War again in the Middle East: पश्चिम एशिया (मध्य पूर्व) में जारी तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर ईरान की ओर से लगातार दूसरे दिन बड़े पैमाने पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए गए हैं। UAE के रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार देर रात हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि उसने अपना एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह एक्टिव कर दिया है और आसमान से गिर रही आवाजें दुश्मन की मिसाइलों और ड्रोनों को नष्ट होने की हैं।
लगातार दूसरे दिन संघर्ष विराम की अनदेखी
यह हमला ईरान की ओर से UAE पर लगातार दूसरे दिन किया गया है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, मंगलवार रात बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज़ मिसाइलों और ड्रोन्स के एक बड़े कवायद को इंटरसेप्ट (रोका) गया। इससे पहले सोमवार को भी ईरान ने UAE पर हमला किया था, जिसमें UAE ने 15 मिसाइलों और 4 ड्रोनों को सफलतापूर्वक नाकाम किया था।
बता दें कि 8 अप्रैल को अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर (संघर्ष विराम) हुआ था, लेकिन ये हमले उस समझौते की धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे हैं। ये हमले ऐसे समय में हुए हैं जब अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने की दिशा में कदम बढ़ा रहा था।
फुजैराह में बड़ी आग, 3 भारतीय घायल
सोमवार के हमले का असर काफी विनाशकारी रहा। फुजैराह ऑयल इंडस्ट्री जोन में एक ड्रोन हमले से भयंकर आग लग गई। इस हमले में तीन भारतीय नागरिकों समेत कई लोग घायल हो गए। UAE अधिकारियों के मुताबिक, ईरान ने अबू धाबी की सरकारी तेल कंपनी (ADNOC) के एक खाली कच्चे तेल के टैंकर पर भी हमला किया, जब वह होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश कर रहा था।
ईरान की चुप्पी, अमेरिका पर आरोप
हमले के बावजूद ईरान सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, ईरान ने एक बयान जारी कर इस पूरे संघर्ष के लिए “अमेरिका की सैन्य मनमानी” को ज़िम्मेदार ठहराया है।

ट्रंप का बड़ा दावा- “ईरान समुद्र की तलहटी में जा चुका”
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर बेहद तीखा प्रहार किया है। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान को बहुत बुरी तरह से करारी हरा दी है। ट्रंप ने कहा कि अब वे (ईरान) छोटी-छोटी नावों तक सिमट गए हैं, जिनके आगे मशीन गन लगी हैं। उनके पास जितने भी बड़े जहाज थे, वे सब समुद्र की तलहटी में पानी के नीचे पड़े हैं।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर ट्रंप ने साफ चेतावनी दी कि ये बीमार लोग हैं, और हम इन पागलों के हाथ में कभी भी परमाणु हथियार नहीं जाने देंगे। उन्होंने कहा कि अब ईरान बस अपने वजूद को बचाने की कोशिश कर रहा है। वर्तमान स्थिति देखते हुए पश्चिम एशिया में एक बार फिर से बड़े युद्ध की आशंका बढ़ती जा रही है।























