Ghaziabad News: पुलिस महकमे में अनुशासन और जवाबदेही लाने के लिए गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट ने सोमवार को सख्त कदम उठाया है। पुलिस आयुक्त जे. रविन्द्र गौड़ के निर्देश पर ड्यूटी में लापरवाही, अनुशासनहीनता और आम जनता के साथ दुर्व्यवहार के आरोपों में लिप्त 5 पुलिसकर्मियों को निलंबित (सस्पेंड) और एक को लाइन हाजिर किया गया है। इस कार्रवाई के बाद पूरे पुलिस महकमे में सतर्कता का माहौल है।
दिनभर चली समीक्षा बैठक में जोनल डीसीपी और अन्य अधिकारियों ने मामलों की जांच के आधार पर ये त्वरित निर्णय लिए। यहां है पूरा मामला:
ये रहे कार्रवाई का आरोप और निशाना:
- साहिबाबाद थाना: यहां तैनात उपनिरीक्षक (SI) गौरव खरेड़ा को आम नागरिकों के साथ दुर्व्यवहार करने और अमर्यादित भाषा के प्रयोग के आरोप में तत्काल निलंबित कर दिया गया।
- नंदग्राम थाना: यहां ड्यूटी के दौरान अनुशासनहीनता और स्वेच्छाचारिता बरतने पर उपनिरीक्षक आकाश कुमार राय, मुख्य आरक्षी अरुण कुमार और आरक्षी सुनील कुमार को निलंबित किया गया है।
- अंकुर विहार थाना: डाबर तालाब चौकी के कार्यवाहक प्रभारी उपनिरीक्षक अवनीश कुमार को लापरवाही के मामले में लाइन हाजिर कर दिया गया है।
‘जीरो टॉलरेंस’ का सख्त संदेश
पुलिस आयुक्त जे. रविन्द्र गौड़ ने इस कार्रवाई के बाद पूरे महकमे को स्पष्ट संदेश दिया है कि पुलिस बल में अनुशासन सर्वोपरि है। उन्होंने कहा, “किसी भी स्तर पर लापरवाही, मनमानी या जनता के साथ अभद्र व्यवहार को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” उन्होंने हर पुलिसकर्मी से अपनी जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी, संवेदनशीलता और पेशेवर अंदाज में निभाने की अपेक्षा की है।
जनता के भरोसे को मजबूत बनाने का प्रयास
कमिश्नरेट पुलिस ने आम नागरिकों को भरोसा दिलाया है कि कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और पुलिसिंग में पूर्ण पारदर्शिता लाने के लिए अनुशासनहीनता पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति जारी रहेगी। अधिकारियों का मानना है कि ऐसी सख्त कार्रवाई से न सिर्फ पुलिस की कार्यप्रणाली में सुधार आएगा, बल्कि आमजन का पुलिस प्रशासन पर विश्वास भी और गहरा होगा।

























