Delhi News: उत्तर-पूर्वी जिले में शिक्षा से वंचित बच्चों को वापस स्कूलों की बेंच तक पहुंचाने के लिए एक महत्वाकांक्षी अभियान ‘आओ स्कूल चलें हम’ की शुरुआत की गई है। जिला विकास समिति (डीडीसी) की ओर से शुरू इस मुहिम का लक्ष्य उन बच्चों की पहचान करना और उनके दस्तावेज तैयार कराना है, जो कागजी कार्रवाई के अभाव में स्कूलों से वंचित रह गए हैं।
अभियान का नेतृत्व डीडीसी अध्यक्ष जितेंद्र महाजन कर रहे हैं। शुरुआती चरण में टीमें अशोक नगर और लाल बाग की झुग्गी-झोपड़ियों में पहुंचकर ऐसे बच्चों की स्क्रीनिंग कर रही हैं। अब तक की गई पहचान के मुताबिक, अशोक नगर क्षेत्र की झुग्गियों से 36 और लाल बाग से 80 अधिक ऐसे बच्चों को चिन्हित किया गया है, जिनका दस्तावेजीकरण अधूरा होने के कारण उनका स्कूल में दाखिला अब तक नहीं हो पाया था।
दस्तावेजों के अभाव में रुकी थी पढ़ाई
बता दें कि डीडीसी अध्यक्ष जितेंद्र महाजन ने बताया कि यह अभियान खासतौर पर उन बच्चों के लिए चलाया जा रहा है जिनके पास जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड जैसे बुनियादी दस्तावेज नहीं हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता के आह्वान पर यह कार्य शुरू किया गया है, ताकि जिले का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। कई परिवारों के पास अपने दस्तावेज नहीं होते, जिससे बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड नहीं बन पाते और स्कूलों के दरवाजे उन पर बंद हो जाते हैं।
विशेष शिविरों के जरिए होगा समाधान
जिले के डीएम अजय कुमार के निर्देशन में अब इन बच्चों का रजिस्ट्रेशन कराने और जरूरी दस्तावेज बनाने की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि बच्चों को आसानी से स्कूलों में दाखिला दिलाने के लिए विशेष शिविर लगाए जाएंगे। अभियान के अगले चरण में टीम लालबाग की झुग्गी बस्तियों में कैंप लगाएगी। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य केवल दस्तावेज बनवाना नहीं, बल्कि हर बच्चे को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है। जहां-जहां से भी ऐसे मामलों की मांग आएगी, वहां भी शिविरों का आयोजन कर बच्चों को स्कूल भेजा जाएगा।




















