SIR विवाद पर सड़कों पर उतरा विपक्ष, मचा घमासान

Delhi News: इंडिया गठबंधन ने चुनाव आयोग के खिलाफ बुलंद की आवाज। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और खरगे समेत 19 विपक्षी दलों के सांसद संसद भवन से ECI मुख्यालय तक निकाला मार्च, CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर अड़े विपक्ष।

दिल्ली में विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन, EC घिरा

HIGHLIGHTS

  • ‘Save My Vote’ लेकर EC पहुंचे विपक्षी नेता
  • CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष
  • वोट चोरी के आरोपों से गरमाई दिल्ली
  • 19 दल साथ, AAP-DMK ने बनाई दूरी

Delhi News: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर बना विवाद अब सड़कों पर पहुंच गया है। आज मंगलवार, 6 अक्टूबर को विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ ब्लॉक ने राजधानी दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन किया। गठबंधन के शीर्ष नेताओं ने संसद भवन से चुनाव आयोग (ECI) के मुख्यालय तक करीब 3 किलोमीटर लंबा पैदल मार्च निकाला। इस प्रदर्शन को ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’ का नाम दिया गया है।

मार्च में शामिल हर नेता के हाथ में ‘Save My Vote’ लिखा स्लोगन और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करने वाले पोस्टर थे। विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग ने मतदाता सूचियों में हेरफेर कर लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ किया है, हालांकि आयोग ने इन आरोपों को लगातार खारिज किया है।

कौन-कौन रहा मार्च में शामिल?

इस प्रदर्शन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, सपा प्रमुख अखिलेश यादव और टीएमसी के सांसद अभिषेक बनर्जी जैसे बड़े चेहरे शामिल हुए। बताया जा रहा है कि करीब 19 विपक्षी दलों ने इस मार्च में हिस्सा लिया।

हालांकि, गठबंधन की इस एकजुटता में दरार भी दिखी। आम आदमी पार्टी (AAP) और द्रविड़ मुन्नेत्र कलघम (DMK) ने इस मार्च से किनारा कर लिया। AAP का तर्क है कि वह अपनी लड़ाई अपने तरीके से लड़ेगी।

30 सितंबर की बैठक में हुआ था फैसला

जानकारी के अनुसार, इस मार्च का ऐलान 30 सितंबर को दिल्ली में हुई इंडिया गठबंधन की बैठक के बाद किया गया था। विपक्षी सांसदों को सुबह 10:30 बजे संसद भवन के मकर द्वार पर एकत्र होने के निर्देश दिए गए थे और 11 बजे के आसपास मार्च की शुरुआत हुई।

दिल्ली में कड़ी सुरक्षा: 3000 से अधिक जवान तैनात

विपक्ष के इस बड़े प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने पहले ही सुरक्षा कड़ी कर दी थी। संसद मार्ग, चुनाव आयोग कार्यालय और जंतर-मंतर पर मल्टी-लेयर बैरिकेडिंग की गई। नई दिल्ली जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 3000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया, जिसमें 27 पुरुष कंपनियां और 4 महिला कंपनियां शामिल हैं। एक कंपनी में औसतन 100 से 115 जवान होते हैं। संसद भवन, पार्लियामेंट स्ट्रीट गोलचक्कर और ECI गेट जैसे संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की क्यों मांग?

विपक्षी दलों का कहना है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मतदाता सूचियों के मामले में अपनी निष्पक्षता साबित नहीं की है। SIR प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने को लेकर विपक्ष सवाल उठा रहा है। कांग्रेस, लेफ्ट और अन्य दल 2 अक्टूबर से लगातार जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे हुए हैं।

जयराम रमेश ने बताया विपक्ष का पूरा एजेंडा

मार्च से एक दिन पहले, 5 अक्टूबर को कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने प्रेस को विपक्ष के कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष खरगे और राहुल गांधी की मौजूदगी में प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के सभी अध्यक्षों और प्रभारियों की दो घंटे तक बैठक हुई।

आगे के प्रोग्राम की टाइमलाइन

  • 8 अक्टूबर तक: गठबंधन की पार्टियां जिला स्तर पर पदयात्राएं और प्रदर्शन करेंगी।
  • 10 से 20 अक्टूबर: मत चोरी के मुद्दे पर ब्लॉक स्तर पर बैठकें आयोजित होंगी।
  • 25 अक्टूबर से 25 नवंबर: राज्य स्तर, जिला स्तर और हर गांव में चौपालों के जरिए ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैलियां निकाली जाएंगी।

जयराम रमेश ने कहा कि इस अभियान का मकसद उन करीब 13.5 करोड़ मतदाताओं की जानकारी जुटाना है, जिनके नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं हैं। विपक्ष का कहना है कि यह संख्या चुनावी व्यवस्था की ईमानदारी पर गंभीर सवालिया निशान लगाती है।

क्या यह आंदोलन 2026 के चुनावों की तैयारी है?

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विपक्ष इस मुद्दे को बिहार विधानसभा चुनाव और आगामी राज्य चुनावों तक ले जाकर चुनावी मुद्दा बनाना चाहता है। ‘वोट चोरी’ बनाम ‘लोकतंत्र बचाओ’ की यह कहानी आने वाले दिनों में देश की राजनीति का बड़ा हिस्सा आकार देगी। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने साफ किया है कि SIR एक नियमित और पारदर्शी प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूचियों को सटीक बनाना है।

Sandhya Samay News

संध्या समय न्यूज़ – आपके विश्वास की आवाज़ संध्या समय न्यूज़ की स्थापना वर्ष 2018 में की गई, जो कि MSME में विधिवत रूप से पंजीकृत है। हमारा उद्देश्य समाज तक सटीक, निष्पक्ष और भरोसेमंद समाचार पहुँचाना है। हम देश-प्रदेश की ताज़ा खबरों, सामाजिक मुद्दों, और जनहित से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों को आपके सामने सरल और स्पष्ट रूप में प्रस्तुत करते हैं। हम अपने सभी दर्शकों और पाठकों का दिल से आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने हमें लगातार देखा, समझा और अपना विश्वास बनाए रखा। आपकी यही सराहना और समर्थन हमें और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करता है। संध्या समय न्यूज़ हमेशा सत्य, निष्पक्षता और जनसेवा के मूल्यों पर कार्य करता रहेगा।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now