UP News: उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटे से चल रहे तेज आंधी, बारिश और आकाशीय बिजली ने कहर मचा दिया है। इस भयंकर मौसम ने प्रदेश के कई हिस्सों में तबाही मचाई है, जिसमें 24 लोगों की जान जाने का दुखद समाचार सामने आया है। वहीं, कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। सोमवार सुबह से ही खराब मौसम के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
आगरा में दर्दनाक हादसा, मासूमों की गई जान
मौसम की मार सबसे ज्यादा आगरा में देखने को मिली, जहां एक मकान का लिंटर गिरने से दो मासूम भाई-बहन की मौत हो गई। हादसे में उनके माता-पिता और एक अन्य बहन गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसी तरह संभल जिले में बारिश के दौरान मकान की छत ढहने से एक छात्रा की दर्दनाक मौत हो गई।
पूर्वांचल से लेकर बुंदेलखंड तक तबाही
पश्चिमी यूपी से लेकर पूर्वांचल तक आकाशीय बिजली और तेज हवाओं ने जानलेवा अंदाज दिखाया।
- गोरखपुर और बस्ती मंडल: आंधी और बिजली गिरने से 4 लोगों की मौत।
- गाजीपुर: 3 लोगों की मौत।
- बलिया और बागपत: एक-एक व्यक्ति की मौत।
- बुंदेलखंड: 2 लोगों की जान चली गई।
- अन्य जिले: गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और अंबेडकरनगर में भी आकाशीय बिजली गिरने से दो युवकों की मौत हुई।
हवाई सेवाएं भी प्रभावित, जलभराव की समस्या
गोरखपुर में खराब मौसम का असर हवाई सेवाओं पर भी भारी पड़ा। तेज आंधी और कम दृश्यता के चलते तीन उड़ानों को दूसरे एयरपोर्ट के लिए डायवर्ट करना पड़ा, जबकि एक फ्लाइट को रद्द करना पड़ा। इससे यात्रियों को भारी परेशानी हुई। इसके अलावा, कई इलाकों में पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है और सड़कों पर जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है।
किसानों की मेहनत पर फिरा पानी
इस तबाही का सबसे बड़ा आर्थिक आघात किसानों पर पड़ा है। तेज आंधी और बारिश के कारण खड़ी आम की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। पेड़ों से गिरे आम खेतों में बिखर गए हैं, जिससे किसानों को लाखों का नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
अगले 24 घंटे का अलर्ट, रहें सतर्क
खतरा अभी टला नहीं है। मौसम विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटों के दौरान भी कई जिलों में तेज आंधी (40-50 किमी/घंटा), बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है।
प्रशासन की अपील:
- खराब मौसम के दौरान घरों से बाहर न निकलें।
- पेड़ों, बिजली के खंभों और दीवारों के पास न खड़े रहें।
- खुले मैदानों में न जाएं।
वहीं, प्रशासन और राहत एवं बचाव टीमें प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी बनाए हुए हैं और राहत कार्य में जुटी हुई हैं।
























