कॉकरोच जनता पार्टी चींटी जनता पार्टी
---Advertisement---

9 जून : इतिहास के शिखर पर प्रधानमंत्री मोदी

लोकतांत्रिक चुनाव होने के बाद 13 मई 1952 को पंडित नेहरू ने बतौर 'निर्वाचित प्रधानमंत्री' शपथ ली। उस दिन से लेकर अपने निधन तक, यानी 27 मई 1964 तक वे पद पर बने रहे। इस अवधि के दौरान वे लगातार 4,397 दिनों तक, यानी 12 साल और 14 दिनों तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सेवाएं देते रहे। यही वह रिकॉर्ड था जो अब टूटने जा रहा है।

9 जून को इतिहास रचेंगे पीएम मोदी

HIGHLIGHTS

  • मोदी ने रचा नया अध्याय
  • रिकॉर्डमैन मोदी
  • लोकतंत्र का नया रिकॉर्ड
  • मोदी की ऐतिहासिक छलांग
  • पीएम मोदी का बड़ा मुकाम

PM Narendra Modi A Historical Overview: भारत की राजनीति में 9 जून की तारीख ऐतिहासिक दस्तावेज़ के रूप में दर्ज होने जा रही है। इस दिन, देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित करेंगे, जो दशकों से देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के नाम दर्ज था। प्रधानमंत्री मोदी 9 जून को देश के ऐसे पहले प्रधानमंत्री बन जाएंगे, जो चुनाव जीतने के बाद लगातार सबसे लंबे समय तक इस पद पर बने रहेंगे। यह उपलब्धि किसी आम मील का पत्थर नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक मंडल का विश्वास और नीति निर्धारण की निरंतरता का प्रमाण है।

09 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल के दो साल पूरे हो रहे हैं। इस अवसर पर उनकी पार्टी और सहयोगी दल खुशी मनाने के लिए तैयार हैं, लेकिन यह खुशी सिर्फ जश्न तक सीमित नहीं है, बल्कि इतिहास रचने का गौरव भी है।

एनडीए की ओर से ऐतिहासिक बधाई

इस ऐतिहासिक उपलब्धि को यादगार बनाने के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने कमर कस ली है। एनडीए के मुख्यमंत्रियों की 10 जून को होने वाली अहम बैठक में एक विशेष प्रस्ताव पारित किया जाएगा। इस प्रस्ताव के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी को इस मुकाम पर पहुंचने पर हार्दिक बधाई दी जाएगी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह प्रस्ताव आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और तेलुगु देशम पार्टी के प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू द्वारा रखा जाएगा। गठबंधन की एकता को दर्शाते हुए अन्य सहयोगी दलों के नेता भी इस प्रस्ताव का समर्थन करेंगे। माना जा रहा है कि इस प्रस्ताव में बतौर प्रधानमंत्री पिछले बारह सालों में देश और विदेश नीति की उपलब्धियों का विस्तृत ज़िक्र किया जाएगा, ताकि यह दस्तावेज़ भविष्य के लिए भी प्रेरणादायक बन सके।

नेहरू का रिकॉर्ड और ‘निर्वाचित’ पद की अहमियत

इस रिकॉर्ड को समझने के लिए ज़रूरी है कि हम देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के कार्यकाल पर एक नज़र डालें तो पंडित नेहरू ने देश की आज़ादी के बाद 15 अगस्त 1947 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। हालांकि, उस समय देश में पहली लोकसभा का चुनाव नहीं हुआ था। तब तक वह अंतरिम सरकार के प्रमुख थे, यानी उन्हें जनता द्वारा सीधे चुना हुआ प्रधानमंत्री नहीं कहा जा सकता था।

देश में पहली बार लोकतांत्रिक चुनाव होने के बाद 13 मई 1952 को पंडित नेहरू ने बतौर ‘निर्वाचित प्रधानमंत्री’ शपथ ली। उस दिन से लेकर अपने निधन तक, यानी 27 मई 1964 तक वे पद पर बने रहे। इस अवधि के दौरान वे लगातार 4,397 दिनों तक, यानी 12 साल और 14 दिनों तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सेवाएं देते रहे। यही वह रिकॉर्ड था जो अब टूटने जा रहा है।

अगर नेहरू का पूरा कार्यकाल देखा जाए, जिसमें अंतरिम अवधि भी शामिल है, तो यह 6,130 दिनों का है। इसमें 15 अगस्त 1947 से 13 मई 1952 के बीच के 1,733 दिन भी शामिल हैं, जब वे अंतरिम या गैर-निर्वाचित सरकार के मुखिया थे। लेकिन तकनीकी रूप से ‘लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री’ के तौर पर उनका यह रिकॉर्ड अब सात दशक बाद बदलने जा रहा है। पीएम मोदी 9 जून को इस आंकड़े को पार करते हुए लगातार निर्वाचित पीएम के तौर पर 4,398 दिन, यानी 12 साल और 15 दिन पूरे कर लेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी के अन्य ऐतिहासिक रिकॉर्ड

नरेंद्र मोदी की राजनीतिक यात्रा और उनके कार्यकाल में कई ऐसे मुकाम आ चुके हैं जिन्होंने भारतीय राजनीति का परिदृश्य बदल दिया है। उनके नाम पहले से ही कई ऐतिहासिक उपलब्धियां दर्ज हैं। वे देश के सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले पहले ‘गैर-कांग्रेसी’ प्रधानमंत्री हैं। आजादी के बाद लंबे समय तक यह पद कांग्रेस के दबदबे वाला माना जाता था, लेकिन मोदी ने इस परंपरा को बदल दिया है।

उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के 2,272 दिनों के कार्यकाल को भी पीछे छोड़ दिया है, जो अब तक किसी भी गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री का सबसे बड़ा कार्यकाल था। इतना ही नहीं, वे ऐसे पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री भी हैं, जिन्होंने लगातार तीन बार आम चुनाव जीतकर सत्ता पर काबिज रहने का कारनामा किया है। यह किसी भी क्षेत्रीय दल या गैर-कांग्रेसी विचारधारा के लिए एक बड़ी राजनीतिक जीत है।

मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री तक: 9,000 दिनों का सफर

प्रधानमंत्री पद से पहले भी नरेंद्र मोदी की प्रशासनिक अदृढ़ता स्पष्ट थी। उन्होंने 7 अक्तूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। तब से लेकर आज तक वे बिना किसी बड़े अंतराल के सरकार के प्रमुख के रूप में काम कर रहे हैं।

7 अक्तूबर 2001 से 22 मई 2014 तक उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में सेवा की और उसके बाद 26 मई 2014 से लेकर अब तक वे देश के प्रधानमंत्री के रूप में कार्यरत हैं। यदि इन दोनों पदों पर उनके कार्यकाल को जोड़ा जाए, तो मोदी चुनी हुई सरकारों के प्रमुख के तौर पर 9,000 से भी अधिक दिन पूरे कर चुके हैं। यह आंकड़ा उनके राजनीतिक जीवन की दीर्घायु और जनता का उन पर लगातार भरोसा दर्शाता है।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now