संदिप कुमार गर्ग
नोएडा। पूरी दुनिया 14 मार्च को विश्व किडनी दिवस मनाती है। विश्व किडनी दिवस एक वार्षिक अभियान है, जिसका उद्देश्य किडनी के महत्व और किडनी रोगों के खतरों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। रोकथाम और उपचार को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष की थीम, ‘किडनी और महिला स्वास्थ्य: शामिल करें, मूल्य, सशक्त बनाएं’ है, जो किडनी स्वास्थ्य के प्रबंधन में महिलाओं के सामने आने वाली अनूठी चुनौतियों पर प्रकाश डालती है।
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हर साल 14 मार्च को विश्व किडनी दिवस (World Kidney Day) मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को किडनी के महत्व, किडनी रोगों के बढ़ते खतरे और समय रहते इसकी रोकथाम व उपचार के प्रति जागरूक करना है। किडनी शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में शामिल है, लेकिन इसके बावजूद किडनी से जुड़ी बीमारियों का कई बार शुरुआती चरण में पता नहीं चल पाता।
इस वर्ष विश्व किडनी दिवस की थीम ‘किडनी और महिला स्वास्थ्य: शामिल करें, मूल्य, सशक्त बनाएं’ है। यह थीम महिलाओं के किडनी स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने और किडनी रोगों से जुड़ी उन चुनौतियों को समझने पर जोर देती है, जिनका सामना महिलाओं को करना पड़ता है।
शरीर के लिए क्यों जरूरी हैं किडनी?
ग्रेटर नोएडा स्थित फोर्टिस हॉस्पिटल के नेफ्रॉलजिस्ट कंसल्टेंट डॉ. संकेत पाटिल के अनुसार, किडनी शरीर को स्वस्थ रखने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। किडनी ब्लड से अपशिष्ट पदार्थों और अतिरिक्त तरल पदार्थ को फिल्टर करके शरीर से बाहर निकालने में मदद करती हैं।
इसके अलावा किडनी ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने, शरीर में तरल पदार्थों का संतुलन बनाए रखने और लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में मदद करने वाले हार्मोन के उत्पादन में भी अहम भूमिका निभाती हैं।
यही वजह है कि किडनी स्वास्थ्य को नजरअंदाज करना कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।
किडनी की बीमारी का देर से क्यों चलता है पता?
किडनी रोग की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक यह है कि शुरुआती चरण में इसके लक्षण अक्सर स्पष्ट नहीं होते। व्यक्ति सामान्य महसूस कर सकता है और उसे यह अंदाजा भी नहीं होता कि उसकी किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है।

कई मामलों में जब लक्षण दिखाई देने लगते हैं, तब तक बीमारी काफी बढ़ चुकी होती है। इसलिए समय-समय पर स्वास्थ्य जांच और किडनी की कार्यक्षमता की जांच कराना महत्वपूर्ण माना जाता है, खासकर उन लोगों के लिए जिनमें किडनी रोग का जोखिम अधिक है।
विश्व किडनी दिवस की इस साल की थीम महिलाओं के किडनी स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान आकर्षित करती है। महिलाओं में कुछ स्वास्थ्य स्थितियां किडनी को प्रभावित कर सकती हैं। गर्भावस्था के दौरान होने वाली कुछ जटिलताएं और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी किडनी के स्वास्थ्य पर असर डाल सकती हैं।
इसलिए महिलाओं के लिए अपने स्वास्थ्य के साथ-साथ किडनी की देखभाल और नियमित स्वास्थ्य जांच को भी प्राथमिकता देना जरूरी है।

























