Delhi News: दिल्ली में इन दिनों चिलचिलाती गर्मी और लू के थपेड़ों से बेहाल है। पारा अपने चरम पर होने के साथ-साथ दिल्लीवासियों की मुश्किलें भी बढ़ती जा रही हैं। भीषण गर्मी के बीच दिल्ली में पेयजल संकट एक गंभीर समस्या का रूप ले चुका है, जिसके चलते अब जनाक्रोश सड़कों पर देखने को मिल रहा है। हर ओर पानी की किल्लत की आहट है और लोग अपनी बात सुनवाने के लिए मजबूर होकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी कड़ी में दक्षिणी दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके में स्थित आशा किरण अपार्टमेंट सहित आसपास के इलाकों के लोगों का गुस्सा आज ओखला जल बोर्ड के कार्यालय पर फूट पड़ा।
पिछले कई दिनों से चली आ रही पानी की भारी किल्लत से त्रस्त और प्रशासन की उदासीनता से क्षुब्ध लोगों ने ओखला जल बोर्ड कार्यालय के बाहर जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान विरोध प्रदर्शन का स्वरूप काफी तीव्र हो गया और लोगों ने पानी की समस्या को लेकर परंपरागत ‘मटका फोड़’ प्रदर्शन किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस के जवानों को तैनात किया गया ताकि स्थिति बिगड़ने से रोका जा सके, लेकिन आक्रोशित भीड़ के गुस्से को थामना मुश्किल हो रहा था।
जल संकट में फंसी जिंदगी, महिलाओं का दर्द
प्रदर्शन के दौरान मौजूद स्थानीय महिला शिल्पी ने अपना दर्द बयान करते हुए बताया कि गर्मी इतनी भयावह है कि बिना पानी के जीना मुहाल हो गया है। उन्होंने कहा कि हम लोगों को यहां पानी नहीं मिल रहा है। हमने कई बार शिकायत की, लेकिन यहां के जो विधायक हैं, वह भी हमारी बात नहीं सुन रहे हैं। हम लोगों को पानी की बहुत दिक्कत है। ऐसे में समझ नहीं आ रहा है कि हम लोगों की मदद कौन करेगा? इसीलिए आज हम लोग मजबूर होकर जल बोर्ड दफ्तर के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं।
इसी प्रदर्शन में शामिल रेखा, जो आशा किरण अपार्टमेंट में रहती हैं, ने बताया कि उनका क्षेत्र पिछले 15 दिनों से पूरी तरह सूखा है। रेखा ने बताया कि हम आशा किरण अपार्टमेंट में रहते हैं, लेकिन पिछले 15 दिनों से हमारे अपार्टमेंट में पानी नहीं आ रहा है। हम लोग पानी के लिए बहुत परेशान हो चुके हैं। खाना पकाने से लेकर पीने तक के लिए पानी मुश्किल से मिल रहा है। हमें बाजार से पीने का पानी खरीदना पड़ रहा है, जिससे हमारा बजट बिगड़ गया है। रोजाना हमें 200 रुपये पानी पर खर्च करने पड़ रहे हैं।
राजनीति गरमाई, विधायक और नेता प्रतिपक्ष पर निशाना
इस प्रदर्शन का राजनीतिक स्वरूप भी सामने आया। भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष मनीष बिधूड़ी ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया और आप पार्टी सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज हम लोग आशा किरण अपार्टमेंट के परेशान लोगों के साथ मिलकर जल बोर्ड के दफ्तर पर प्रदर्शन किया है। यहां के लोग बीते कई दिनों से भीषण पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। यहां के विधायक इन लोगों की समस्या को सुनने के बजाय सिर्फ राजनीति कर रहे हैं।
मनीष बिधूड़ी ने आरोप लगाया कि इसलिए आज अपार्टमेंट के गुस्साए लोगों ने जल बोर्ड दफ्तर के बाहर दिल्ली के नेता प्रतिपक्ष आतिशी और विधायक सहीराम पहलवान का पुतला भी फूंका और सड़क भी जाम कर दी। जब तक इन लोगों को पानी नहीं मिलेगा, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।
युवा नेता ने उठाए गंभीर सवाल
भाजपा युवा नेता आयुष राणा ने भी इस मौके पर विधायक की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, कि देखिए, यहां अपार्टमेंट के लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। उनकी फरियाद यहां के विधायक नहीं सुन रहे हैं। कालकाजी विधानसभा की विधायक पिछले 1 सालों से गायब हैं। यहां की जनता ने उन्हें वोट दिया, लेकिन वो उनकी समस्या को सुनने के लिए यहां नहीं आती हैं। ऐसे में लोग काफी परेशान हैं। अगर विधायक जल बोर्ड से बात करें, तो इन लोगों की पानी की सभी समस्याओं का समाधान हो सकता है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
प्रशासन से मिला आश्वासन, लेकिन गुस्सा शांत नहीं
लगातार हो रहे हंगामे और प्रदर्शन के बाद जल बोर्ड के अधिकारियों ने मैदान में उतरकर स्थिति संभाली। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों से मुलाकात की और उन्हें तत्काल समाधान का भरोसा दिया। जल बोर्ड के अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि अब से रोजाना इस क्षेत्र को डेढ़ घंटा पानी दिया जाएगा, ताकि लोगों की बुनियादी जरूरतें पूरी हो सकें।
अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने अपना प्रदर्शन समाप्त किया, लेकिन उनका संदेह साफ था। लोगों ने स्पष्ट कहा कि जो आश्वासन आज जल बोर्ड के द्वारा दिया गया है, अगर इसे पूरा नहीं किया गया और पानी की सप्लाई बहाल नहीं हुई, तो हम लोग फिर से सड़क पर उतरेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जरूरत पड़ी तो वे फिर से सड़क जाम करेंगे और उग्र प्रदर्शन करेंगे।





















