गाजियाबाद शहर की पहचान अब एक नए पर्यटन और सांस्कृतिक केंद्र से जुड़ने जा रही है। मेरठ तिराहे पर नमो भारत ट्रेन कॉरिडोर के नीचे तेजी से निर्माणाधीन त्रिशूल पार्क अगले महीने के पहले सप्ताह तक आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। गाजियाबाद नगर निगम की ओर से विकसित हो रहे इस पार्क की सबसे बड़ी खासियत यहां स्थापित 17 फीट लंबा विशाल त्रिशूल है, जो दूर से ही राहगीरों का ध्यान खींचता है।
मेरठ तिराहा: क्यों चुना गया यह स्थान?
मेरठ तिराहा गाजियाबाद के सबसे व्यस्ततम इलाकों में से एक है। यहां नमो भारत ट्रेन का स्टेशन स्थित है, जहां से रोजाना हजारों यात्री दिल्ली-मेरठ के बीच आन-जान करते हैं। इसी तिराहे से दिल्ली-मेरठ रोड भी गुजरता है, जिस पर दिन-रात वाहनों और पैदल यात्रियों की भारी भीड़ रहती है।
नगर निगम की योजना है कि इस अत्यधिक व्यस्त जोन को एक सुंदर, हरा-भरा और आध्यात्मिक स्पर्श वाला केंद्र में बदला जाए। त्रिशूल पार्क का निर्माण इसी सोच का नतीजा है, जो यातायात के साथ-साथ शहर की सौंदर्य अपील को भी बढ़ाएगा।
17 फीट का विशाल त्रिशूल बनेगा सेल्फी पॉइंट
पार्क के मध्य में स्थापित 17 फीट लंबा त्रिशूल इसका मुख्य आकर्षण है। निर्माण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पार्क पूरी तरह तैयार होने के बाद यहां आने वाले लोग इस भव्य त्रिशूल के साथ सेल्फी और फोटो खिंचवा सकेंगे। उम्मीद है कि सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें वायरल होने से यह जगह शहर के टॉप सेल्फी पॉइंट्स में शुमार होगी।
अभी पार्क में घास बिछाने, पौधे रोपने और रंग-बिरंगी डेकोरेटिव लाइट्स लगाने का काम शेष है, जो दिन-रात के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। शाम के समय रोशनी से जगमगाता यह पार्क मेरठ तिराहे की पहचान बदल देगा।
नमो भारत यात्रियों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा
निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर ने बताया कि इस पार्क का सबसे ज्यादा लाभ उन यात्रियों को मिलेगा, जो नमो भारत ट्रेन से मेरठ तिराहा स्टेशन पर उतरते हैं। स्टेशन से बाहर आते ही यात्री इस पार्क में टहल सकेंगे, आराम कर सकेंगे और अपनी आगे की यात्रा से पहले थोड़ा वक्त शांत वातावरण में बिता सकेंगे।
कांवड़ यात्रियों पर होगी इसी पार्क से पुष्प वर्षा
इस पार्क की एक और खास भूमिका सावन के महीने में देखने को मिलेगी। मेरठ रोड से हर साल लाखों की संख्या में कांवड़िए गुजरते हैं। अब तक निगम और प्रशासन की ओर से अलग-अलग स्थानों पर कांवड़ यात्रियों का स्वागत पुष्प वर्षा से किया जाता था।
इस बार से यह पुष्प वर्षा त्रिशूल पार्क से की जाएगी। इसे ध्यान में रखते हुए पार्क का डिजाइन तैयार किया गया है। कांवड़ यात्रा के दौरान यहीं एक विशेष मंच बनाया जाएगा, जहां से यात्रियों पर फूलों की बरसात की जाएगी। इससे कांवड़ मार्ग पर आस्था और आध्यात्मिकता का वातावरण और गहरा होगा।
रामसेतु एलिवेटेड रोड को भी मिली सांस्कृतिक पहचान
त्रिशूल पार्क के साथ गाजियाबाद की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई एलिवेटेड रोड भी दे रही है। नगर निगम ने इस मार्ग का नामकरण रामसेतु किया है। प्रवेश द्वार पर भगवान श्रीराम के प्रतीक स्वरूप धनुष-बाण स्थापित किया गया है, साथ ही भगवान राम की प्रतिमा भी लगाई गई है।
प्रतिमा के आसपास सौंदर्यीकरण का काम युद्धस्तर पर चल रहा है, जो जल्द ही पूरा होगा। इसके बाद रामसेतु एलिवेटेड रोड और त्रिशूल पार्क मिलकर गाजियाबाद में धार्मिक पर्यटन का एक नया रूट तैयार करेंगे।
विक्रमादित्य सिंह मलिक, नगर आयुक्त, गाजियाबाद ने कहा — “मेरठ तिराहे पर पार्क बनाया जा रहा है। यह पार्क अगले महीने तक तैयार हो जाएगा। इस पार्क में एक विशाल त्रिशूल लगाया गया है, जो आकर्षण का केंद्र रहेगा।”


























