महर्षि नगर नोएडा में गणेश महोत्सव की धूम, वैदिक विधि से प्रतिमा स्थापना

महर्षि वेद विज्ञान विद्यापीठ के प्रभारी शिशिर श्रीवास्तव ने बताया कि गणेश महोत्सव के दौरान विशेष रूप से गणेश सार्थक शीर्ष पाठ, भगवान गणेश का अभिषेक तथा गणेश पुराण का पाठ और श्रवण किया जाएगा।

गणेश महोत्सव: दर्शन के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, नोएडा में भक्ति का माहौल

HIGHLIGHTS

  • गणपति बप्पा के दर्शन से होगी मनोकामना पूर्ण, जानें कैसे
  • गणेश पुराण पाठ और अभिषेक से मिलेगा पुण्य, विघ्नों का होगा नाश
  • महर्षि वेद विज्ञान विद्यापीठ में गूंजे गणपति बप्पा मोरया के जयकारे
  • 25 सितंबर को होगा गणपति का भव्य विसर्जन, निकलेगी शोभायात्रा

महर्षि वेद विज्ञान विद्यापीठ, महर्षि नगर नोएडा में इस वर्ष भी गणेश महोत्सव पूरे धार्मिक उल्लास और वैदिक परंपरा के साथ मनाया जा रहा है। गणेशोत्सव के शुभारंभ पर भगवान गणेश जी की सुंदर प्रतिमा की वैदिक विधि-विधान के अनुसार स्थापना की गई। प्रतिमा स्थापना के समय वेदों के मंत्रों के साथ गणपति की विधिपूर्वक प्राण-प्रतिष्ठा की गई, जिसके बाद विद्यापीठ परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा।

वैदिक परंपरा के अनुरूप हो रहा आयोजन

महर्षि वेद विज्ञान विद्यापीठ के मीडिया प्रभारी एके लाल ने बताया कि यह आयोजन इस वर्ष भी उसी गरिमा और आस्था के साथ किया जा रहा है, जिस तरह से प्रत्येक वर्ष यहां गणेश महोत्सव आयोजित होता आया है। उन्होंने बताया कि 14 सितंबर से 25 सितंबर तक प्रतिदिन प्रातःकाल साढ़े नौ बजे से मध्याह्न साढ़े बारह बजे तक तथा सायंकाल सात बजे से आठ बजे तक भगवान गणेश की पूजा-अर्चना, भजन, प्रवचन एवं आरती का कार्यक्रम संचालित होगा।

उन्होंने आगे बताया कि नौ दिनों तक चलने वाले अनुष्ठानों और नित्य पूजन के बाद दसवें दिन अर्थात 25 सितंबर को भगवान गणेश की प्रतिमा का विधि-विधान से भव्य विसर्जन किया जाएगा। विसर्जन के समय भी शास्त्रोक्त मंत्रों का उच्चारण और पारंपरिक अनुष्ठान किए जाएंगे, जिससे यह पर्व अपनी पूर्णता को प्राप्त करेगा।

पाठ, अभिषेक और अनुष्ठानों का होगा आयोजन

इस अवसर पर महर्षि वेद विज्ञान विद्यापीठ के प्रभारी शिशिर श्रीवास्तव ने बताया कि गणेश महोत्सव के दौरान विशेष रूप से गणेश सार्थक शीर्ष पाठ, भगवान गणेश का अभिषेक तथा गणेश पुराण का पाठ और श्रवण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन सबका अपना विशेष धार्मिक महत्व है और ऐसा माना जाता है कि इनके द्वारा भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

शिशिर श्रीवास्तव ने कहा कि भगवान गणेश को सभी कार्यों में सफलता देने वाले, विघ्नहर्ता तथा बुद्धि और समृद्धि के दाता माना गया है। ऐसे में विद्यापीठ में आयोजित यह गणेश महोत्सव आसपास के क्षेत्रों के भक्तों के लिए भी विशेष महत्व रखता है। प्रतिदिन सुबह और शाम के दर्शन तथा आरती में श्रद्धालुओं की अच्छी संख्या पहुंच रही है।

बड़ी संख्या में मौजूद रहे गणमान्य लोग

गणेश प्रतिमा स्थापना एवं प्रारंभिक अनुष्ठानों के अवसर पर महासमिति महर्षि संस्थान के अध्यक्ष अजय प्रकाश के अतिरिक्त विनीत श्रीवास्तव, विनोद श्रीवास्तव, श्रीकांत ओझा, संतोष श्रीवास्तव, हरीश सचान, रामेन्द्र सचान, शिशुपाल यादव, लल्लन पाठक, यादवेन्द्र यादव, कमलेश यादव, राजेन्द्र शुक्ला तथा नरेश श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर ग्यारह वैदिक पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अनुष्ठान संपन्न कराए गए।

गणेश उत्सव का धार्मिक महत्व

शास्त्रों में भगवान गणेश को किसी भी शुभ कार्य के प्रारंभ में सर्वप्रथम पूजा जाने वाला देवता बताया गया है। गणेश चतुर्थी से प्रारंभ होने वाला यह दस दिवसीय उत्सव भक्ति, आस्था और संस्कृति का प्रतीक माना जाता है।

गणेश पुराण के अनुसार इस पर्व के दौरान गणपति का स्मरण, पाठ और पूजन करने से जीवन के संकट दूर होते हैं और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। वैदिक विद्यापीठों में ऐसे आयोजनों का विशेष महत्व है, क्योंकि यहां विद्यार्थी भी इन परंपराओं और वैदिक अनुष्ठानों को सीखने एवं अनुभव करने का अवसर प्राप्त करते हैं।

भक्तों के लिए दर्शन का समय

आयोजन समिति ने बताया कि गणेश महोत्सव के सभी दिनों में श्रद्धालु भक्त प्रातः साढ़े नौ बजे से मध्याह्न साढ़े बारह बजे तक तथा सायं सात से आठ बजे तक भगवान गणेश के दर्शन कर सकते हैं। दर्शन के समय भक्तों के लिए प्रसाद वितरण तथा आरती में सहभागिता की भी व्यवस्था की गई है। 25 सितंबर को विसर्जन यात्रा शानदार रूप में निकाली जाएगी, जिसमें भजन-कीर्तन के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु सहभागिता करेंगे।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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