दिल्ली में रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक दिलदहला देने वाला मामला सामने आया है। उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी थाना क्षेत्र से एक ऐसी वारदात की खबर है, जसे सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो सकते हैं। जहां एक ओर लोग रक्षाबंधन में भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को खूब सलाम करते हैं, वहीं यहां एक कथित भाई ने अपनी ही चचेरी बहन की जान ले ली। न सिर्फ हत्या, बल्कि शव को सूटकेस में भरकर सुनसान इलाके में फेंकने की नीयत इस अपराध को और भी भयावह बनाती है।
सूटकेस में छुपी थी एक बर्बरता की कहानी
मामला बुराड़ी स्थित अजीत विहार गली नंबर-1 का है। यहां के एक डार्क स्पॉट (अंधेरी जगह) पर अचानक एक बंद सूटकेस पड़ा मिला। शुरुआत में लोगों को लगा कि यह किसी का बेकार सामान है, लेकिन जब पुलिस ने इसे खोला तो अंदर का नजारा हर किसी के होश उड़ा देने वाला था। सूटकेस के अंदर एक युवती का शव बेहद बदहाल हालत में मौजूद था। इस खबर के फैलते ही इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
FIR से पहले ही पुलिस ने पकड़ा खूनी भाई
इस मामले की सबसे बड़ी और सबसे अहम बात यह है कि पुलिस को इस हत्याकांड की भनक तब तक नहीं लगी थी, जब तक कोई परिवार का सदस्य थाने पहुंचकर गुमशुदगी या हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराता। दरअसल, आउटर नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट के स्पेशल स्टाफ की एक टीम रात के समय इलाके में नॉर्मल नाइट चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान उन्हें एक युवक दिखा, जिसका बर्ताव और शरीर का भाषा काफी संदिग्ध थी।
पुलिस टीम ने सतर्कता बरतते हुए उस युवक को रोक लिया और कड़ी पूछताछ शुरू की। पुलिस के सवालों के दबाव में आकर युवक टूट गया और उसने खुद ही अपनी बहन की हत्या करने का दर्दनाक सच उगल दिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस अधिकारी सीधे अजीत विहार पहुंचे और वहां से सूटकेस बरामद किया गया।
क्या था हत्या का मोटिव?
अपराध जगत में अक्सर पैसे या दुश्मनी को हत्या की वजह माना जाता है, लेकिन यहां मामला उल्टा था। प्रारंभिक जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उसके अनुसार आरोपी युवक अविनाश को अपनी चचेरी बहन के किसी प्रेम प्रसंग में होने का गहरा शक था। कथित तौर पर ‘परिवार की इज्जत’ के नाम पर उसने इस शक को सजा के रूप में मौत दे दी। यह पूरा मामला ‘ऑनर किलिंग’ (मान-मर्यादा खत्म करने वाले हत्याकांड) की श्रेणी में देखा जा रहा है, जहां अपनों को ही सबसे बड़ी सजा दी जाती है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेंगे और राज
फिलहाल, पुलिस ने युवती के शव को कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, क्योंकि इससे कई अनसुलझे सवालों के जवाब मिल सकते हैं। जैसे- हत्या किस वजह से की गई? क्या युवती के साथ दुष्कर्म का प्रयास भी किया गया? और सबसे अहम बात यह कि क्या इस वारदात को अंजाम देने में कोई और शख्स भी शामिल था?
जांच का अगला चरण
दिल्ली पुलिस का मानना है कि अभी यह मामला बहुत प्रारंभिक स्टेज में है। आरोपी अविनाश से गहनता से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश में जुटी है कि आखिर युवती का वो प्रेमी कौन है जिसके शक में इस तरह का कदम उठाया गया। क्या वो लड़का इस शहर में मौजूद है या फिर उसे भी किसी खतरे में डाला गया था?
इस पूरे मामले पर एक बार फिर से सवालिया निशान उठ रहे हैं कि आज भी कुछ लोग अपनी मान-मर्यादा को एक इंसान की जिंदगी से बढ़कर कैसे मान लेते हैं। वहीं, दिल्ली पुलिस की नाइट पैट्रोलिंग और स्पेशल स्टाफ की सक्रियता की तारीफ भी हो रही है, क्योंकि अगर वो युवक को उस समय नहीं रोकते, तो शायद यह सूटकेस कभी बरामद नहीं हो पाता और एक बेकसूर जिंदगी की हत्या एक अनसुलझे रहस्य बनकर रह जाती। फिलहाल, पुलिस मामले की हर परत को खंगालने में जुटी हुई है।

























