Delhi News: दिल्ली में सोमवार को एक बार फिर आग लगने की घटना ने लोगों के रोंगटे खड़े कर दिए। शहर के बीचों-बीच स्थित और देशभर में अपनी प्रतिष्ठा के लिए जाने जाने ‘स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर’ (SPA) के कैंपस में अचानक आग की लपटें उठने से हड़कंप मच गया। यह घटना दिल्ली के व्यस्ततम इलाकों में से एक आईटीओ में सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आग लगने का कारण एक बार फिर एसी का ब्लास्ट या शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। आग इतनी भयावह थी कि इमारत के ऊपरी हिस्सों से धुआं का गुबार इतना उठा कि दूर से ही आग की लपटें देखी जा सकती थीं। हालांकि, दिल्ली फायर सर्विस की तत्परता और समय पर लिए गए फैसलों की वजह से किसी बड़े जान-माल के नुकसान से बचा जा सका।
इंस्टीट्यूट ऑफ नेशनल इम्पॉर्टेंस की इमारत में मचा खलबली
बता दें कि यह घटना शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले ‘इंस्टीट्यूट ऑफ नेशनल इम्पॉर्टेंस’ की श्रेणी में आने वाले स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA) की इमारत में हुई। देश के भविष्य के शिल्पकारों को तैयार करने वाले इस मंदिर में जब आग लगी, तो पूरे कैंपस में अफरा-तफरी मच गई। सूत्रों के अनुसार, आग इमारत की दूसरी मंजिल पर शुरू हुई। यह मंजिल मुख्य रूप से फैकल्टी मेंबर्स के लिए आरक्षित है, जहां प्रोफेसरों के केबिन और बैठक के कमरे बने हुए हैं।
एसी ब्लास्ट बना आग का कारण
प्रत्यक्षदर्शियों और मौजूदा कर्मचारियों ने बताया कि घटना की शुरुआत एक छोटे से स्पार्क और धुएं के रूप में हुई। अचानक दूसरी मंजिल पर स्थापित एक एसी से तेज धुआं निकलने लगा और उसमें से चिंगारियां उड़ने लगीं। आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू होने से पहले ही एसी में विस्फोट की आवाज के साथ आग की लपटें बाहर निकल आईं। बाहर मौसम में हवा के तेज झोंके चल रहे थे, जिसकी वजह से आग ने कुछ ही पलों में भयावह रूप ले लिया और पूरे कमरे में फैल गई। हवा की रफ्तार इतनी तेज थी कि आग पर काबू पाना दमकलकर्मियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया।
इस भीषण आग के बीच सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई। आग लगने के तुरंत बाद ही अलार्म बजने पर इमारत के अंदर मौजूद फैकल्टी मेंबर्स और छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। आपातकालीन स्थिति को देखते हुए कैंपस प्रशासन ने तत्काल एवक्यूएशन प्रोसेस शुरू कर दिया। छात्रों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। अगर आग का पता थोड़ी देर से चलता या इमारत को खाली करने में देर होती, तो हालात और भी भयावह हो सकते थे।
दिल्ली फायर सर्विस की मुस्तैदी
सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस की टीमें तत्काल मौके पर पहुंची। आग की भयावहता को देखते हुए फायर विभाग ने कई दमकल गाड़ियों को मौके पर रवाना किया गया। चूंकि आग दूसरी मंजिल पर थी और धुएं का गुबार पूरी बिल्डिंग में फैल रहा था, इसलिए आम पानी की बौछार से काम नहीं चलने वाला था। ऐसे में फायर डिपार्टमेंट ने तकनीक का सहारा लिया और स्काई लिफ्ट का इस्तेमाल किया।
दमकलकर्मियों ने स्काई लिफ्ट के माध्यम से ऊपर जाकर बालकनी से पानी का छिड़काव शुरू किया। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि पानी की बौछार और फायर टेंडर की कोशिशों के बावजूद हवा और गर्मी की वजह से आग पर काबू पाना मुश्किल हो रहा था। लगभग 50 मिनट तक चली कड़ी मेहनत के बाद आखिरकार दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पा लिया। इस दौरान बिल्डिंग के आसपास धुएं का गुबार इतना गाढ़ा हो गया था कि सांस लेना मुश्किल हो रहा था।




















