Labour Code: अगर आप नौकरी पेशा हैं, तो आपके लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर है। नए लेबर कोड (Labour Code) के तहत कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए कुछ बड़े बदलाव किए गए हैं। अब नौकरी छोड़ने या निकाले जाने के बाद कंपनी से पैसा निकालने के लिए महीनों तक भटकना नहीं पड़ेगा। सरकार ने फुल एंड फाइनल (FnF) सेटलमेंट के नियमों में बड़ा बदलाव कर दिया है।
क्या है नया नियम?
अगर आप किसी कंपनी में नौकरी करते हैं और अब वह छोड़ रहे हैं, या कंपनी आपको निकाल रही है, या फिर कंपनी ही बंद हो जा रही है, तो आपको अब सिर्फ 2 दिनों में आपका पूरा बकाया पैसा मिल जाएगा। ‘कोड ऑन वेजेस, 2019’ (Code on Wages, 2019) के तहत यह नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। इसके तहत कंपनियों को कर्मचारियों का फुल एंड फाइनल (FnF) सेटलमेंट सिर्फ 2 वर्किंग डेज (कार्य दिवस) के अंदर करना अनिवार्य होगा। हालांकि, कुछ विशेष शर्तों वाले मामलों में कंपनी इस सेटलमेंट को 1 महीने तक के लिए बढ़ा सकती है।
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पहले क्या होता था?
अभी तक का नियम कर्मचारियों के लिए काफी मुश्किल भरा था। नौकरी छोड़ने या छूट जाने के बाद बकाया पैसा पाने के लिए कर्मचारियों को 40 से 45 दिन, और कभी-कभी 90 दिन तक का इंतजार करना पड़ता था। इससे उन्हें घर का किराया, रोजमर्रा के खर्चे और EMI जैसी जरूरतों को पूरा करने में भारी दिक्कत होती थी। अब ये परेशानी खत्म होने जा रही है।
FnF सेटलमेंट में क्या-क्या शामिल होता है?
फुल एंड फाइनल सेटलमेंट का मतलब सिर्फ आखिरी महीने की सैलरी नहीं होती। इसमें कई चीजें शामिल होती हैं:
- आखिरी महीने की सैलरी: जितने दिन काम किया है, उस हिसाब से (प्रो-रेटा) सैलरी।
- छुट्टियों का पैसा (Leave Encashment): जो छुट्टियां बची हुई थीं, उनका पैसा।
- बोनस और इन्सेंटिव: परफॉर्मेंस के आधार पर जो बोनस या इन्सेंटिव बनता है।
- रिइम्बर्समेंट: ऑफिस के काम से की गई यात्रा या अन्य खर्चों का बकाया।
- कटौती (Deductions): इसमें टैक्स (TDS), एडवांस सैलरी, लोन या कंपनी का कोई सामान वापस न करने पर जो पैसा काटा जाता है, वह भी शामिल होता है।
सबसे बड़ा बदलाव: अब 1 साल में मिलेगी ग्रेच्युटी!
नए लेबर कोड में ग्रेच्युटी (Gratuity) को लेकर भी एक ऐतिहासिक बदलाव किया गया है। पहले किसी भी कर्मचारी को ग्रेच्युटी पाने के लिए एक ही कंपनी में लगातार 5 साल काम करना जरूरी था। लेकिन नए नियम के तहत, अब सिर्फ 1 साल की नौकरी पूरी करने के बाद ही कर्मचारी ग्रेच्युटी का लाभ उठा सकेंगे। साथ ही, कंपनी को यह ग्रेच्युटी का भुगतान कर्मचारी के नौकरी छोड़ने या निकाले जाने के 30 दिन के अंदर करना होगा।
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ये बदलाव भारतीय कामगारों और कॉर्पोरेट कर्मचारियों के लिए किसी बड़ी राहत से कम नहीं है। अब कंपनी छोड़ने के बाद आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ेगा और 1 साल के काम का भी पूरा सम्मान और पैसा मिलेगा।



























