ऋषि तिवारी
नोएडा। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर युवा शक्ति की ओर से भव्य युवा सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य युवाओं को देश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने और अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करने के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को राष्ट्र निर्माण को लेकर नई दिशा और दृष्टि प्रदान की गई।

सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि जिस भारत को कभी “सोने की चिड़िया” कहा जाता था, आज वही भारत दहाड़ते हुए शेर की तरह विश्व पटल पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति ही सच्ची राष्ट्र शक्ति है और देश के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला भी युवा ही हैं।
वाईएसएस फाउंडेशन के संरक्षक एन. के. अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा, “किसी भी देश का विकास युवाओं के बिना अधूरा है। राष्ट्र समर्पण की भावना का बीजारोपण बाल्यकाल से ही होना चाहिए।” उन्होंने युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सामाजिक और राष्ट्रीय दायित्वों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में युवाओं को देश की प्रगति, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका के प्रति जागरूक किया गया। वक्ताओं ने कहा कि भारत को विकसित और सशक्त राष्ट्र बनाने में युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और सकारात्मक सोच महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
भव्य युवा सम्मेलन में गोशाला के पूर्व अध्यक्ष एवं संस्थापक एन. के. अग्रवाल, वाईएसएस फाउंडेशन के निदेशक सचिन गुप्ता, जिग्नेश मायावंशी, दुर्गा प्रसाद दुबे, पावनी मैत्रा, रिया गुलाटी सहित अन्य कार्यकर्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के दौरान युवाओं में राष्ट्रप्रेम, जिम्मेदारी और समाज के प्रति सकारात्मक योगदान की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया। सम्मेलन का समापन युवाओं को देशहित में निरंतर कार्य करने और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के संकल्प के साथ हुआ।
























