ऋषि तिवारी
नई दिल्ली। मोदी सरकार के जन विरोधी बजट के खिलाफ आज नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर विभिन्न केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में सीटू (CITU), एचएमएस, इंटक, एआईयूटीयूसी, यूटीयूसी, सेवा, मेक, एआईसीसीटीयू और आईसीटीयू सहित कई ट्रेड यूनियनों के कार्यकर्ता शामिल हुए।
विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सीटू के राष्ट्रीय महासचिव कामरेड तपन सेन ने केंद्रीय बजट के मजदूर, किसान और आम जनता विरोधी प्रावधानों को रेखांकित किया। उन्होंने सरकार के बजट की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि इसमें देश के मेहनतकश वर्ग और आम जनता के हितों की अनदेखी की गई है।
महंगाई और बेरोजगारी पर कोई ठोस प्रावधान नहीं
सीटू नेता अनुराग सक्सेना ने कहा कि बजट में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक असमानता को नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि आम लोगों की आर्थिक परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन बजट में उन्हें राहत देने के लिए पर्याप्त कदम दिखाई नहीं देते।
सीटू नेता गंगेश्वर दत्त शर्मा ने आरोप लगाया कि यह बजट बड़े औद्योगिक घरानों के हितों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि बजट में जन समस्याओं और जनकल्याणकारी मुद्दों को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं दी गई है।
गंगेश्वर दत्त शर्मा ने कहा, “यह बजट भारत की जनता, किसानों, मजदूरों, गरीबों और बेरोजगारों के साथ धोखा है, क्योंकि इससे आम जनता को कोई वास्तविक राहत मिलने वाली नहीं है।”
नोएडा से भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने लिया हिस्सा
जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध प्रदर्शन में नोएडा से सीटू नेता राम स्वारथ, रमाकांत सिंह, रामसागर और गंगेश्वर दत्त शर्मा सहित कई कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। प्रदर्शन के दौरान विभिन्न केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के राष्ट्रीय नेताओं ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मजदूरों, किसानों, बेरोजगारों और आम जनता की आर्थिक समस्याओं को प्राथमिकता देने तथा बजट में जनकल्याणकारी प्रावधानों को मजबूत करने की मांग की।

























