UP News: उत्तर प्रदेश के बड़ौत से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां नौतपा की भयंकर गर्मी और एक खराब कूलर ने एक इंसान की जान ले ली। गर्मी से राहत पाने के लिए लगवाया गया कूलर, मौत का कारण बन गया। मामूली से विवाद ने इतना खतरनाक रूप ले लिया कि एक इंसान की जान जाने पर तुल गई।
नौतपा की कहर और एक मामूली सी वजह
उत्तर प्रदेश में इन दिनों ‘नौतपा’ का कहर चल रहा है। दिनचर्या बिगड़ गई है और लू के थपेड़े ऐसे पड़ रहे हैं कि इंसान घर से बाहर निकलने को तैयार नहीं होता। ऐसे में गर्मी से बचने का एकमात्र साधन कूलर और पंखे ही बचते हैं। लेकिन बड़ौत कोतवाली क्षेत्र के हिलवाड़ी गांव में इसी कूलर को लेकर हुए एक विवाद ने खूनी रंग ले लिया। एक युवक को सिर्फ इसलिए बेरहमी से पीटा गया क्योंकि उसने एक खराब कूलर को ठीक करने से मना कर दिया था।
क्या हुआ उस रात? पूरा वाकया
जानकारी के अनुसार, हिलवाड़ी गांव निवासी चन्द्रपाल अपने परिवार का पेट पालने के लिए कूलर और इलेक्ट्रॉनिक सामान की मरम्मत का काम करता था। वह एक मेहनती युवक था, जो अपनी मजबूरी में इस तपती गर्मी में भी लोगों के घर जाकर कूलर ठीक करता था। कुछ दिन पहले गांव का ही एक युवक बबलू अपना खराब कूलर लेकर चन्द्रपाल के पास पहुंचा। चन्द्रपाल ने कड़ी धूप और गर्मी के बावजूद उसका कूलर ठीक कर दिया और उसे वापस कर दिया।
लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था। कुछ ही घंटों बाद कूलर फिर से खराब हो गया। गर्मी का कहर जब सिर पर चढ़ने लगा, तो बबलू दोबारा चन्द्रपाल के पास पहुंचा और कूलर फिर से खराब होने की शिकायत करने लगा। चन्द्रपाल ने स्पष्ट कह दिया कि पहले जो मरम्मत के पैसे बकाया हैं, उन्हें दे दो, उसके बाद ही वह कूलर दोबारा खोलकर देखेगा।
साजिशन हमला: पैसों के बहाने बुलाकर की हत्या
इस बात पर दोनों में जमकर कहासुनी हुई। शुरुआत में यह विवाद सामान्य बहस का रूप ले चुका था, लेकिन बबलू का गुस्सा बढ़ता ही गया। आरोप है कि बबलू ने चन्द्रपाल से झूठ बोला और कहा कि वह पैसे लेकर आ रहा है, उसे बाहर आने को कहा। मेहनत-मजदूरी की कमाई का इंतजार कर रहे चन्द्रपाल को शक तक नहीं हुआ।
जैसे ही चन्द्रपाल बबलू के बताए स्थान पर पहुंचा, वहां पहले से ही बबलू मौजूद था। बातचीत शुरू होने के बजाय, बबलू ने अचानक चन्द्रपाल पर हमला बोल दिया। आरोप है कि बबलू ने बेरहमी से उसे लात-घूंसे और डंडे से पीटना शुरू कर दिया। अचानक हुए इस हमले से चन्द्रपाल संभल नहीं पाया और जमीन पर गिर गया। आसपास के लोगों ने जब शोर सुना और दौड़कर पहुंचे, तब तक बबलू वहां से फरार हो चुका था, लेकिन तब तक चन्द्रपाल की हालत बेहद नाजुक हो चुकी थी।
अस्पताल पहुंचते ही लौटी आखिरी सांस
गंभीर रूप से घायल और खून से लथपथ चन्द्रपाल को तत्काल स्थानीय लोगों की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया। लेकिन इलाज शुरू होने से पहले ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। चन्द्रपाल की मौत की खबर जैसे ही गांव में पहुंची, तो हड़कंप मच गया। एक इंसान की जान सिर्फ कुछ सौ रुपये के विवाद में चली गई, इससे पूरे इलाके में सन्नाटा छा गया।
गांव में फैला तनाव, परिजनों का हंगामा
मृतक के परिजनों को जब इस घटना की जानकारी मिली, तो उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गांव के लोग भी क्रोध से भर गए। मृतक के परिजनों और सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने सड़कों पर जमकर हंगामा किया। उनकी मांग थी कि आरोपी बबलू को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उसे फांसी जैसी सख्त सजा दी जाए। लोगों का आक्रोश इतना बढ़ गया कि मामला बड़ी अनहोनी की ओर बढ़ता देखते हुए तत्काल पुलिस प्रशासन को अलर्ट कर दिया गया।
पुलिस बल तैनात, आरोपी फरार
स्थिति को बिगड़ते देख बड़ौत कोतवाली पुलिस ने मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने लाठीचार्ज का भी इस्तेमाल करते हुए भीड़ को तितर-बितर करने का प्रयास किया और लोगों को समझाने-बुझाने में जुट गई। बाद में शांति बहाली के आश्वासन देकर पुलिस ने मामले को शांत कराया।
पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, आरोपी बबलू हत्या के बाद से फरार है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए आसपास के इलाकों में चेकिंग अभियान छेड़ दिया है और उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
समाज पर एक सवाल: क्या गुस्सा ही हल है?
यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं है, बल्कि आज के समाज में बढ़ती असहिष्णुता और कम उम्र के युवकों में गुस्से पर काबू न पाने की कहानी है। नौतपा की तपिश से बचने के लिए लगाया गया कूलर खराब हो गया, तो इंसान की जान लेने पर उतारू हो गया। क्या किसी भी मामूली विवाद का हल हिंसा हो सकता है? एक परिवार का एकमात्र कमाने वाला चिरकाल के लिए अपनों से बिछड़ गया। ऐसे में प्रशासन और समाज को मिलकर इस ओर ध्यान देने की जरूरत है कि लोगों को छोटी-मोटी बातों पर तनाव न करने की समझ दी जाए, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी दोबारा न घटे। फिलहाल, पूरे गांव में पुलिस फोर्स तैनात है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।





















