Gurugram News: मिलेनियम सिटी गुरुग्राम के छह सेक्टरों को गुरुग्राम-सोहना हाईवे से जोड़ने की योजना पर तेजी से काम शुरू हो रहा है, जो क्षेत्र के आवागमन और यातायात व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव लाने वाला है। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) की ओर से सेक्टर-68 और सेक्टर-69 को विभाजित कर रही इस सड़क का निर्माण जल्द ही शुरू किया जाएगा, ताकि इन सेक्टरों के निवासियों को बेहतर आवागमन सुविधा मिल सके। यह परियोजना क्षेत्र के विकास और यातायात संचालन को सुगम बनाने के उद्देश्य से बनाई गई है, जिससे न केवल सेक्टर-68 और सेक्टर-69 के निवासी बल्कि आसपास के गांवों जैसे पलड़ा और हसनपुर के लोगों को भी लाभ मिलेगा।
सड़क का क्षेत्रफल और निर्माण कार्य
इस सड़क की कुल लंबाई लगभग दो किलोमीटर है, जिसमें से 1.1 किलोमीटर का निर्माण पहले ही कर लिया गया है। हालांकि, जमीन अधिग्रहण विवाद के कारण करीब 900 मीटर का भाग अभी भी निर्माणाधीन है। यह विवाद मुख्य रूप से जमीन का अधिकार और मकानों के स्थानांतरण को लेकर था, जो कि कुछ समय तक सड़क निर्माण में बाधा बन रहा था। पिछले साल, जीएमडीए के नोडल अधिकारी आरएस बाठ के नेतृत्व में इस विवाद को सुलझाने के लिए अभियान चलाया गया और मकानों को तोड़ा गया, ताकि सड़क का निर्माण पूरा किया जा सके।
भूमि अधिग्रहण और परियोजना का बजट
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) से जमीन का कब्जा लेने के बाद, जीएमडीए ने इस सड़क के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी की है। इस योजना का कुल अनुमानित लागत लगभग 25.37 करोड़ रुपये है। इस राशि का उपयोग मुख्य सड़क के निर्माण के साथ ही साथ दोनों ओर दो-दो लेन की सर्विस रोड बनाने के लिए किया जाएगा। इसके अलावा, फुटपाथ और बरसाती नाले का भी निर्माण किया जाएगा, ताकि सड़क पर यातायात सुगमता के साथ ही साथ यात्रियों की सुरक्षा का भी ध्यान रखा जा सके।
सड़क का महत्व और लाभ
यह नई सड़क सेक्टर-68, 69, 70, 70ए, 75 और 75ए के निवासियों को आवागमन में बड़ी राहत प्रदान करेगी। वर्तमान में, इन सेक्टरों में रहने वाले लगभग 10,000 से अधिक परिवार अपने वाहन या पैदल यात्रा के माध्यम से एसपीआर (सड़क परियोजना मार्ग) का उपयोग करते हैं। लेकिन, वर्तमान में यह मार्ग काफी भीड़भाड़ वाला और समय लेने वाला होता है। रोजाना लगभग 80,000 वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं, जिसमें सुबह और शाम के घंटों में ट्रैफिक का दबाव बहुत बढ़ जाता है। इस वजह से, सेक्टर के निवासी घंटों ट्रैफिक जाम में फंसे रहते हैं, जिससे उनका समय और ईंधन दोनों की बर्बादी होती है।
नई सड़क के बनने से इन सेक्टरों के निवासियों को वैकल्पिक मार्ग मिलेगा, जिससे वे वाटिका चौक या बादशाहपुर की ओर आसानी से पहुंच सकेंगे। इससे न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि ईंधन की बचत भी होगी। इसके अलावा, ट्रैफिक का दबाव कम होने के कारण सड़क सुरक्षा में भी सुधार होगा, और यातायात व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित और सुगम बनेगी।
आगामी कार्य और अपेक्षित समय सीमा
जीएमडीए के सीईओ, पीसी मीणा के अनुसार, टेंडर आवंटित होने के एक साल के भीतर इस सड़क का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। निर्माण कार्य की समय सीमा निर्धारित की गई है ताकि जल्द से जल्द क्षेत्र के विकास को गति मिल सके। सड़क के बन जाने के बाद, एसपीआर पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा, और आसपास के सेक्टरों को गुरुग्राम-सोहना हाईवे से जुड़ने का बेहतर विकल्प मिलेगा। इससे न केवल यातायात की समस्या हल होगी, बल्कि क्षेत्र के विकास के नए अवसर भी खुलेंगे।
मिलेनियम सिटी गुरुग्राम में इस सड़क परियोजना का निर्माण क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होने वाला है। यह सड़क न केवल यातायात की बाधाओं को दूर करेगा बल्कि आसपास के गांवों और सेक्टरों के निवासियों के जीवन को भी आसान बनाएगा। जीएमडीए की इस पहल से क्षेत्र में आवागमन सुविधाओं में सुधार होगा, ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और सड़क सुरक्षा में वृद्धि होगी। आने वाले समय में, यह परियोजना गुरुग्राम के स्मार्ट और विकसित शहर के सपने को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।



























