कॉकरोच जनता पार्टी चींटी जनता पार्टी
---Advertisement---

लेबनान में इजराइली हमलों के बाद ईरान ने अमेरिका के साथ रोकी अप्रत्यक्ष वार्ता

तस्नीम ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ईरान ने मध्यस्थों के जरिए अमेरिका के साथ हो रही अप्रत्यक्ष बातचीत और संदेशों के आदान-प्रदान पर रोक लगा दी है। ईरानी अधिकारियों का मानना है कि लेबनान में संघर्ष-विराम का इजराइली उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

तेहरान का बड़ा फैसला: अमेरिका के साथ बातचीत ठप्प, होर्मुज बंद करने की धमकी

HIGHLIGHTS

  • ईरान ने मध्यस्थों के जरिए संदेश भेजना भी किया बंद
  • लेबनान संकट के बीच तेहरान ने तोड़े कूटनीतिक रिश्ते
  • प्रतिरोध मोर्चा सक्रिय: ईरान ने खोले नए मोर्चे के संकेत
  • अमेरिका के साथ समझौते की संभावनाएं खत्म
  • इजराइली हमलों से आहत ईरान: अब सिर्फ एक्शन

Iran-US Tensions: मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका के साथ चल रही अप्रत्यक्ष वार्ताओं को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ‘तस्नीम’ ने सोमवार को इस बात की जानकारी दी कि लेबनान में लगातार जारी इजराइली सैन्य अभियानों और संघर्ष-विराम के उल्लंघन के कारण यह कदम उठाया गया है। यह विकास उस समय सामने आया है, जब पूरे क्षेत्र में युद्ध के बढ़ने का खतरा लगातार गहराता जा रहा है और दोनों पक्षों के बीच कूटनीतिक स्तर पर बातचीत करने के रास्ते तेजी से बंद होते दिखाई दे रहे हैं।

तस्नीम ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ईरान ने मध्यस्थों के जरिए अमेरिका के साथ हो रही अप्रत्यक्ष बातचीत और संदेशों के आदान-प्रदान पर रोक लगा दी है। ईरानी अधिकारियों का मानना है कि लेबनान में संघर्ष-विराम का इजराइली उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि यह फैसला इस क्षेत्र में व्यापक संघर्ष-विराम व्यवस्था की बुनियादी शर्तों को लेकर किया गया है। ईरान का रुख साफ है कि जब तक गाजा और लेबनान से जुड़ी उसकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक वार्ताकार दल किसी भी तरह की बातचीत या संदेश के आदान-प्रदान में हिस्सा नहीं लेंगे।

ईरान की कड़ी शर्तें और मांगें

ईरानी विदेश मंत्रालय और वार्ताकारों ने अपनी मांगों को लेकर कोई समझौता नहीं किया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि इजराइल को गाजा और लेबनान में अपने सैन्य अभियानों को तत्काल रोकना होगा। साथ ही, लेबनान के कब्जे वाले क्षेत्रों से इजराइली सेना की पूर्ण वापसी भी आवश्यक है। तस्नीम एजेंसी के अनुसार, ईरान ने चेतावनी दी है, “जब तक इन मुद्दों पर ईरान और प्रतिरोध मोर्चे के रुख पर ध्यान नहीं दिया जाता, तब तक कोई बातचीत नहीं होगी।” यह बयान दर्शाता है कि ईरान अब कूटनीतिक मोर्चे पर पीछे हटने के मूड में नहीं है और वह अपने सहयोगियों के साथ मिलकर एकजुटता का प्रदर्शन करना चाहता है।

बड़ी कार्रवाई की तैयारी

रिपोर्ट में एक और बड़ा खुलासा किया गया है, जो वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा सकता है। ईरान और ‘एक्सिस ऑफ रेसिस्टेंस’ के उसके सहयोगी समूहों ने इजराइली हमलों का करारा जवाब देने की रणनीति बनाई है। सूत्रों के मुताबिक, ईरान ने अतिरिक्त मोर्चे खोलने पर विचार करने का फैसला किया है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण और खतरनाक प्रस्ताव ‘होर्मुज स्ट्रेट’ को पूरी तरह से बंद करने का है।

आपको बता दें कि होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्ग है। यदि ईरान ने यहां नौसैनिक गतिविधियों को रोका, तो इसका सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ेगा, जिससे तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है। इसके अलावा, इजराइल और उसके सहयोगियों पर दबाव बनाने के लिए ‘बाब अल-मन्देब’ जलडमरूमध्य को भी सक्रिय किए जाने की संभावना जताई गई है। यह कदम उठाते हुए ईरान ने संकेत दिए हैं कि अगर इजराइल ने अपनी हरकतें नहीं रोकीं, तो क्षेत्र में युद्ध की सीमा और भी विस्तृत हो सकती है।

विदेश मंत्री अराघची की चेतावनी

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) ने भी इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए अमेरिका और इजराइल को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा, “एक मोर्चे पर किया गया उल्लंघन सभी मोर्चों पर संघर्ष-विराम का उल्लंघन माना जाएगा।” अराघची का यह बयान इस बात का संकेत है कि ईरान गाजा और लेबनान के मुद्दों को अलग-अलग नहीं देखता। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस उल्लंघन की पूरी जिम्मेदारी अमेरिका और इजराइल की होगी। यह बयान उस समय आया है जब अमेरिका दावा करता रहा है कि वह क्षेत्र में स्थिरता लाना चाहता है, लेकिन ईरान अमेरिका को इजराइली कार्रवाइयों का जिम्मेदार ठहरा रहा है।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now