संध्या समय न्यूज
UP News:मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या एक बार फिर ऐतिहासिक और आध्यात्मिक क्षण की साक्षी बनने जा रही है। हिंदी नववर्ष के प्रथम दिन आज (19 मार्च) को भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू रामनगरी पहुंचेंगी और राम मंदिर अयोध्या परिसर में ‘श्रीराम यंत्र’ की स्थापना करेंगी। यह भव्य आयोजन आस्था, परंपरा और इतिहास के अद्भुत संगम का प्रतीक बनेगा।
नववर्ष पर रामनगरी की शानदार तैयारी
राष्ट्रपति के आगमन को लेकर पूरी अयोध्या दुल्हन की तरह सज चुकी है। शहर के प्रमुख मार्गों, मंदिरों और चौराहों पर आकर्षक सजावट, रंग-बिरंगी रोशनी और भव्य स्वागत द्वार तैयार किए गए हैं। प्रशासन ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक और सुव्यवस्थित बनाने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं, जबकि सुरक्षा एजेंसियां भी पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रही हैं।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उच्चस्तरीय बैठक
राष्ट्रपति के कार्यक्रम को लेकर पुलिस लाइन में उच्च स्तरीय ब्रीफिंग का आयोजन किया गया। इसमें जिलाधिकारी निखिल टिकाराम फुंडे, पुलिस महानिरीक्षक सोमेन वर्मा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव ग्रोवर सहित प्रशासन व पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में राष्ट्रपति के आगमन से लेकर प्रस्थान तक की सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण और कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा पर चर्चा की गई।
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निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, राष्ट्रपति का काफिला एयरपोर्ट से सीधे राम जन्मभूमि परिसर के गेट नंबर 11 तक पहुंचेगा। सुरक्षा की दृष्टि से पूरे मार्ग पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती, बैरिकेडिंग और सीसीटीवी निगरानी की विशेष व्यवस्था की गई है। सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए सड़कों पर फ्लीट रिहर्सल भी कराया गया।
रामलला के दर्शन और श्रमिक सम्मान
कार्यक्रम के अनुसार, राष्ट्रपति सबसे पहले राम मंदिर में विराजमान रामलला के दर्शन करेंगी। इसके बाद वे मंदिर के द्वितीय तल पर श्रीराम यंत्र की स्थापना करेंगी। इस अवसर पर राम मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले 2000 से अधिक श्रमिकों को सम्मानित किया जाएगा, जो इस ऐतिहासिक निर्माण के साक्षी और सहभागी रहे हैं।
कार्यक्रम का स्वरूप और समय-सारणी
कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की परंपरा के अनुसार संघ संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार को नमन कर की जाएगी। आयोजन में आध्यात्मिक जगत की प्रसिद्ध संत माता अमृतानानंदमय भी अपने भक्तों के साथ शामिल होंगी।प्रशासन के अनुसार, सुबह 10 बजे तक ही कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश की अनुमति होगी, जबकि दोपहर 1:45 बजे के बाद अतिथियों को रामलला के दर्शन की व्यवस्था की जाएगी।

























