राजनीतिक हलकों में हड़कंप: केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यदि GST रजिस्ट्रेशन आम आदमी पार्टी के दफ्तर के नाम पर हुआ है, तो यह एक गंभीर मामला है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकारी बंगला होने के कारण कैसे कोई कंपनी या बिजनेस उस स्थान पर रजिस्टर हो सकता है?

आप पार्टी के दफ्तर पर फर्जी कंपनियों का खुलासा

HIGHLIGHTS

  • केंद्र पर आरोप: 58 फर्जी GST रजिस्ट्रेशन कैसे हुए?
  • पंजाब चुनाव से पहले साजिश: आप दफ्तर पर फर्जी बिजनेस
  • सरकारी बंगले पर कैसे रजिस्टर्ड हुई 58 कंपनियां?
  • सौरभ भारद्वाज ने केंद्र से पूछा: ये सब कैसे संभव हुआ?

आप पार्टी (AAP) ने अपने राष्ट्रीय कार्यालय (1 Canning Lane) पर 58 फर्जी कंपनियों और GST बिजनेस रजिस्ट्रेशन का खुलासा किया है, जो केंद्र सरकार की मिलीभगत का संकेत देता है। दिल्ली आप पार्टी के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि यह सब पंजाब विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी की छवि खराब करने के उद्देश्य से किया गया है।

इस खबर ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है और सवाल उठाए हैं कि आखिर कैसे इतनी बड़ी संख्या में फर्जी कंपनियों ने सरकारी दफ्तर के पते पर GST रजिस्ट्रेशन कर लिया?

आम आदमी पार्टी का आरोप

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यदि GST रजिस्ट्रेशन आम आदमी पार्टी के दफ्तर के नाम पर हुआ है, तो यह एक गंभीर मामला है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकारी बंगला होने के कारण कैसे कोई कंपनी या बिजनेस उस स्थान पर रजिस्टर हो सकता है?

उन्होंने कहा है कि वन कैनिंग रोड तो सरकारी बंगला है, जहां कोई भी व्यवसाय कैसे रजिस्टर हो सकता है? न तो खरीद सकते हैं और न ही किराए पर दे सकते हैं। फिर भी, यह सब कैसे संभव हुआ, यह हमारी चिंता का विषय है।

रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज़ों की जांच

सौरभ भारद्वाज ने विस्तार से बताया कि GST रजिस्ट्रेशन के लिए जरूरी दस्तावेज़, जैसे आधार कार्ड, पानी और बिजली का बिल, प्रॉपर्टी टैक्स, रैंट एग्रीमेंट और एनओसी, कहां से आए? यदि कोई व्यक्ति अपने आधार कार्ड का OTP ऑथेंटिकेशन कराता है और सही दस्तावेज़ प्रस्तुत करता है, तो उसके स्थान का सत्यापन जरूरी है।

ऐसा नहीं हो सकता कि वह अपने घर का पानी का बिल दिखाकर या रैंट पर रहने का प्रमाण देकर GST रजिस्ट्रेशन कर ले। उन्होंने कहा कि यदि इन सबके बिना ही रजिस्ट्रेशन हो गया, तो यह केंद्र सरकार की बड़ी चूक है।

फिजिकल वेरिफिकेशन में खामियां

सौरभ भारद्वाज ने यह भी आरोप लगाया कि GST अधिकारी ने फिजिकल वेरिफिकेशन के दौरान भी गड़बड़ी की है। आमतौर पर, जब कोई व्यवसाय GST रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करता है, तो अधिकारी स्थल पर जाकर सत्यापन करता है।

वहां का फोटो खींचकर वह उसकी प्रामाणिकता सुनिश्चित करता है। लेकिन यदि ऐसा नहीं हुआ है, तो यह स्पष्ट संकेत है कि इस प्रक्रिया में धांधली हुई है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर क्यों 58 कंपनियों के रजिस्ट्रेशन में कोई असली निरीक्षण नहीं किया गया।

कंपनी के नाम और रजिस्ट्रेशन नंबर

सौरभ भारद्वाज ने यह भी जानकारी दी कि उनके पास उन कंपनियों के नाम और GST नंबर मौजूद हैं, जो बिना सही प्रक्रिया के रजिस्टर किए गए हैं। उन्होंने कुछ नाम भी बताए जैसे विकास चौधरी, प्रियंका, आफसा इंटरप्राइजेज, मोहम्मद अहमद, फैजान अहमद, अरशद कुरैसी, अफजल, मोहम्मद दिलशाद आदि। इन नामों से पता चलता है कि ये सभी फर्जी कंपनियां हैं, जिनका उद्देश्य पार्टी की छवि को बदनाम करना हो सकता है।

पंजाब चुनाव से पहले साजिश का संकेत

सौरभ भारद्वाज ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि यह सब पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले एक सोची-समझी साजिश है। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियों का मकसद आम आदमी पार्टी की छवि को खराब करना और राजनीतिक विरोधियों को बदनाम करना है। उन्होंने कहा कि यह सब जानकारी उनके पास पहले से थी, और उन्होंने केंद्र सरकार से पूछा कि इन सबकी जांच क्यों नहीं हो रही है।

आप पार्टी की ओर से उठाए गए सवाल

आप पार्टी नेता ने केंद्र सरकार से यह भी पूछा कि क्या इन फर्जी कंपनियों के पीछे कोई उच्च स्तर का राजनीतिक या प्रशासनिक साजिश तो नहीं है? उन्होंने कहा कि इस तरह की धोखाधड़ी से देश की ईमानदारी और पारदर्शिता को खतरा है। उन्होंने मांग की कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच हो और दोषियों को कठोर सजा दी जाए।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now