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कच्चे तेल की आग में जला बाजार, निवेशकों के उड़ गए होश

ग्लोबल मार्केट से मिल रहे बेहद कमजोर संकेतों और अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स (Sensex) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी (Nifty) दोनों ही लाल निशान में खुले।

मिडिल ईस्ट तनाव ने बिगाड़ा बाजार का खेल, सेंसेक्स फिसला

HIGHLIGHTS

  • मिडिल ईस्ट संकट से शेयर बाजार में भूचाल, सेंसेक्स 750 अंक टूटा
  • सप्ताह की शुरुआत भारी गिरावट से, लाल निशान में खुला बाजार
  • ग्लोबल तनाव का असर, भारतीय शेयर बाजार में हाहाकार
  • सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट, बिकवाली से कांपा बाजार
  • क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ीं, शेयर बाजार में मची अफरा-तफरी

Stock Market Crash: पश्चिम एशिया (Middle East) में बिगड़ते भू-राजनीतिक हालात और कच्चे तेल (Crude Oil) की आसमान छूती कीमतों ने आज भारतीय शेयर बाजार को हिला कर रख दिया है। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को बाजार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई, जिससे निवेशकों में दहशत का माहौल बन गया।

भारी बिकवाली से धड़ाम

ग्लोबल मार्केट से मिल रहे बेहद कमजोर संकेतों और अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स (Sensex) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी (Nifty) दोनों ही लाल निशान में खुले। सुबह 9:15 बजे बाजार खुलते ही निवेशकों ने मुनाफा वसूली के चलते चौतरफा बिकवाली शुरू कर दी।

सेंसेक्स और निफ्टी का हाल

BSE सेंसेक्स ने अपने पिछले सत्र के मुकाबले करीब 754 अंक यानी लगभग 1.00 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 74,483.74 के स्तर पर शुरुआत की। वहीं, NSE का 50 शेयरों वाला इंडेक्स निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 225 अंकों (0.95%) के गोते लगाने के बाद 23,418.15 के स्तर पर आ गया।

क्यों हुआ क्रैश?

विश्लेषकों के अनुसार, इस गिरावट का मुख्य कारण मिडिल ईस्ट में बढ़ता संकट है। इस क्षेत्र में तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। भारत जैसे देश जो कच्चे तेल का आयात करते हैं, उनके लिए यह खबर चिंताजनक है, क्योंकि इससे मुद्रास्फीति (इन्फ्लेशन) बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है और फिस्कल डेफिसिट पर भी दबाव पड़ सकता है।

ग्लोबल मार्केट से भी मिल रहे संकेत काफी नकारात्मक हैं, जिसका असर घरेलू बाजार के सेंटीमेंट पर साफ देखा जा सकता है। शुरुआती कारोबार में बैंकिंग, ऑटोमोबाइल और ऑयल एंड गैस जैसे मुख्य सेक्टर्स में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।

वर्तमान में बाजार के हालात बेहद संवेदनशील हैं और निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। आने वाले घंटों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या बाजार मध्याह्न तक इस गिरावट से उबर पाता है या फिर बिकवाली का दौर जारी रहता है।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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