दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई: लग्जरी होटल में चल रही फर्जी सेल का खुलासा

Delhi News: डीसीपी ने लोगों से अपील की है कि किसी भी होटल या बाहरी जगह लगी ऐसी तथाकथित 'डिस्काउंट सेल' या 'एग्जीबिशन' में खरीदारी करते समय बहुत सतर्क रहें।

वसंत कुंज के फाइव-स्टार होटल में नकली ब्रांडेड सामान का बड़ा रैकेट बेनकाब

HIGHLIGHTS

  • होटल में चल रहा था करोड़ों का फर्जी ब्रांडेड सामान खेल
  • ‘एक्सपोर्ट सरप्लस’ के नाम पर धोखा, ग्राहक बने शिकार
  • फाइव-स्टार होटल में नकली लग्जरी सामान बेचने वाला आरोपी गिरफ्तार
  • होटल में एग्जीबिशन के नाम पर फर्जी सेल, असली जैसा पूरा सेटअप
  • नकली घड़ियां और एक्सेसरीज बेचने वाला संगठित गिरोह पकड़ा गया

Delhi News: दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने वसंत कुंज स्थित एक फाइव-स्टार होटल में नकली ब्रांडेड सामान बेचने वाले एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। आरोपी लग्जरी होटलों का सहारा लेकर भारी छूट के जाल में फंसे ग्राहकों को महंगे ब्रांड्स के नाम पर नकली कपड़े और एक्सेसरीज थमा रहे थे।

ब्रांड प्रोटेक्टर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में फर्जी कपड़े, घड़ियां, एक्सेसरीज और 2.87 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। आरोपी संचालक को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया है।

कौन है गिरफ्तार आरोपी?

गिरफ्तार आरोपी की पहचान 51 वर्षीय इकबाल नूंह के रूप में हुई है, जो हरियाणा का रहने वाला है। पूछताछ में इकबाल ने खुलासा किया कि वह केवल होटल में स्टॉल संचालन, स्टॉफ मैनेजमेंट और ग्राहकों से लेन-देन का काम संभालता था, जिसके बदले उसे बिक्री का कमीशन मिलता था।

इकबाल ने बताया कि इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड फारुख अहमद है। फारुख अलग-अलग शहरों में इस तरह की फर्जी सेल का आयोजन कराता है और नकली सामान की सप्लाई करता है। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह का नेटवर्क काफी व्यापक है और यह काफी संगठित तरीके से काम करता है।

आखिर ग्राहक फंसे कैसे? (मॉडस ऑपरेंडी)

जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने ठगी को लेकर पूरी रणनीति बनाई थी:

  • लग्जरी लोकेशन: गिरोह बड़े होटलों और कन्वेंशन सेंटरों में अस्थायी एग्जीबिशन लगाता था, ताकि ग्राहकों को लगे कि सेल असली है।
  • भरोसे का नाटक: ग्राहकों को भ्रमित न किया जा सके, इसके लिए आरोपी बाकायदा बिल बुक, पेमेंट स्वाइप मशीन और यूपीआई क्यूआर कोड का इस्तेमाल करते थे।
  • भ्रम फैलाना: अक्सर ग्राहकों को यह बताकर गुमराह किया जाता था कि यह सामान ‘एक्सपोर्ट सरप्लस’ या ‘फर्स्ट कॉपी’ है।
  • तुरंत खरीदारी का दबाव: ‘सीमित समय’ और ‘भारी छूट’ (डिस्काउंट) का डर दिखाकर ग्राहकों को सोचने का मौका दिए बिना ही सामान खरीदने पर मजबूर किया जाता था।

पुलिस ने जारी की चेतावनी

क्राइम ब्रांच के डीसीपी पंकज कुमार ने इस मामले पर चिंता जताते हुए कहा कि यह गिरोह उपभोक्ताओं के भरोसे का फायदा उठाकर उन्हें आर्थिक नुकसान पहुंचा रहा था। डीसीपी ने लोगों से अपील की है कि किसी भी होटल या बाहरी जगह लगी ऐसी तथाकथित ‘डिस्काउंट सेल’ या ‘एग्जीबिशन’ में खरीदारी करते समय बहुत सतर्क रहें। ब्रांडेड सामान की खरीदारी के लिए हमेशा अधिकृत विक्रेताओं या आधिकारिक शोरूम/वेबसाइट पर ही भरोसा करें। वर्तमान में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और मास्टरमाइंड फारुख अहमद तथा अन्य सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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