गाजियाबाद में सपा नेताओं ने चुनाव आयोग को घेरा

गाजियाबाद में समाजवादी पार्टी ने नवयुग मार्केट से गांधी पार्क तक विरोध मार्च निकाला। पार्टी नेताओं ने SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।

गाजियाबाद में सपा का मार्च, ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांगा

HIGHLIGHTS

  • गाजियाबाद में सपा का जोरदार विरोध मार्च
  • ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर सपा अड़ी
  • गांधी पार्क तक सपा का पैदल मार्च
  • मतदाता सूची विवाद पर सपा का प्रदर्शन

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर गाजियाबाद में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शनकारी नवयुग मार्केट में एकत्र हुए और वहां से पैदल मार्च करते हुए गांधी पार्क पहुंचे। मार्च के दौरान चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी की गई।

जिला अध्यक्ष फैसल हुसैन के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में पार्टी के विभिन्न संगठनों और प्रकोष्ठों के नेता तथा कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के जरिए मतदाता सूची से लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं और इससे नागरिकों के मताधिकार पर असर पड़ सकता है। पार्टी नेताओं ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त से पद छोड़ने की मांग की।

SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर उठाए सवाल

जिला अध्यक्ष फैसल हुसैन ने कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आह्वान पर प्रदेश के सभी जिलों में विरोध मार्च निकाला जा रहा है। उनके मुताबिक, पार्टी SIR प्रक्रिया के तहत मतदाताओं के अधिकार प्रभावित होने की आशंका के विरोध में प्रदर्शन कर रही है।

फैसल हुसैन ने हाल के चुनावों में मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राज्यों में चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया गया और इससे भारतीय जनता पार्टी को लाभ पहुंचाने की कोशिश हुई। उन्होंने कहा कि पार्टी की मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त तत्काल इस्तीफा दें।

ये आरोप समाजवादी पार्टी के नेताओं की ओर से लगाए गए हैं। चुनाव आयोग या संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया इस खबर में शामिल नहीं है।

वीरेंद्र यादव का आरोप—चुनाव आयोग सत्ता के इशारे पर काम कर रहा

महानगर अध्यक्ष वीरेंद्र यादव ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि चुनाव आयोग सत्ता के इशारे पर काम कर रहा है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को वोट देने का अधिकार है।

वीरेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में बदलाव के कारण बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि वंचित, शोषित, दलित और अल्पसंख्यक समुदायों के मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं। उनके अनुसार, भाजपा अपनी सत्ता बनाए रखने के लिए ऐसा कर रही है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी इसे संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा मानती है।

अमरपाल शर्मा बोले—लोकतंत्र पर हो रहा गंभीर प्रहार

पूर्व विधायक और समाजवादी पार्टी के नेता अमरपाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में चुनावी प्रक्रिया को लेकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में धांधली की जा रही है और लोकतंत्र पर गंभीर प्रहार हो रहा है। अमरपाल शर्मा ने मुख्य चुनाव आयुक्त से तत्काल इस्तीफा देने की मांग की।

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना जरूरी है, ताकि मतदाताओं का भरोसा लोकतांत्रिक संस्थाओं पर कायम रहे।

राज देवी चौधरी ने कहा—मांग पूरी होने तक जारी रहेगा विरोध

समाजवादी पार्टी की नेता राज देवी चौधरी ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय बड़े स्तर पर वोटों की चोरी की जाती है, जिससे भाजपा को फायदा पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि जनता अब इस तरह की कथित चुनावी चालों को समझ रही है।

राज देवी चौधरी ने कहा कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तब तक पार्टी अपनी आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा और मताधिकार सुरक्षित रखने की बात कही।

गांधी पार्क तक निकाला गया पैदल मार्च

नवयुग मार्केट से शुरू हुआ मार्च गांधी पार्क पहुंचकर संपन्न हुआ। रास्ते में कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। प्रदर्शन में जिला और महानगर स्तर के नेताओं के साथ पार्टी के विभिन्न विंग के कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

समाजवादी पार्टी के नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी बदलाव की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और पात्र मतदाताओं के नाम हटने से बचाए जाने चाहिए। पार्टी ने चुनाव आयोग से आरोपों पर स्थिति स्पष्ट करने और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

गाजियाबाद का यह विरोध मार्च ऐसे समय में हुआ है, जब SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची में संशोधन को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बहस जारी है। समाजवादी पार्टी ने संकेत दिया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर उसका विरोध आगे भी जारी रह सकता है।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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