संध्या समय न्यूज
UP News: ‘घूसखोर पंडित’ फिल्म के टाइटल को लेकर जारी विवाद अभी थमा भी नहीं था कि उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में ‘पंडित’ शब्द को लेकर एक नया बवाल मच गया है। हाल ही में आयोजित पुलिस भर्ती परीक्षा की पहली शिफ्ट में हिंदी सेक्शन के एक प्रश्न में इस शब्द को विकल्प के रूप में इस्तेमाल किए जाने को लेकर तेज हंगामा हुआ है। सोशल मीडिया और विभिन्न वर्गों में इसको लेकर आक्रोश देखा जा रहा है, जिसके बाद राज्य सरकार ने सक्रिय होकर मामले की जांच का आदेश दे दिया है।
जाने किस सवाल पर उठा विवाद?
दरअसल, भर्ती परीक्षा के हिंदी सेक्शन में एक प्रश्न पूछा गया था- ‘अवसर के अनुसार बदल जाने वाला’ इस वाक्यांश के लिए एक शब्द का चयन कीजिए। इस सवाल के चार विकल्प दिए गए थे, जिनमें-A- पंडित, B- अवसरवादी, C- निष्कपट, D- सदाचारी शामिल थे। इस प्रश्न में ‘पंडित’ शब्द को एक विकल्प के रूप में शामिल किए जाने पर भारी विरोध हो रहा है। आपत्ति जताने वालों का कहना है कि ‘अवसरवादी’ के समानार्थी के रूप में ‘पंडित’ शब्द को रखना समाज के एक विशेष वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है। भर्ती बोर्ड की ओर से भी प्रश्नपत्र में इस सवाल के होने की पुष्टि हो चुकी है।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में आए एक प्रश्न को लेकर जो विकल्प दिए गए उन पर हमे कड़ी आपत्ति है ।सरकार ने गंभीरता से संज्ञान में लिया है। किसी भी प्रश्न से किसी समाज या वर्ग की गरिमा को ठेस पहुँचती है तो यह बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है।
मैं स्पष्ट कहना चाहता हूँ कि किसी भी…
— Brajesh Pathak (@brajeshpathakup) March 14, 2026
डिप्टी सीएम बृजेश पाठक बोले- यह स्वीकार्य नहीं
मामला गंभीर होते देख उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि पुलिस भर्ती परीक्षा में आए इस सवाल के विकल्पों को लेकर गंभीर आपत्ति सामने आई है और सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है। पाठक ने साफ शब्दों में कहा, “यदि किसी प्रश्न के कारण किसी समाज या वर्ग की गरिमा को ठेस पहुंचती है तो यह बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है। किसी भी जाति, समुदाय या परंपरा के प्रति अपमानजनक शब्दों को स्थान नहीं मिलना चाहिए।”
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जांच के आदेश, होगी कड़ी कार्रवाई
उपमुख्यमंत्री ने इस पूरे प्रकरण की तत्काल जांच के निर्देश दे दिए हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी लोग इस प्रश्न को शामिल करने के लिए जिम्मेदार पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार सभी समाजों के सम्मान, समानता और संवेदनशीलता के सिद्धांत पर काम करती है और प्रदेश के हर नागरिक की गरिमा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। फिलहाल, आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।

























