A unique Kanwar adorned with currency notes: सावन मास का पवित्र समय भारतीय संस्कृति में भगवान शिव की भक्ति और अपार श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है। इस महीने में उत्तर प्रदेश के विभिन्न मार्गों पर कांवड़ियों का ऐसा सैलाब उमड़ता है, जिसे देखकर कोई भी अविश्वासी भी भक्तिभाव से ओतप्रोत हो जाए। हर साल कांवड़ यात्रा में कुछ न कुछ नया और अनोखा देखने को मिलता है, लेकिन इस बार उत्तर प्रदेश के दो अलग-अलग जिलों—सहारनपुर और हापुड़ से ऐसी खबरें सामने आई हैं, जिन्होंने लोगों के बीच जबरदस्त हलचल मचा दी है।
एक तरफ सहारनपुर में रुपयों के नोटों से सजी लाखों की कांवड़ ने लोगों की भीड़ जुटा दी, तो दूसरी तरफ हापुड़ से दिल्ली पुलिस के दो वरिष्ठ अधिकारियों और एक आईआरएस (IRS) अधिकारी ने साइकिल पर कांवड़ लेकर राष्ट्रीय एकता का अनूठा संदेश दिया। आइए, इस विस्तृत लेख में इन दोनों ही अनूठी और चर्चित घटनाओं पर गौर करते हैं और जानते हैं कि कैसे आस्था अपने रंग-रूप में नई परिभाषाएं दे रही है।
सहारनपुर: लाख रुपये के नोटों से सजी अनोखी कांवड़ ने लगाई भीड़
आमतौर पर कांवड़ियों को बांस के डंडे पर कपड़े, फूलों या बल्बों से सजे हुए देखा जाता है, लेकिन सहारनपुर में एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जो शायद ही पहले कभी देखा गया हो। जगाधरी निवासी दो जबरदस्त शिवभक्तों ने मिलकर ऐसी कांवड़ की तैयारी की, जिसकी कीमत सुनकर हर किसी के होश उड़ जाएंगे। इन दोनों भक्तों ने कुल 2 लाख 70 हजार रुपये के नोटों को इस्तेमाल करके दो अलग-अलग कांवड़ियों को तैयार किया।
इन कांवड़ियों पर 500, 200 और 100 रुपये के नोटों को इतनी सुंदरता से और सटीकता से लगाया गया था कि ये किसी कलाकृति से कम नहीं लग रही थीं। चूंकि सावन मास में बारिश का दौर रहता है, इसलिए इन नोटों को बारिश से बचाने के लिए एक विशेष उपाय किया गया। पूरी कांवड़ को पारदर्शी पॉलिथिन से ढक दिया गया, ताकि नोट न भीगें और लोगों को इन्हें आसानी से देखने में भी कोई परेशानी न हो।
भीड़ उमड़ी सड़कों पर
जिस रास्ते से ये शिवभक्त अपनी इस अनूठी कांवड़ लेकर निकल रहे थे, वहां का नजारा अद्भुत था। आते-जाते लोगों, वाहन चालकों और राहगीरों का तांता लग गया। हर कोई रुककर इस कांवड़ की तरफ टकटकी लगा रहा था। कुछ लोग तो आस्था और हैरत के मिश्रण में अपने मोबाइल कैमरे निकालकर इसकी वीडियो और तस्वीरें बनाने लगे। ये कांवड़ पूरे इलाके में आकर्षण का केंद्र बनी रही।
प्लॉट के लिए मांगी थी मन्नत
इस अनोखी कांवड़ को लेकर निकले शिवभक्त जगदीश ने बताया कि उन्होंने भगवान शिव से एक प्लॉट (जमीन) मिलने की मन्नत मांगी थी। उन्होंने विस्तार से बताया कि इन दोनों में से एक कांवड़ पर करीब 2 लाख रुपये के नोटों को सजाया गया था। उनकी योजना है कि जैसे ही उनकी यह मन्नत पूरी होगी, वे इस कांवड़ में लगे हुए 2 लाख रुपये निकालकर एक प्लॉट खरीदेंगे।
भंडारे के लिए रखे 70 हजार रुपये
दूसरी कांवड़ की बात करें तो उस पर करीब 70 हजार रुपये के नोट लगाए गए थे। शिवभक्तों के अनुसार, इन 70 हजार रुपयों का इस्तेमाल एक भव्य भंडारे के आयोजन के लिए किया जाएगा। भंडारे में भगवान शिव के नाम पर सभी श्रद्धालुओं और गरीबों को प्रसाद वितरण किया जाएगा। यह घटना बताती है कि किस तरह लोग अपनी आर्थिक क्षमता और आस्था को मिलाकर भगवान से जुड़े वादों को निभाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ते।
हापुड़: DCP और IRS अधिकारियों ने निकाली साइकिल कांवड़ यात्रा
उत्तर प्रदेश के ही हापुड़ जिले से एक ऐसी खबर आई है, जो प्रशासनिक और धार्मिक क्षेत्र दोनों में काफी चर्चित हो रही है। दिल्ली पुलिस के दो बड़े अधिकारी और एक केंद्रीय राजस्व अधिकारी (IRS) ने अपने आधिकारिक पद और ताकत को पीछे छोड़कर एक साधारण शिवभक्त के रूप में कांवड़ यात्रा पर निकलने का निर्णय लिया।
अधिकारियों का जत्था और उनकी पहचान
यह खास जत्था दिल्ली पुलिस के डीसीपी (DCP) विपुल अनेकांत, डीसीपी संदीप लांबा और अपर आयुक्त जीएसटी (Additional Commissioner GST) मुकेश राठौर से मिलकर बना था। इन तीनों वरिष्ठ अधिकारियों ने अपनी गाड़ियों और वीआईपी सुविधाओं को त्यागते हुए तीर्थ नगरी हापुड़ के ब्रजघाट स्थित पावन गंगा घाट पर जल भरा।
साइकिल पर सवार होकर दिल्ली की ओर प्रस्थान
अन्य कांवड़ियों की तरह इन अधिकारियों ने भी पैदल यात्रा करने के बजाय एक अलग तरीका अपनाया। उन्होंने अपनी साइकिलों पर गंगा जल से भरी कांवड़ को रखकर दिल्ली की ओर पैडल मारना शुरू किया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य सिर्फ जलाभिषेक नहीं था, बल्कि ये अधिकारी “राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव” का एक मजबूत संदेश देशवासियों को देना चाहते थे।
बाबूगढ़ छावनी में भव्य स्वागत
रविवार की सुबह जब यह अधिकारियों का जत्था राष्ट्रीय राजमार्ग 9 (NH-9) पर स्थित बाबूगढ़ छावनी पहुंचा, तो वहां का नजारा देखते ही बनता था। थाना प्रभारी प्रवीण कुमार ने अपनी पूरी पुलिस टीम और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर इन अधिकारियों का जोरदार स्वागत किया।
बच्चों ने दिखाई अपनी भक्ति और उत्साह
इस स्वागत समारोह में सबसे खास रहे मौके पर मौजूद बच्चे। अधिकारियों को देखकर बच्चों में काफी उत्साह और जुनून देखने को मिला। बच्चों ने इन वरिष्ठ अधिकारियों को भगवान शिव परिवार का एक सुंदर चित्र भेंट किया। साथ ही, तिरंगे के पटके पहनाकर उनका अभिनंदन किया। थाना प्रभारी ने भी अधिकारियों के गले में माला और तिरंगा पटका पहनाकर उनकी इस पवित्र यात्रा को सफल बनाने के लिए शुभकामनाएं दीं।
यह अनूठी साइकिल कांवड़ यात्रा ब्रजघाट से शुरू हुई है और इसका अंतिम गंतव्य दिल्ली का ऐतिहासिक चांदनी चौक स्थित सुप्रसिद्ध श्री गौरी शंकर मंदिर है। सावन माह की शिरात के इस पावन अवसर पर ये अधिकारी जब दिल्ली पहुंचेंगे, तब वे इस पवित्र गंगा जल से भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। यह दृश्य यह दर्शाता है कि पद और प्रतिष्ठा कितनी भी ऊंची क्यों न हो जाए, आस्था के सामने सब समान होते हैं।

























