Delhi News: आतिथ्य क्षेत्र (Hospitality Sector) के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की अध्यक्षता में कल वाणिज्य भवन, नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में ‘आहार’ (AHAR – एसोसिएशन ऑफ होटल्स एंड रेस्टोरेंट्स) के प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों ने भाग लिया। बैठक में संगीत लाइसेंसिंग को सरल बनाने और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देने पर गहन चर्चा हुई।
इस बैठक में DPIIT (उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग) की ओर से वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अध्यक्षता की। इसमें DPIIT सचिव अमरदीप सिंह भाटिया, समन्वय समिति (सिंगल विंडो) के अध्यक्ष अनूप जलोटा, विशिष्ट पैनल सदस्य सोनू निगम, कॉपीराइट निदेशक सिमरन कौर और DPIIT टीम शामिल थी।
आहार (AHAR) के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अध्यक्ष विजय के. शेट्टी ने किया। इसमें कॉपीराइट चेयरमैन विलास झवेरी, पुलिस समिति अध्यक्ष डॉ. सतीश बी शेट्टी और अधिवक्ता शेखर मेनन मौजूद रहे।आईए जाते है कि बैठक के मुख्य फैसले और राहत के बारे में……
शादियों और सामाजिक कार्यक्रमों में लाइसेंसिंग शुल्क पर माफी
बता दें कि मंत्री ने अपनी प्रतिक्रिया में स्पष्ट तौर पर कहा कि अब से शादी समारोहों और केवल शादी से संबंधित कार्यक्रमों पर कोई भी शुल्क नहीं लगेगा। DPIIT ने आधिकारिक तौर पर शादी समारोहों के लिए संगीत लाइसेंसिंग शुल्क में छूट दे दी है। यह आतिथ्य क्षेत्र के लिए एक बड़ी राहत है। आहार ने मंत्री जी का आभार व्यक्त किया है कि उन्होंने उद्योग की लंबे समय से लंबित मांग को सुना और इसे मंजूरी दी।
सिंगल विंडो लाइसेंसिंग फ्रेमवर्क (संगीत द्वार) की उम्मीद
आहार (AHAR) एकमात्र ऐसा संगठन है जिसने DPIIT के समक्ष सिंगल विंडो लाइसेंसिंग फ्रेमवर्क की मांग जोर-शोर से उठाई है, जिसे DPIIT ने भी मान्यता दी है। मंत्री जी ने संगीत कंपनियों को टैरिफ रेशनलाइजेशन (शुल्क संशोधन) के लिए एक सप्ताह का समय दिया था, लेकिन मंत्रालय के निर्देश के बाद संगीत कंपनियों ने इसे एक महीने का समय मांगा है। इसका उद्देश्य मनमानी कीमतों को हटाकर एक मानकीकृत, सरकारी मंजूरी प्राप्त प्रणाली लागू करना है।
PPL और Novex द्वारा वसूली पर रोक
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के साथ हुई बैठक के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि सभी शादी समारोह संगीत लाइसेंस शुल्क से मुक्त हैं। PPL और Novex जैसी निजी इकाइयां ऐसे रॉयल्टी की वसूली के लिए अधिकृत नहीं हैं। मंत्रालय ने DPIIT के निरीक्षण में स्पष्ट किया है कि केवल सरकार द्वारा पंजीकृत निकाय, जैसे RMPL और IPRS ही शुल्क वसूल सकते हैं, और उन्हें भी एक महीने के भीतर टैरिफ रेशनलाइजेशन करना होगा।
पीयूष गोयल और DPIIT टीम ने आहार (AHAR) के सकारात्मक प्रयासों की सराहना की और एक महीने बाद टैरिफ रेशनलाइजेशन के लिए संगीत कंपनियों के साथ एक और दौर की चर्चा बुलाने पर सहमति जताई। आहार ने मंत्री का इस महत्वपूर्ण बैठक के लिए समय निकालने के लिए आभार व्यक्त किया है और उद्योग जगत को इस बारे में नवीनतम जानकारी देते रहने का आश्वासन दिया है।

















