Delhi News: दिल्ली में कानून-व्यवस्था को लेकर बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन कभी-कभी मामूली सी बातें जानलेवा साबित हो जाती हैं। ताजा मामला दक्षिणी दिल्ली के हौज खास इलाके का है, जहां एक व्यस्त मेट्रो स्टेशन के बाहर एक छोटी सी कहासुनी इतनी बढ़ गई कि उसने एक 45 वर्षीय व्यक्ति की जान ले ली। यह घटना उस तरफ इशारा करती है कि कि किस तरह से अकेलेपन, तनाव और क्षणिक गुस्सा किसी भी व्यक्ति को अंधा कर सकता है।
कैसे शुरू हुआ घटनाक्रम?
बता दें कि मामला 23 और 24 जुलाई की दरमियानी रात का है। एम्स (AIIMS) मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-3 के बाहर बने बस स्टैंड पर आम दिनों की तरह लोगों का जमावड़ा था। अचानक वहां मौजूद दो लोगों के बीच किसी बात को लेकर तकरार शुरू हो गई। शुरुआत में यह विवाद बिल्कुल मामूली लग रहा था, लेकिन कुछ ही पलों में नब्जें बढ़ने लगीं और जुबानी जंग मारपीट में तब्दील हो गई। इस दौरान एक शख्स को इतनी गंभीर चोटें आईं कि वह वहीं जमीन पर गिर पड़ा और खून से लथपथ हो गया।
झगड़ा इतना तेजी से बढ़ा कि आसपास खड़े लोगों को समझ ही नहीं आया कि यह सब कैसे हुआ। हालांकि, इस बार भीड़ ने तमाशबीन बनने के बजाय सक्रिय भूमिका निभाई। उग्र आरोपी को पकड़कर उसे भीड़ ने घेर लिया, ताकि वह मौके से फरार न हो सके। इस बीच, हौज खास थाना पुलिस को झगड़े और चीख-पुकार की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां लोगों ने आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया।
अस्पताल पहुंचते ही तय हो गई मौत
घायल व्यक्ति को तुरंत इलाज के लिए पीसीआर (PCR) वैन की मदद से नजदीकी सफदरजंग अस्पताल भेजा गया। एम्स के ठीक सामने होने के बावजूद उसे सफदरजंग ले जाया गया। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टरों ने उसे भर्ती कर तुरंत उपचार शुरू किया, लेकिन चोटें काफी गहरी थीं। काफी प्रयासों के बावजूद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने मृतक की शिनाख्त 45 वर्षीय मनोज सिंह के रूप में की है। मनोज मूल रूप से बिहार के नवादा जिले के रहने वाले थे। परिवार की जिम्मेदारी निभाने और बेहतर रोजगार की तलाश में वह दिल्ली आए थे। वह सफदरजंग इलाके में फेरी लगाकर सामान बेचकर अपना और अपने परिवार का पेट पालते थे। उनके परिवार में उनकी मौत की खबर से कोहराम मच गया है।
वहीं, गिरफ्तार किए गए आरोपी का नाम लोकेश है, जो दक्षिणी दिल्ली के तैमूर नगर, नई फ्रेंड्स कॉलोनी का निवासी है। पुलिस ने उसके खिलाफ नए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(2) (हत्या का दोष) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस की जांच और अधिकारियों का बयान
दक्षिण जिला के डीसीपी अनंत मित्तल ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच में साफ जाहिर हो चुका है कि यह हत्या किसी पुरानी दुश्मनी या साजिश का नतीजा नहीं है, बल्कि सिर्फ एक अचानक भड़के मामूली विवाद का परिणाम है। डीसीपी ने उस भीड़ की भी प्रशंसा की जिसने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को पकड़कर पुलिस को सौंपा, वरना आरोपी का मौके से फरार होना आसान हो सकता था।
पुलिस अब पूरे मामले को हर एंगल से खंगाल रही है। एम्स मेट्रो स्टेशन और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि यह साफ हो सके कि विवाद की शुरुआत वास्तव में किस बात से हुई और झगड़े के दौरान कौन-कौन लोग मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी रिकॉर्ड किए जा रहे हैं।
























