मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर जारी विवाद के बीच INDIA गठबंधन ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ राजनीतिक अभियान तेज करने का फैसला किया है। गठबंधन की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने छह मांगें रखीं। बैठक के बाद उन्होंने बताया कि विपक्षी दल अगले दो महीनों में पांच रैलियां करेंगे और राष्ट्रपति से मुलाकात का समय मांगेंगे।
खरगे के मुताबिक, राहुल गांधी अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में राष्ट्रपति से मिलने के लिए समय मांगेंगे। गठबंधन ने 1 नवंबर को दिल्ली में एक बड़ी रैली करने की योजना भी बताई है। अन्य रैलियों की तारीख और स्थान बाद में घोषित किए जाएंगे। नेताओं ने कहा कि इस अभियान के जरिए वे मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवाल जनता के सामने रखना चाहते हैं।
SIR में हटाए गए नामों पर जवाब मांगा
खरगे ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के तहत हटाए गए नामों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि प्रक्रिया में 13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं और मांग की कि नाम हटाने के कारणों की जानकारी सार्वजनिक की जाए। उनके अनुसार, यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि किन मतदाताओं के नाम सूची से हटे और प्रत्येक मामले में ऐसा क्यों किया गया।
खरगे ने कहा कि किसी भी वास्तविक भारतीय नागरिक को अपारदर्शी या मनमानी प्रक्रिया के कारण मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग से पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की। विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिसमें प्रभावित व्यक्ति को जानकारी मिले और अपनी बात रखने का उचित अवसर भी मिले।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 324 की भावना के अनुरूप स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव आयोग लोकतंत्र के लिए जरूरी है। खरगे ने यह भी दावा किया कि दो अन्य चुनाव आयुक्तों ने बीते दस महीनों में SIR प्रक्रिया पर 14 बार आपत्तियां दर्ज कीं, लेकिन उन पर ध्यान नहीं दिया गया।
इसी आधार पर उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने या उनके स्वयं इस्तीफा देने की मांग रखी। ये आरोप और मांगें INDIA गठबंधन के नेताओं की ओर से रखी गई हैं। चुनाव आयोग या सरकार की प्रतिक्रिया के बिना इन्हें गठबंधन के दावों और राजनीतिक मांगों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
राहुल गांधी बोले—‘चुपचाप बर्दाश्त नहीं करेंगे’
बैठक के बाद राहुल गांधी ने कहा कि चर्चा में वोट चोरी का मुद्दा प्रमुख रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाया जा रहा है और विपक्ष इसे चुपचाप बर्दाश्त नहीं करेगा। राहुल गांधी ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने वालों की जवाबदेही तय होनी चाहिए, चाहे वे कोई भी हों।
उनके बयान से साफ है कि गठबंधन मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया को अपने आगामी राजनीतिक अभियान का केंद्रीय मुद्दा बनाने की तैयारी में है। हालांकि, वोट चोरी के आरोपों को लेकर विपक्ष ने अपने दावे रखे हैं; इन दावों की पुष्टि संबंधित दस्तावेजों और आधिकारिक जवाबों के आधार पर ही हो सकती है।

ममता बनर्जी का हमला
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने बैठक में विपक्षी एकजुटता पर जोर दिया और कहा कि गठबंधन के दल साथ हैं। उन्होंने बिहार और पश्चिम बंगाल में चुनावों को लेकर गंभीर आरोप लगाए। ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर भी तीखा हमला किया और उनके इस्तीफे की मांग की।
उनकी टिप्पणियां विपक्ष के राजनीतिक रुख को दर्शाती हैं। ऐसे आरोपों पर संबंधित पक्षों का जवाब और उपलब्ध तथ्य महत्वपूर्ण होंगे। INDIA गठबंधन ने संकेत दिया है कि वह इस मुद्दे को संसद, राष्ट्रपति और जनसभाओं के माध्यम से उठाएगा।
आगे क्या करेगा INDIA गठबंधन?
गठबंधन की घोषित रणनीति में राष्ट्रपति से मुलाकात, दिल्ली में 1 नवंबर की बड़ी रैली और दो महीनों के भीतर कुल पांच जनसभाएं शामिल हैं। नेताओं के अनुसार, रैलियों के कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी बाद में साझा की जाएगी। खरगे ने कहा कि इन सभाओं के जरिए लोगों को बताया जाएगा कि विपक्ष के मुताबिक मतदाताओं के अधिकारों पर किस तरह असर पड़ रहा है।
फिलहाल, वोट चोरी और SIR को लेकर INDIA गठबंधन की मांगों और आरोपों पर राजनीतिक बहस तेज होने के संकेत हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा चुनाव आयोग की भूमिका, मतदाता सूची में पारदर्शिता और चुनावी जवाबदेही पर केंद्रित रह सकता है। गठबंधन की रैलियों और राष्ट्रपति से प्रस्तावित मुलाकात के बाद इस विवाद पर आगे की तस्वीर स्पष्ट होगी।





















