संदिप कुमार गर्ग
नोएडा। गत सप्ताह सरला चोपड़ा डी.ए.वी.पब्लिक स्कूल में कॉर्पोरल पनिशमेंट और POSCO एक्ट पर विद्यालय की प्रधानाचार्या उपासना शर्मा ने शिक्षकगण तथा अन्य स्टाफ सदस्यों के लिए काउंसलिंग सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र का उद्देश्य शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को शारीरिक दंड (Corporal Punishment) और POCSO कानून के बारे में जागरूक करना था। उन्होंने यौन शोषण की पहचान करने, सही समय पर रिपोर्ट करने, वर्चुअल यौन शोषण और कानूनी अधिकारों की जानकारियाँ प्रदान की। उन्होंने विस्तार पूर्वक POCSO अधिनियम की जानकारी,मानसिक, शारीरिक, यौन और भावनात्मक शोषण के प्रकारों पर चर्चा की साथ ही यह भी बताया कि इस यौन शोषण में लड़कियों की तुलना में लड़कों का अधिक शोषण होता है।
वहीं अच्छा और बुरा स्पर्श (Good Touch / Bad touch) और बच्चों हेतु इन स्पर्शों के बीच के अंतर को विस्तारपूर्वक बताया।उन्हें यह समझाया गया कि उनके शरीर पर केवल उनका अधिकार है और कोई भी उन्हें जबरदस्ती छू नहीं सकता।उनके द्वारा यौन शोषण के लक्षणों (Symptoms of Abuse) जैसे-बच्चों में भय, चुपचाप रहना, अचानक गुस्सा आना, पढ़ाई में गिरावट से परिचित कराया ।उन्होंने बताया कि रिपोर्टिंग प्रक्रिया में माता-पिता, स्कूल टीचर, स्कूल की POCSO समिति, पुलिस (100), चाइल्ड हेल्पलाइन (1098) का क्या महत्व है । उन्होंने सरकारी एजेंसियां व गैर-सरकारी संस्थाओं द्वारा बच्चों के काउंसलिंग, कानूनी सहायता, पुनर्वास आदि पर भी प्रकाश डाला ।
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साथ ही उन्होंने इन मामलों को संवेदनशीलता से हैंडल करने की जिम्मेदारियों का भी वर्णन किया।यह सत्र अत्यंत उपयोगी और जागरूकता बढ़ाने वाला रहा। सभी ने विषय को गंभीरता से सुना और कई प्रश्न पूछे। सुश्री उपासना शर्मा ने विषय को सरल भाषा और उदाहरणों के माध्यम से समझाया। इस सत्र से शिक्षकों में बच्चों हेतु आत्म-रक्षा और रिपोर्टिंग के प्रति प्रति आत्मविश्वास बढ़ा।























