Bihar News: अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस (May Day) के मौके पर आरजेडी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार की एनडीए सरकार, विशेषकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर जमकर निशाना साधा। भाजपा को ‘नाम बदलने के विशेषज्ञ’ करार देते हुए उन्होंने तंज कसा कि बिहार का नाम बदलकर ‘श्रमिक प्रदेश’ कर दिया जाना चाहिए।
तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक बयान में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नाम लिए बिना ही तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि नाम बदलने के विशेषज्ञ भाजपाइयों, खासकर बिहार के नए-नवेले मुख्यमंत्री को श्रमिक दिवस का नाम बदलकर ‘बिहार समर्पित दिवस’ अथवा बिहार का नाम बदलकर ‘श्रमिक प्रदेश’ कर देना चाहिए।” उनका यह बयान भाजपा की नामकरण की राजनीति पर करारा व्यंग्य माना जा रहा है।
‘पलायन रोकने की दिशा में नाकाम सरकार’
उद्योगों के मामले में पिछड़ेपन और मजदूरों के पलायन को लेकर तेजस्वी ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि पिछले 21 सालों में बिहार औद्योगिक उत्पादन में काफी पीछे है, लेकिन श्रमिकों की आपूर्ति में नंबर वन पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि डबल इंजन सरकार की पूंजीपरस्त और गरीब विरोधी नीतियों के कारण हर साल बड़ी संख्या में लोग रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों का रुख करने पर मजबूर हैं, लेकिन सरकार पलायन रोकने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है।
‘बाहर गाली-गोली खाते हैं बिहारी’
प्रवासी मजदूरों की स्थिति पर चिंता जताते हुए आरजेडी नेता ने कहा कि दूसरे राज्यों में ‘बिहारी’ लोगों को कभी गोली तो कभी गाली मिलती है और इसके लिए पूरी तरह से एनडीए सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने याद दिलाया कि नोटबंदी, कोरोना लॉकडाउन और रसोई गैस संकट जैसे आपदाओं में बिहार के प्रवासी मजदूर सबसे अधिक प्रभावित हुए, लेकिन सरकार ने उनके लिए कोई राहत की व्यवस्था नहीं की।
‘लौटे मजदूरों के लिए कोई व्यवस्था नहीं’
तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि आज जब बड़ी संख्या में मजदूर और कामगार बिहार लौट रहे हैं, तब राज्य सरकार उनके रोजगार और आजीविका के लिए कोई समुचित व्यवस्था नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि देश की नींव रखने वाले श्रमिकों के उत्थान पर सकारात्मक चर्चा का अभाव पीड़ादायक है।
उन्होंने सरकार पर साफ तौर पर बेईमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि श्रमिकों, उनके परिवारों, गांवों और प्रदेश की प्रगति के बिना ‘विकसित भारत’ की बात करना बेईमानी है।
तेजस्वी की अपील
अपने बयान के अंत में तेजस्वी यादव ने राज्य के लोगों से अपील की कि विश्व श्रमिक दिवस के मौके पर बिहार से होने वाले पलायन को रोकने और यहां के श्रमिकों के जीवन में गुणात्मक सुधार के लिए ठोस कदम उठाने का संकल्प लिया जाए।























