UP Save the Plants Campaign: उत्तर प्रदेश एक बार फिर वृक्षारोपण का विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में हुई उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक में इस वर्ष एक दिन में 35 करोड़ से अधिक पौधे लगाने का बृहद् लक्ष्य तय किया है। हालांकि, इस बार सरकार का फोकस सिर्फ ‘संख्या’ तक सीमित नहीं है, बल्कि पौधों की ‘जीवितता’ और उनकी सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब सिर्फ पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि उन्हें बचाना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने इसे एक बड़े ‘जन-अभियान’ के रूप में आकार देने के निर्देश दिए हैं।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को मिलेगी नई ऊर्जा
इस बार के अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सीएम योगी ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को तेज करने की अपील की। इसके तहत:
- हर स्कूल और कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों को कम से कम एक पौधा लगाना अनिवार्य होगा।
- प्रदेश के हर आंगनबाड़ी केंद्र में कम से कम 5 सहजन (मोरिंगा) के पौधे लगाए जाएंगे।
सीएम का मानना है कि बच्चों और महिलाओं को जोड़ने से यह सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं रहेगा, बल्कि लोगों की आदत बन जाएगी।
गंगा एक्सप्रेस-वे और नदियों के किनारे होगा मेगा प्लांटेशन
सरकार का इस बार विशेष फोकस बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और नदियों के किनारे हरियाली बढ़ाने पर है।
- गंगा एक्सप्रेस-वे: इस एक्सप्रेस-वे के दोनों किनारों पर बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जाएगा।
- नदी तटीय क्षेत्र: नदियों के किनारे करीब 4.35 करोड़ पौधे लगाने की योजना है, जिससे मिट्टी का कटाव रुकेगा और प्रदूषण में कमी आएगी।
हर पौधे पर रहेगी टेक्नोलॉजी की नजर
पौधों की सुरक्षा और जीवितता सुनिश्चित करने के लिए इस बार तकनीक का भरपूर इस्तेमाल किया जाएगा। ‘हरीतिमा’ ऐप, जीआईएस (GIS) मैपिंग, क्यूआर (QR) कोड ट्रैकिंग और प्लांटेशन मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए हर पौधे की निगरानी की जाएगी। बता दें कि 2025 के सर्वे में लगाए गए पौधों की जीवितता दर 80 प्रतिशत दर्ज की गई थी, जिसे इस बार और बेहतर करने का लक्ष्य है।
50 करोड़ पौधे तैयार कर रहीं नर्सरियां
पौधों की गुणवत्ता और उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश की 1935 मौजूदा नर्सरियों के साथ 34 नई नर्सरियां शुरू की गई हैं। इनमें 50 करोड़ से अधिक पौधे तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें विभिन्न विभागों को मुफ्त में उपलब्ध कराया जाएगा। निजी और उद्यान विभाग की नर्सरियों को भी इस महाअभियान से जोड़ा गया है।
9 साल में 5 गुना बढ़ी पौधरोपण की रफ्तार
बैठक में सामने आए आंकड़े गर्व करने लायक हैं:
- 2009 से 2016: 51.48 करोड़ पौधे लगाए गए।
- 2017 से 2025: यह संख्या बढ़कर 242.13 करोड़ हो गई।
इस दौरान वन और वृक्ष आवरण में 3 लाख 38 हजार एकड़ की बढ़ोतरी हुई है। प्रदेश का हरित आवरण अब 9.96 प्रतिशत पर पहुंच चुका है। सीएम योगी का लक्ष्य 2030 तक इसे 15 प्रतिशत और 2047 तक 20 प्रतिशत तक पहुंचाने का है।
शहीदों के नाम पर बनेंगी वाटिकाएं, अयोध्या में खास योजना
मुख्यमंत्री ने शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में विशेष वन और वाटिकाएं विकसित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, अयोध्या में रामायण काल से जुड़े पौधों को लगाने की एक अनूठी योजना बनाई गई है, जिससे धार्मिक और पर्यावरणीय दोनों पहलू एक साथ निभेंगे।
शेखा झील बनी 12वां रामसर साइट
इस बैठक के दौरान मुख्यमंत्री को शेखा झील पक्षी विहार को ‘रामसर साइट’ घोषित किए जाने का प्रमाण पत्र भी सौंपा गया। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश में रामसर स्थलों की संख्या 12 हो गई है, जो करीब 38,992 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले हैं। 40 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली शेखा झील प्रदेश का सबसे छोटा, लेकिन पक्षियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण रामसर स्थल है।
समय सीमा का ऐलान
मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को 30 मई तक अपनी पूरी कार्ययोजना तैयार करने और समयबद्ध तरीके से काम शुरू करने के सख्त निर्देश दिए हैं। यदि इस योजना में जनभागीदारी अपेक्षित स्तर पर रही, तो यूपी आने वाले वर्षों में ‘हरित क्रांति’ का एक वैश्विक मिसाल बन सकता है।


























