संध्या समय न्यूज
UP News : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए भाजपा (BJP) ने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़ी कवायद शुरू कर दी है। पार्टी जिला स्तर पर व्यापक बदलाव करने की तैयारी में है, जिसका केंद्र बिंदु महिला सशक्तिकरण को लेकर ऐतिहासिक फैसला है। भाजपा इस बार जिला संगठन में महिलाओं को एक तिहाई (33 प्रतिशत) प्रतिनिधित्व देने की तैयारी कर रही है, जो पार्टी की महिला वोटर्स को आकर्षित करने की रणनीति का हिस्सा है।
दिल्ली में हुआ अहम मंथन
इस संबंध में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने गुरुवार देर रात दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठक की। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह ने जिला संगठन के पदाधिकारियों के नामों पर गहन मंथन किया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पार्टी ने नए पदाधिकारियों के चयन के लिए सहमति बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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क्षेत्रीय अधिकारियों को बड़ी जिम्मेदारी
पार्टी ने सभी 98 संगठनात्मक जिलों के लिए नामों के चयन की जिम्मेदारी क्षेत्रीय कार्यालयों को सौंपी है। क्षेत्रीय अध्यक्ष, जिलाध्यक्ष और प्रभारी मिलकर भेजे गए नामों की शॉर्टलिस्ट तैयार करेंगे और फाइनल लिस्ट हाईकमान को सौंपेंगे। इसके विकल्प के तौर पर लखनऊ में छहों क्षेत्रों के अधिकारियों को अलग-अलग बुलाकर भी फैसले लिए जा सकते हैं।
3000 पदों पर होगी नियुक्ति
पार्टी की योजना हर संगठनात्मक जिले में 21 सदस्यीय मुख्य टीम बनाने की है। इस टीम में 3 महामंत्री, 8 उपाध्यक्ष और एक कोषाध्यक्ष नियुक्त किए जाएंगे। खाली पड़े करीब तीन हजार पदों पर भी बिना किसी मौजूदा अधिकारी को हटाए नए सदस्यों की नियुक्ति पर विचार किया जा रहा है।
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मार्च तक पूरा होगा काम
पार्टी ने जिला संगठनों के नए पदाधिकारियों की नियुक्ति का काम मार्च महीने के अंदर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। हालांकि, महिलाओं को एक तिहाई प्रतिनिधित्व देने के फैसले से पार्टी के उन कार्यकर्ताओं में बेचैनी देखी जा रही है जो लंबे समय से किसी पद की उम्मीद लगाए बैठे हैं। उन्हें लग रहा है कि इस फैसले से उनके विकल्प सीमित हो सकते हैं।


























