वैशाख पूर्णिमा को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रम

Vaishakh Purnima 2026: सोशल मीडिया पर चल रही ग्रहण की अफवाहों पर विराम लगाते हुए, ज्योतिष विशेषज्ञ सत्य ऋषि ने स्पष्ट किया है कि 1 मई 2026 को वैशाख पूर्णिमा पर कोई भी ग्रहण नहीं लग रहा है। उन्होंने अपनी ज्योतिषीय गणना के आधार पर इन वायरल चर्चाओं को पूरी तरह से निराधार बताया।

वैशाख पूर्णिमा पर ग्रहण का दावा कितना सही?

HIGHLIGHTS

  • सोशल मीडिया पर वायरल ग्रहण की खबर का सच
  • बुद्ध पूर्णिमा 2026: क्या धार्मिक कार्यों पर पड़ेगा असर?
  • 1 मई का ग्रहण: जानिए सच और अफवाह में फर्क
  • क्या बुद्ध पूर्णिमा पर लगेगा चंद्र ग्रहण? भ्रम दूर करें
  • ग्रहण की खबर से मची हलचल: सच्चाई क्या है?

Vaishakh Purnima 2026: इस वर्ष वैशाख पूर्णिमा यानी बुद्ध पूर्णिमा 1 मई 2026 (शुक्रवार) को मनाई जाएगी। हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि को बेहद शुभ माना जाता है, लेकिन इस बार इस शुभ तिथि से पहले ही सोशल मीडिया पर एक खबर तेजी से वायरल हो रही है। वायरल पोस्ट्स में दावा किया जा रहा है कि इस दिन चंद्र ग्रहण लगने वाला है। ऐसे में लोगों के मन में धार्मिक कार्यों को लेकर कन्फ्यूजन पैदा हो गया है। तो आइए जानते हैं कि क्या सच में 1 मई को ग्रहण लगेगा या यह सिर्फ एक अफवाह है।

क्या 1 मई को सच में लगेगा चंद्र ग्रहण?

सोशल मीडिया पर चल रही ग्रहण की अफवाहों पर विराम लगाते हुए, ज्योतिष विशेषज्ञ सत्य ऋषि ने स्पष्ट किया है कि 1 मई 2026 को वैशाख पूर्णिमा पर कोई भी ग्रहण नहीं लग रहा है। उन्होंने अपनी ज्योतिषीय गणना के आधार पर इन वायरल चर्चाओं को पूरी तरह से निराधार बताया। इस दिन स्नान, दान, पूजा और सभी तरह के शुभ धार्मिक कार्य बिना किसी विघ्न के किए जा सकते हैं।

वैशाख पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त

ज्योतिष विशेषज्ञ सत्य ऋषि के अनुसार, वैशाख पूर्णिमा पर स्नान और दान का विशेष महत्व होता है। इस साल यह शुभ समय सुबह 05:33 बजे से 07:30 बजे के बीच रहेगा। इस समयावधि में किए गए स्नान-दान और पूजन को बहुत फलदायी माना जाता है।

आखिर पूर्णिमा पर ग्रहण की चर्चा क्यों होती है?

अक्सर यह सवाल लोगों के मन में उठता है कि जब ग्रहण नहीं लग रहा, तो ऐसी खबरें आखिर कहां से आती हैं? इसका मुख्य कारण खगोल शास्त्र (Astronomy) से जुड़ा है।

  • वैज्ञानिक दृष्टिकोण से, चंद्र ग्रहण हमेशा पूर्णिमा की तिथि और सूर्य ग्रहण अमावस्या की तिथि पर ही लगता है।
  • लेकिन यह जरूरी नहीं कि हर पूर्णिमा या अमावस्या पर ग्रहण लगे।
  • चंद्र ग्रहण तभी संभव होता है जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा एक सीधी रेखा (Straight Line) में आ जाएं और चंद्रमा पृथ्वी की छाया में प्रवेश करे। एक वर्ष में यह स्थिति केवल 2 या 3 बार ही बनती है।

कुछ लोग इसी खगोलीय तथ्य को तोड़-मरोड़कर हर पूर्णिमा पर ग्रहण की अफवाह फैला देते हैं।

बुद्ध पूर्णिमा का विशेष महत्व

वैशाख पूर्णिमा का महत्व सिर्फ हिंदू धर्म तक सीमित नहीं है, बल्कि बौद्ध धर्म में भी इसे अत्यंत पवित्र माना जाता है। इसे ‘बुद्ध जयंती’ या ‘बुद्ध पूर्णिमा’ के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान गौतम बुद्ध का जन्म, ज्ञान प्राप्ति (बोधि) और महापरिनिर्वाण (निर्वाण)—तीनों घटनाएं वैशाख पूर्णिमा की ही तिथि को हुई थीं।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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