UP Assembly Monsoon Session Live: उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र अपने तीसरे दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन सदन में जमीनी हालातों में कोई सुधार नजर नहीं आ रहा है। पहले दो दिनों की तरह आज भी विधानसभा का माहौल काफी गर्म और तल्ख रहा। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच की नोक-झोंक इस कदर बढ़ गई कि सदन की कार्यवाही कई बार ठप होने के कगार पर पहुंच गई। विपक्ष ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है कि वे ‘दान चोरी’ के मुद्दे पर किसी तरह का समझौता नहीं करेंगे।
‘दान चोरी’ तक नहीं होगी बात तो चलेगा विरोध
समाजवादी पार्टी (SP) के प्रभावशाली नेता और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (प्रसपा) के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी को किसी अंदाजे में छुपाया नहीं। उन्होंने साफ शब्दों में कह दिया है कि जब तक प्रदेश में बढ़ रही मंदिरों और धार्मिक स्थलों से ‘दान चोरी’ की घटनाओं पर सदन में गंभीर और लंबी चर्चा नहीं कराई जाती, तब तक विपक्ष का धरना और विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। शिवपाल के इस बयान ने सरकार के लिए सदन चलाने की चुनौती को और मुश्किल बना दिया है।
हंगामे के बीच वित्त मंत्री ने पेश किया अनुपूरक बजट
मंगलवार को सदन में जबरदस्त हंगामे और शोर-शराबे के बीच वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने प्रदेश का अनुपूरक बजट पेश किया। यह बजट 59,019.54 करोड़ रुपये का था। विपक्षी सदस्यों द्वारा लगातार नारेबाजी और सदन की कार्यवाही को बाधित करने के प्रयासों के बीच यह बजट पढ़ा गया।
इस दौरान विपक्ष के जोरदार प्रदर्शन को देखते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने भी पलटवार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जब ये लोग ‘देश’ और ‘आस्था’ की बातें करते हैं, तो उन्हें याद रखना चाहिए कि सन 1990 में इनकी असली ‘आस्था’ का चेहरा पूरे देश ने देखा था। खन्ना का यह बयान 90 के दशक में अयोध्या में हुए कारसेकरों की ओर इशारा माना जा रहा है, जिससे सदन में माहौल और भड़क गया।
सपा सदस्यों के वेल में उतरने से भड़का माहौल
जैसे-जैसे समय बीतता गया, विपक्ष का आक्रोश बढ़ता गया। सपा के कई विधायक सदन की कार्यवाही को पूरी तरह से ठप करने के लिए वेल (Well) में उतर आए और जमकर नारेबाजी की। स्थिति बिगड़ते देख विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही को 12:20 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।

जब दोपहर में फिर सदन की कार्यवाही शुरू हुई, तो सरकार ने अनुपूरक बजट की प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सदन को संबोधित करने के लिए अपनी सीट से खड़े हुए, तो सपा विधायकों ने एक बार फिर से शोर मचाना शुरू कर दिया। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कई बार विपक्षी सदस्यों से अपनी सीटों पर वापस जाने और सदन के स्वाभिमान को बनाए रखने की गुहार लगाई, लेकिन विपक्ष ने उनकी एक भी बात नहीं मानी।
ओपी राजभर का हमला
इस पूरे घमासान के बीच योगी सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के अध्यक्ष ओपी राजभर ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा बिल्कुल सुचारू रूप से चलेगी, लेकिन सपा के लोग जानबूझकर चर्चा से भाग रहे हैं।
राजभर ने सपा पर परीक्षा पात्रता मामले (PET) और पेपर लीक को लेकर घेरते हुए कहा, “सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। अगर चर्चा होगी तो इन लोगों की पोल खुल जाएगी।” उन्होंने सपा के पिछले कार्यकाल (2012-2017) को याद कराते हुए आरोप लगाया कि जब इनकी सरकार थी, तो 5 साल तक परीक्षाओं के पेपर बिकते थे। पूरे देश से लोग यूपी आकर परीक्षा देते थे क्योंकि यहां नकल करने की पूरी छूट थी।

स्पीकर सतीश महाना की कड़ी प्रतिक्रिया
वहीं, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने एक विशेष संदर्भ में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने ऐसे बयान दिए हैं जो हिंदू समाज को बदनाम करने वाले हैं। उन्होंने कहा, “जिन लोगों का भगवान राम से कोई लेना-देना नहीं है, वे मुझसे रसीद (सबूत) कैसे मांग सकते हैं?”
स्पीकर ने आगे कहा, “कुछ लोगों ने कहा है कि अगर वहां मुसलमान होते, तो चोरी नहीं होती। ऐसा कहकर उन्होंने सीधे-सीधे पूरे हिंदू समाज पर कलंक लगाने की कोशिश की है, जैसे कि सभी हिंदू चोर हैं।” महाना ने इस तरह की टिप्पणियों पर गंभीर आपत्ति जताई और कहा कि समाज को बांटने वाले इस तरह के तीखे आरोपों पर हर संवेदनशील व्यक्ति को सोचना चाहिए।
























