ज्ञानेश कुमार पर सौरव दास का तीखा तंज,‘जेल भरो आंदोलन’ का ऐलान

चुनाव आयोग के दो अन्य आयुक्तों द्वारा ज्ञानेश कुमार के फैसलों पर असहमति जताने के दावे वाली एक रिपोर्ट के बाद सौरव दास ने X पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि “अहंकार और निरंकुशता” के साथ काम करने से लेकर घर से बाहर न निकल पाने और Gen Z कार्यक्रम रद्द होने तक, जिंदगी ने ‘ज्ञानू’ को जमीन पर ला दिया है।

चुनाव आयोग पर बरसी CJP, उठाए गंभीर सवाल

HIGHLIGHTS

  • CEC ज्ञानेश कुमार पर CJP का बड़ा हमला
  • 2 अक्टूबर को मुंबई में CJP का जेल भरो
  • SIR विवाद में CEC के खिलाफ CJP का ऐलान
  • शिवाजी पार्क में प्रदर्शन, CJP ने दी चेतावनी

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विवाद तेज हो गया है। युवा नेतृत्व वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने चुनाव आयोग की जवाबदेही की मांग दोहराते हुए CEC पर निशाना साधा है। पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए कहा कि युवाओं की पीढ़ी उनके कथित अहंकार को चुनौती देगी।

इसी बीच, CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में ‘जेल भरो आंदोलन’ करने का ऐलान किया है। यह घोषणा गांधी जयंती पर शिवाजी पार्क में प्रदर्शन की अनुमति देने से मुंबई पुलिस के इनकार के बाद हुई। दूसरी ओर, चुनाव आयोग का कहना है कि SIR से जुड़े फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों ने सर्वसम्मति से लिए और युवा संवाद कार्यक्रम प्रशासनिक तथा लॉजिस्टिक कारणों से स्थगित हुए।

सौरव दास ने CEC ज्ञानेश कुमार पर क्या कहा?

चुनाव आयोग के दो अन्य आयुक्तों द्वारा ज्ञानेश कुमार के फैसलों पर असहमति जताने के दावे वाली एक रिपोर्ट के बाद सौरव दास ने X पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि “अहंकार और निरंकुशता” के साथ काम करने से लेकर घर से बाहर न निकल पाने और Gen Z कार्यक्रम रद्द होने तक, जिंदगी ने ‘ज्ञानू’ को जमीन पर ला दिया है। दास ने आगे कहा कि देश की युवा पीढ़ी यह सुनिश्चित करेगी कि उनका अहंकार पूरी तरह खत्म हो।

हालांकि, यह पोस्ट और असहमति से जुड़ी रिपोर्ट CJP के दावों के संदर्भ में सामने आई है। चुनाव आयोग ने इसके उलट कहा है कि SIR के फैसले सभी तीन आयुक्तों की सहमति से लिए गए थे।

विवाद के बीच मेरठ में 25 सितंबर और वाराणसी में 28 सितंबर को प्रस्तावित CEC के युवा संवाद कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए। आयोग ने इन कार्यक्रमों के स्थगन को प्रशासनिक और लॉजिस्टिक कारणों से जोड़ा है।

‘लोकतंत्र की रक्षा सिर्फ अदालतों की जिम्मेदारी नहीं’

सौरव दास ने अदालतों में दायर याचिकाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि नागरिकों को न्यायपालिका का दरवाजा खटखटाने का अधिकार है, लेकिन लोकतंत्र की रक्षा का पूरा दायित्व अदालतों पर नहीं छोड़ा जा सकता। CJP का कहना है कि चुनाव आयोग की जवाबदेही तय करने की मांग को केवल अदालतों तक सीमित करना उचित नहीं है।

दास ने पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया से जुड़ी सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई का भी जिक्र किया। उन्होंने न्यायमूर्ति जयमाल्या बागची की उस टिप्पणी पर सवाल उठाया, जिसमें कथित तौर पर कहा गया था कि जो लोग इस बार वोट नहीं डाल पाए, वे अगली बार मतदान कर सकेंगे। दास ने पूछा कि कथित तौर पर छीने गए चुनाव के मामले में “अगली बार” का भरोसा कैसे दिया जा सकता है।

उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि अदालतें संवैधानिक संस्थाएं हैं और याचिकाओं पर सुनवाई कर आदेश दे सकती हैं, लेकिन ज्ञानेश कुमार की जवाबदेही तय करने की लोकतांत्रिक मांग अदालतों के हवाले नहीं की जाएगी। उनके अनुसार, लोकतंत्र का अंतिम अधिकार जनता के पास है—न कि किसी चुनाव आयुक्त या न्यायाधीश के पास।

2 अक्टूबर को शिवाजी पार्क में ‘जेल भरो आंदोलन’

मुख्य चुनाव आयुक्त को दिया गया 48 घंटे का अल्टीमेटम समाप्त होने के बाद CJP ने गांधी जयंती पर मुंबई में आंदोलन करने का ऐलान किया। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने समर्थकों से 2 अक्टूबर को शाम 4 बजे दादर के शिवाजी पार्क पहुंचने की अपील की। उन्होंने X पर लिखा, “मुंबई में 2 अक्टूबर को ‘जेल भरो आंदोलन’। शिवाजी पार्क। ज्ञानेश कुमार को जाना ही होगा।”

मुंबई पुलिस ने गांधी जयंती के दिन शिवाजी पार्क में प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार किया था। इसके बाद पार्टी ने जेल भरो आंदोलन की घोषणा की। फिलहाल, पुलिस के फैसले और प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, इस पर CJP की ओर से अधिक जानकारी सामने नहीं आई है।

कॉकरोच जनता पार्टी की प्रमुख मांगें

CJP ने चुनाव आयोग और SIR प्रक्रिया को लेकर कई मांगें रखी हैं। इनमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का तत्काल इस्तीफा और उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग शामिल है। पार्टी ने आगामी सभी चुनावों पर रोक लगाने और SIR प्रक्रिया रद्द कर जनवरी 2025 की पुरानी मतदाता सूची बहाल करने की भी मांग की है।

इसके अलावा, CJP 2023 के उस कानून को निरस्त करने की मांग कर रही है जो चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़ा है। पार्टी ने इस मामले में स्वतंत्र जांच कराने की भी मांग की है।

चुनाव आयोग का जवाब

चुनाव आयोग ने CJP के आरोपों और संवाद कार्यक्रमों के स्थगन को लेकर अपना पक्ष रखा है। आयोग के मुताबिक, SIR प्रक्रिया से जुड़े सभी फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों ने सर्वसम्मति से लिए। आयोग ने यह भी कहा कि युवा संवाद कार्यक्रमों का स्थगन प्रशासनिक और लॉजिस्टिक कारणों से हुआ, न कि विवाद के चलते।

फिलहाल, CEC ज्ञानेश कुमार, SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग की जवाबदेही को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। 2 अक्टूबर को शिवाजी पार्क में प्रस्तावित CJP आंदोलन पर सबकी नजर रहेगी। **प्रदर्शन की अनुमति और आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही आंदोलन का स्वरूप तय होगा।**

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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