वोटर सूची संशोधन (SIR) और ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को लेकर दिल्ली में बड़ा राजनीतिक संघर्ष देखने को मिला। INDIA गठबंधन के 140 से अधिक सांसदों ने संसद भवन से चुनाव आयोग के मुख्यालय निर्वाचन सदन तक पैदल मार्च निकाला। रास्ते में दिल्ली पुलिस ने मल्टी-लेयर बैरिकेडिंग कर दी, जिसके बाद कई वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में लेने की खबर है, तो कई सांसद सड़क पर ही धरने पर बैठ गए।
मार्च का मकसद क्या है?
विपक्षी गठबंधन का यह मार्च दो मुख्य मांगों को लेकर निकाला गया:
- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा
- विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत वोटर लिस्ट में हेरफेर के आरोपों की जांच
गठबंधन का आरोप है कि चुनाव आयोग अब संविधान के अनुसार नहीं, बल्कि सत्तारूढ़ पार्टी के हित में काम कर रहा है — हालांकि चुनाव आयोग ने इन आरोपों को लगातार खारिज किया है।
राहुल गांधी को आकाशवाणी भवन के गेट पर क्यों रोका गया?
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी चुनाव आयोग कार्यालय पहुंचने के लिए आकाशवाणी भवन वाले रास्ते से आगे बढ़ रहे थे, लेकिन गेट पर पहुंचते ही पुलिस ने उनका रास्ता रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी वहीं धरने पर बैठ गए। उन्होंने एक मोमेंट में पुलिस बैरिकेड पर चढ़कर राष्ट्रीय ध्वज भी फहराया, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।
धरने पर बैठे वरिष्ठ नेता:
- राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा
- कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे
- CPI नेता डी. राजा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये नेता चुनाव आयोग के मुख्यालय से करीब 200 मीटर दूर नीति आयोग के पास बैठे हैं और CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘वोट चोर’ के नारे लगा रहे हैं।
अखिलेश यादव, अभिषेक बनर्जी और डेरेक ओ’ब्रायन हिरासत में
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, TMC सांसद अभिषेक बनर्जी और डेरेक ओ’ब्रायन समेत गठबंधन के कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। वहीं SP सांसद ज़िया-उर-रहमान बर्क़ अपने साथी सांसदों के साथ नीति आयोग दफ्तर के पास लगे बैरिकेड पर चढ़ गए। बताया जा रहा है कि पहला बैरिकेड संसद भवन से लगभग 400 मीटर की दूरी पर लगाया गया था। मौके पर डिटेनेशन बसें और पैरामिलिट्री बल भी तैनात कर दिए गए।
अखिलेश यादव के ज़ोरदार आरोप — CEC से इस्तीफे की मांग
अखिलेश यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं है और संविधान के तहत काम नहीं कर रहा। भाजपा जब से सत्ता में आई है, चुनाव आयोग ने भाजपा के लिए काम करना शुरू कर दिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में फोर्स के जरिए बूथ कैप्चरिंग कराई गई और बीजेपी की जीत ‘घपले’ से हुई। उन्होंने उपचुनावों में भी धांधली का आरोप लगाया और कहा कि पार्टी को इसीलिए BJP की घबराहट साफ दिख रही है। *(ये सभी आरोप विपक्ष के दावे हैं।)*
सांसदों ने EC को दिए गए ‘सबूतों’ का भी उठाया मुद्दा
– राजीव राय (SP): पार्टी ने EC की वेबसाइट से डाउनलोड किए गए 15,000 वोटर रिकॉर्ड कमीशन को सौंपे थे, लेकिन अब तक न कमीशन से न सरकार से कोई जवाब मिला। उन्होंने दावा किया कि PDA (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) वर्ग के वोटरों के नाम जानबूझकर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं।
– इकरा हसन (SP): एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि 14 मौकों पर आम सहमति से फैसला नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष पहले दिन से कह रहा है कि ज्ञानेश कुमार BJP के ‘एजेंट’ की भूमिका में हैं।
संजय राऊत बोले — ‘ज्ञानेश कुमार देश के दुश्मन’ मार्च में शामिल होने दिल्ली पहुंचे शिवसेना (UBT) सांसद संजय राऊत ने सवाल उठाया कि सांसदों के शांतिपूर्ण मार्च के लिए इतने विशाल पुलिस बल की क्या जरूरत थी। उन्होंने कहा हमारे पास कोई हथियार नहीं है। हम बस चुनाव आयोग के दफ्तर जाकर ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा मांगना चाहते हैं। वे देश के दुश्मन हैं।”
आप पार्टी ने मार्च से दूरी बनाई, बताई यह वजह
इस प्रदर्शन से आप पार्टी ने किनारा कर लिया। राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने साफ कहा कि यह INDIA गठबंधन का प्रोटेस्ट है, जबकि आप पार्टी अपनी लड़ाई अपने तरीके से लड़ रही है। उनके मुताबिक SIR के खिलाफ देश के कई हिस्सों में संगठन और आम लोग पहले से विरोध कर रहे हैं, इसलिए पार्टी इस मार्च का हिस्सा नहीं बनी।
सुरक्षा में 3000 से ज्यादा जवान, हर पुलिसकर्मी पर बॉडी कैमरा
प्रदर्शन को देखते हुए लाल किले-पार्लियामेंट स्ट्रीट इलाके में कड़ी सुरक्षा तैनात की गई
- 3000+ पुलिसकर्मी — पुरुषों की 27 कंपनियां, महिलाओं की 4 कंपनियां
- RAF के जवान भारी संख्या में मौजूद
- CISF की भी तैनाती
- दिल्ली पुलिस पूरी ड्यूटी बॉडी कैमरे लगाकर कर रही है — नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा भी बॉडी कैमरे के साथ मौके पर हैं
- संसद भवन, पार्लियामेंट स्ट्रीट गोलचक्की और निर्वाचन सदन के आसपास बैरिकेडिंग
दिल्ली में ट्रैफिक डायवर्जन — इन रूटों से बचें
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर कनॉट प्लेस, पटेल चौक (मुख्य डाक घर), विंडसर प्लेस, अशोक रोड और जंतर-मंतर रोड पर वाहनों का रूट डायवर्ट किया है। शाम के समय इन इलाकों से गुजरने वालों को वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।



















