ऋषी तिवारी
Delhi News : राजधानी दिल्ली और आर्थिक राजधानी मुंबई में एलपीजी (LPG) सिलेंडर की भारी किल्लत ने आम जनता की जिंदगी दूभर कर दी है। सिलेंडर की आपूर्ति में आ रही दिक्कतों के कारण काला बाजार (ब्लैक मार्केट) ज्यादा फल-फूल रहा है, जहां सरकारी दरों के मुकाबले कई गुना महंगे दामों पर सिलेंडर बेचे जा रहे हैं। संकट इतना गहरा है कि झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों को खाना बनाने के लिए लकड़ी और कोयले का सहारा लेना पड़ रहा है।
ब्लैक मार्केट में मची महंगाई
बता दें कि दिल्ली में स्थिति यह है कि जहां पहले एक घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत लगभग 900 रुपये थी, वहीं अब काले बाजार में यह सिलेंडर 4,000 रुपये तक में बिक रहा है। वहीं, छोटे सिलेंडरों में मिलने वाली लूज गैस की कीमत भी 100 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 400 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है। दिहाड़ी मजदूरों के लिए यह कीमतें अपनी जेब के अनुकूल बिल्कुल नहीं हैं।
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झुग्गी बस्तियों में हाहाकार
दिल्ली के गोविंदपुरी स्थित नवजीवन कैंप और जेजे क्लस्टर जैसी झुग्गी बस्तियों में संकट का सबसे ज्यादा असर दिख रहा है। यहां रहने वाली महिलाओं का कहना है कि गैस एजेंसियों पर सिलेंडर न मिलने के कारण उन्हें ब्लैक मार्केट से सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है, वरना घर में खाना ही नहीं बन पा रहा है। एक महिला ने बताया, “परिवार में 10 सदस्य हैं। 4,000 रुपये का सिलेंडर खरीदना और घर चलाना बहुत मुश्किल हो रहा है।” उन्होंने कहा कि कई लोग मजबूरी में लकड़ी जलाकर खाना बना रहे हैं।
डिलीवरी बॉय और मजदूरों की परेशानी
एक डिलीवरी बॉय ने बताया कि कमर्शियल और घरेलू दोनों तरह के सिलेंडरों की कमी से उनकी नौकरी भी दांव पर लग गई है। उन्होंने कहा, “सरकार ने सिलेंडर बुक करने की अवधि 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दी है, लेकिन बुकिंग के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहा है।” स्थानीय लोगों ने गैस एजेंसियों पर भी नाराजगी जताई है, जो उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही हैं। वे कहते हैं कि किराया और रोज का खर्च निकालने के बाद इतना महंगा सिलेंडर खरीदना उनके बस की बात नहीं है।
मुंबई में कोयले का इस्तेमाल
दिल्ली के साथ-साथ मुंबई में भी हालत बेहाल हैं। कमर्शियल गैस की कमी के कारण वहां के छोटे दुकानदारों और खाने-पीने के ठेले वालों का खर्चा बढ़ गया है। कई दुकानदार मजबूर होकर कोयले का इस्तेमाल करने लगे हैं। वहीं, कुछ ने बढ़ते खर्च को काबू करने के लिए खाने के दाम बढ़ा दिए हैं। मुंबई के एक दुकानदार ने इस स्थिति को ‘कोरोनाकाल से भी बदतर’ बताया है। उनकी उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही इस समस्या का समाधान करेगा।























