संदिप कुमार गर्ग
नोएडा। नोएडा में अवैध शराब की तस्करी के खिलाफ थाना एक्सप्रेसवे पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे की सिंगल सर्विस रोड पर छपरौली कट के पास एक बारह चक्का टाटा ट्रक को पकड़कर करीब एक करोड़ रुपये कीमत की 570 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की है।
पुलिस के मुताबिक शराब को ट्रक में प्लाई बोर्ड के नीचे बेहद शातिर तरीके से छिपाया गया था। इस मामले में पुलिस ने सुनील कुमार पुत्र राजेन्द्र कुमार निवासी लुधियाना, पंजाब, उम्र 36 वर्ष को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब शराब तस्करी से जुड़े गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
एडीसीपी नोएडा मनीष कुमार मिश्र के अनुसार, बिहार में 1 अप्रैल 2016 से शराबबंदी लागू होने के बाद वहां शराब की अवैध तस्करी का नेटवर्क सक्रिय हुआ। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने बताया कि पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में शराब अपेक्षाकृत सस्ती मिलती है। इसी अंतर का फायदा उठाकर गिरोह के सदस्य शराब खरीदकर बिहार में ऊंचे दामों पर बेचते हैं।
आरोपी के मुताबिक आगामी दीपावली और अन्य अवकाशों के दौरान शराब की मांग बढ़ने की संभावना को देखते हुए इस खेप को बिहार ले जाया जा रहा था।
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने चंडीगढ़ से अंग्रेजी शराब की 570 पेटियां ट्रक में लोड कराईं। पुलिस से बचने के लिए शराब को प्लाई बोर्ड के बीच छिपाया गया था।
आरोपी रास्ता बदल-बदलकर ट्रक को बिहार ले जा रहा था। इस बार वह दिल्ली में प्रवेश करने के बाद नोएडा के सेक्टरों के मुख्य मार्गों और एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड से आगे बढ़ रहा था। पुलिस के मुताबिक आरोपी का अगला रास्ता मुरादाबाद होते हुए बिहार जाने का था।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि इस शराब की खेप को बिहार पहुंचाने के बाद उसे करीब 40 से 50 लाख रुपये का मुनाफा होने की उम्मीद थी। हालांकि, इससे पहले ही थाना एक्सप्रेसवे पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से शराब से भरा बारह चक्का टाटा ट्रक बरामद कर लिया है। बरामद शराब की कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई गई है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस शराब तस्करी नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और शराब की खेप बिहार में किसे पहुंचाई जानी थी।
नोएडा पुलिस की इस कार्रवाई के बाद शराब तस्करी से जुड़े गिरोह में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और तस्करी के पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है।


























