प्रथम: योगी ने शिक्षकों को दी ये बड़ी अपील

UP News: आज का दौर तेजी से बदलते प्रौद्योगिकीय परिवेश का है। जहां एक ओर तकनीक ने विकास की नई गति पकड़ी है, वहीं दूसरी ओर यह युवाओं के लिए एक बड़ी चुनौती भी बनकर सामने खड़ी है। इसी संदर्भ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों को एक ऐसा संदेश दिया है, जो आने वाले समय में शिक्षा नीति के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि शिक्षकों को चाहिए कि वे युवाओं को तकनीक के अंधेरे पक्ष से निकालकर रोशनी की ओर ले जाएं और उन्हें गुमराह होने से बचाएं।

डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में ऐतिहासिक घोषणा

आज रविवार को आगरा स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने प्रदेश भर के उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों के लिए ‘कैशलेस चिकित्सा योजना’ का शुभारंभ किया। इस योजना से शिक्षक समुदाय को बड़ी राहत मिलेगी, लेकिन इस मंच से मुख्यमंत्री योगी ने जो विचार साझा किए, वे केवल चिकित्सा सुविधा तक सीमित नहीं थे। उन्होंने व्यापक रूप से शिक्षा, तकनीक और राष्ट्र निर्माण के त्रिकोण पर बात की।

सोशल मीडिया और फर्जी खबरों की चुनौती

मुख्यमंत्री योगी ने एक चौंकाने वाला आंकड़ा साझा करते हुए कहा कि आज देश की लगभग 60 प्रतिशत युवा आबादी अपनी जानकारी सीधे स्मार्टफोन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से ले रही है। डिजिटल दुनिया में जानकारी का ऐसा समुद्र है कि हर व्यक्ति अपनी समझ के अनुसार निष्कर्ष निकाल लेता है। मुख्यमंत्री योगी ने शिक्षकों को आगाह किया कि सोशल मीडिया पर मौजूद हर पोस्ट, गूगल पर उपलब्ध हर खबर या तथ्य प्रामाणिक हो, यह जरूरी नहीं।

उन्होंने चेतावनी दी कि अनाम और फर्जी अकाउंट्स के जरिए भ्रामक जानकारियां और तथ्यहीन बातें तेजी से फैलाई जा रही हैं। इसका मकसद सीधा समाज में अव्यवस्था फैलाना और विद्वेष की आग भड़काना है। ऐसे में शिक्षण संस्थानों और शिक्षकों को इस डिजिटल युग में युवाओं को फर्जी सूचनाओं से बचाने के लिए सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

तकनीक का विरोध नहीं, सही उपयोग सिखाने की जरूरत

यह बात ध्यान देने योग्य है कि मुख्यमंत्री योगी ने तकनीक का विरोध करने के बजाय उसके उचित उपयोग पर जोर दिया। उनका मानना है कि हमें तकनीक से मुंह मोड़ना नहीं है, बल्कि उसे देशहित में इस्तेमाल करने का तरीका सिखाना है। उन्होंने कहा कि भारत विरोधी ताकतें अपने धनबल और तकनीक का दुरुपयोग करके भारतीय समाज को जाति, धर्म और क्षेत्र के आधार पर बांटने का षड्यंत्र रच रही हैं। इन ताकतों को नाकाम करने के लिए शिक्षकों को ‘राष्ट्र प्रथम’ के संकल्प के साथ युवाओं का मार्गदर्शन करना होगा।

आत्मानुशासन और पुस्तकालय की वापसी

डिजिटल नशे से युवाओं को बचाने के लिए मुख्यमंत्री योगी ने एक पारंपरिक लेकिन बेहद प्रभावशाली मार्ग बताया—आत्मानुशासन और स्वाध्याय। उन्होंने शिक्षकों पर यह जिम्मेदारी डाली कि उन्हें छात्रों को सच्चाई और झूठ के बीच का अंतर सिखाना होगा। सीएम योगी ने कहा कि छात्रों में फिर से पुस्तकालय जाने, संदर्भ पुस्तकों को पढ़ने और विभिन्न धर्मग्रंथों में दिए गए प्रेरणादायक उदाहरणों को अपने जीवन में उतारने की आदत डालनी होगी। यह आदत न केवल उन्हें भ्रम से बचाएगी, बल्कि उनके चरित्र को भी मजबूत बनाएगी।

यूपी का नया चेहरा

अगर सोचा जाए कि क्या यूपी सरकार केवल बचाव की रणनीति पर ध्यान दे रही है, तो ऐसा नहीं है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सोशल मीडिया आज की बुनियादी जरूरतें बन चुकी हैं। इसी कड़ी में उन्होंने राज्य सरकार द्वारा टाटा टेक्नोलॉजीज (Tata Technologies) के साथ मिलकर शुरू किए गए एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का जिक्र किया।

अब प्रदेश के हर जिले के आईटीआई (ITI), पॉलीटेक्निक और इंजीनियरिंग कॉलेजों में एआई, रोबोटिक्स, ड्रोन तकनीक और 3डी प्रिंटिंग जैसी दुनिया की सबसे आधुनिक तकनीकों की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसका उद्देश्य है कि तकनीक का इस्तेमाल कल्याणकारी (Welfare) कार्यों में हो सके और यूपी के युवा वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बनें।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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