A bizarre pig competition in France: दुनिया भर में टैलेंट दिखाने के लाख तरीके हैं, लेकिन कभी आपने स्टेज पर खड़े होकर किसी इंसान को सूअर की आवाज निकालते देखा है? शायद नहीं! सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा ही बेहद ही अजीबो-गरीब और हास्यास्पद वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।
इस क्लिप में कुछ लोग माइक हाथ में लिए दर्शकों के सामने खड़े हैं और बेहद अजीब आवाजें निकाल रहे हैं। पहली नजर में तो यह किसी स्टैंड-अप कॉमेडी शो या प्रैंक वीडियो जैसा लगता है, लेकिन सच्चाई कुछ और ही है। यह कोई मजाक नहीं, बल्कि फ्रांस का एक बेहद अनोखा और दुनिया की सबसे हंसी वाली प्रतियोगिता है, जिसे ‘पिग-स्क्वीलिंग चैंपियनशिप’ के नाम से जाना जाता है।
जहां शांति चीख-पुकार में बदल जाती है
यह अजब प्रतियोगिता फ्रांस के दक्षिण-पश्चिमी इलाके में स्थित ‘ट्रिए-सुर-बाइसे’ नाम के एक छोटे से गांव में आयोजित होती है। आम दिनों में इस जगह का माहौल काफी शांत और सुकून भरा रहता है, लेकिन जब यह वार्षिक उत्सव आता है, तो यहां की तस्वीर ही बदल जाती है। इस साल इस फेस्टिवल का 43वां संस्करण आयोजित हुआ, जिसे देखने के लिए करीब 4,000 लोगों का हुजूम इस छोटे से गांव में उमड़ पड़ा। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि यह भीड़ गांव की कुल आबादी से कई गुना ज्यादा थी।
बस सूअर बनने का टैलेंट
आमतौर पर किसी भी कॉम्पिटीशन में आपको रेस दौड़नी होती है, या फिर स्टेज पर डांस और सिंगिंग का मुकाबला होता है। लेकिन इस अनोखे आयोजन में कुछ और ही होता है। यहां प्रतिभागियों को अपनी गले की मांसपेशियों और आवाज का इस्तेमाल करके सूअर की अलग-अलग तरह की आवाजें निकालनी होती हैं। कोई प्रतियोगी सूअर के सामान्य गुर्राने की आवाज की नकल करता है, तो कोई उसकी तेज और चीखने वाली आवाज को कॉपी करने की कोशिश करता है। जज इस बात पर पैनी नजर रखते हैं कि किस प्रतियोगी ने आवाज की टाइमिंग, टोन और असली अंदाज को सबसे बेहतर तरीके से कॉपी किया है। जो व्यक्ति सबसे रियलिस्टिक साउंड निकालता है, उसे ही विजेता घोषित कर दिया जाता है।
दुनियाभर से आते हैं प्रतिभागी
यह मुकाबला अब सिर्फ फ्रांस के स्थानीय लोगों तक सीमित नहीं रह गया है। इसकी अनोखेपन के चलते विदेशी पर्यटक और प्रतिभागी भी इसमें हिस्सा लेने पहुंचते हैं। इस बार के आयोजन में टूलूज (Toulouse) में पढ़ाई कर रहे एक मैक्सिकन इंजीनियरिंग स्टूडेंट ने भी भाग लिया था। प्रतिभागियों के लिए यह सिर्फ मजाक-मजाक में करने वाली बात नहीं है। उन्हें काफी मेहनत और रिहर्सल करनी पड़ती है, ताकि उनकी आवाज में वो असलियत झलके जो जज को इम्प्रेस कर सके।
इस अजीब खेल के असली ‘बादशाह’
किसी भी खेल में एक चैंपियन होता है, तो ऐसा ही इस पिग-स्क्वीलिंग चैंपियनशिप में भी है। नोएल जामे इस मुकाबले के सबसे दिग्गज और चर्चित चेहरे हैं। वह अब तक इस खिताब को 9 बार अपने नाम कर चुके हैं और इस अजीबो-गरीब रिकॉर्ड के होल्डर हैं। नोएल की मौजूदगी मुकाबले की रौनक को कई गुना बढ़ा देती है। नए प्रतिभागियों के लिए उन्हें हराना कोई आसान काम नहीं है, लेकिन फिर भी हर साल लोग उन्हें चुनौती देने स्टेज पर आते हैं।
आखिर सूअर की आवाज ही क्यों? जानिए इतिहास को
अगर आप सोच रहे हैं कि आखिर इंसानों ने सूअर की आवाज निकालने की प्रतियोगिता क्यों शुरू की? तो इसके पीछे एक ठोस वजह है। दरअसल, ट्रिए-सुर-बाइसे और उसके आसपास का इलाका कृषि प्रधान है और यहां सूअर पालना (Pig Farming) काफी प्रचलित रहा है। यह प्रतियोगिता उसी ग्रामीण जीवन, खेती और सूअरों से जुड़ी लोकगीतों व माहौल को एक मजेदार अंदाज में दुनिया के सामने प्रस्तुत करने के लिए शुरू की गई थी। समय के साथ यह स्थानीय आयोजन से निकलकर एक अंतरराष्ट्रीय पहचान बन गया है।
सोशल मीडिया पर लोगों के अजीब रिएक्शन्स
जब इस प्रतियोगिता के वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किए गए, तो इंटरनेट पर तहलका मच गया। शुरुआत में लोगों को यकीन ही नहीं हो रहा था कि कोई इंसान माइक लेकर इतनी अच्छी तरह से जानवर की आवाज कैसे निकाल सकता है। कुछ यूजर्स ने तो यह कमेंट किया कि “दुनिया में टैलेंट दिखाने के लिए इंसान किसी भी हद तक जा सकता है।” वहीं, कई लोगों ने इसे ‘वर्स्ट एंड फनीएस्ट टैलेंट शो’ बताया।


























