Noida News: जेवीसीसी (JVCC) लाफ्टर क्लब समुदाय के लिए एक विशेष और आध्यात्मिक आयोजन किया गया, जिसमें वेलनेस एवं क्रिएटिव हीलिंग कोच पिया (Piya) द्वारा एक गहरा ध्वनि ध्यान (Deep Sound Meditation) सत्र संचालित किया गया। यह सत्र समुदाय के प्रति निःस्वार्थ कृतज्ञता और प्रेम का एक भावपूर्ण अर्पण था, जिसने प्रतिभागियों को आंतरिक शांति का अनुभव कराया।
सत्र की शुरुआत एक कृतज्ञता संकल्प (Gratitude Sankalp) और पवित्र मंत्र ‘ॐ मणि पद्मे हुं’ के जप से हुई। यह मंत्र करुणा, शांति और आंतरिक रूपांतरण से जुड़ा हुआ है, जिसने वातावरण को पवित्र और शांतिपूर्ण बना दिया। प्रतिभागियों को एक सुरक्षित माहौल में आमंत्रित किया गया, जहाँ वे ध्वनि, मौन, श्वास और समुदाय के माध्यम से अपने आंतरिक स्व (Inner Self) से जुड़ सकें।
विविध ध्यान तकनीकों का संगम
बता दें कि इस अनूठे सत्र में कई प्रथाओं को शामिल किया गया, ताकि शरीर और मन दोनों को आराम मिल सके। इसमें ग्राउंडिंग (धरती से जुड़ाव), श्वास जागरूकता (Breath Awareness), हल्की गतिविधियाँ और ‘हँसी ध्यान’ (Laughter Meditation) का अभ्यास कराया गया।
सत्र के उत्तरार्ध में प्रतिभागियों को निर्देशित विश्राम और योग निद्रा का लाभ दिया गया। इस दौरान एक ‘ध्वनि यात्रा’ (Sound Journey) का अनुभव कराया गया, जिसमें सिंगिंग बाउल्स (Singing Bowls), घंटियों की झंकार और प्रकृति की ध्वनियों का समावेश था। पिया ने प्रतिभागियों को स्वयं, अपने शरीर, प्रकृति और ब्रह्मांड के प्रति कृतज्ञता महसूस करने के लिए प्रेरित किया।
शांति और स्थिरता का अनुभव
इस ध्वनि चिकित्सा सत्र का अनुभव हर व्यक्ति के लिए अलग था। कई प्रतिभागियों ने गहरी शांति और सुकून की बात की, जबकि कुछ लोगों ने भावनात्मक मुक्ति (Emotional Release) महसूस की। अधिकांश लोगों ने इस सत्र में एक अद्भुत स्थिरता और मौन का अनुभव किया, जिससे उनके मन में कृतज्ञता का भाव और गहरा हुआ।
सत्र का समापन मौन, चिंतन और आपस में कृतज्ञता साझा करने के साथ हुआ। अंत में, सभी ने मिलकर सकारात्मक पुष्टि की और समस्त प्राणियों के सुख और शांति हेतु एक सामूहिक प्रार्थना की। यह आयोजन साबित करता है कि ध्वनि और मौन किस प्रकार एक समुदाय को एकजुट करके उन्हें सकारात्मकता और शांति का अनुभव करा सकता है।






















