Delhi News: भारत के पोल्ट्री उद्योग में रोजगार, कौशल विकास और उद्यमिता की संभावनाओं को सामने लाने के लिए 18वां पोल्ट्री इंडिया एक्सपो 2026 हैदराबाद में आयोजित किया जाएगा। भारतीय पोल्ट्री उपकरण निर्माता संघ (आईपीईएमए) ने गुरुवार को नई दिल्ली के द पार्क होटल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक्सपो की जानकारी दी। इस मौके पर पोल्ट्री इंडिया कर्टेन रेज़र 2026 और देश की पहली एवं सबसे बड़ी पोल्ट्री रोजगार प्रदर्शनी की भी घोषणा की गई।
आईपीईएमए अध्यक्ष उदय सिंह बयास ने कहा कि पोल्ट्री इंडिया एक्सपो केवल उत्पादों और तकनीकों की प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि यह रोजगार, कौशल विकास और कारोबार के अवसरों को जोड़ने वाला मंच है। उनके मुताबिक, भारत का पोल्ट्री क्षेत्र चिकन मीट में सालाना 8–10 प्रतिशत और अंडे के उत्पादन में 6–8 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है। इस विस्तार से ग्रामीण युवाओं, किसानों, पशु चिकित्सकों, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और एग्री-टेक उद्यमियों के लिए नए अवसर बन सकते हैं।
हैदराबाद में चार दिन चलेगा पोल्ट्री इंडिया एक्सपो
18वां पोल्ट्री इंडिया एक्सपो 2026 24 से 27 नवंबर तक हैदराबाद में आयोजित होगा। 24 नवंबर को एचआईसीसी/नोवोटेल, हाईटेक सिटी में नॉलेज डे सेमिनार होगा। इसके बाद 25 से 27 नवंबर तक एचिटेक्स एग्जिबिशन सेंटर में मुख्य प्रदर्शनी लगेगी।
आयोजकों को उम्मीद है कि एक्सपो में 120 से अधिक देशों के 550 से ज्यादा प्रदर्शक और 51,000 से अधिक उद्योग विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे। आयोजन में पोल्ट्री उत्पादन से जुड़ी कंपनियों, तकनीक प्रदाताओं, किसानों, कारोबारियों और विशेषज्ञों को एक-दूसरे से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
आधुनिक तकनीक और टिकाऊ उत्पादन पर रहेगा जोर
एक्सपो में पोल्ट्री उद्योग के कई अहम क्षेत्रों से जुड़ी तकनीकों और समाधानों को प्रदर्शित किया जाएगा। इनमें ब्रीडिंग एवं जेनेटिक्स, हैचरी और फार्म ऑटोमेशन, फीड मिलिंग, उन्नत पोषण, ईसी हाउसिंग एवं वेंटिलेशन, पशु चिकित्सा डायग्नोस्टिक्स और बायोसिक्योरिटी शामिल हैं।
इसके अलावा अंडा प्रसंस्करण, मैन्योर मैनेजमेंट और पर्यावरण के अनुकूल ग्रीन पोल्ट्री सॉल्यूशंस भी आयोजन के प्रमुख विषय होंगे। इन तकनीकों का उद्देश्य उत्पादन क्षमता में सुधार, पशु स्वास्थ्य और फार्म प्रबंधन को बेहतर बनाना तथा संसाधनों का अधिक प्रभावी इस्तेमाल करना है।
पोल्ट्री उद्योग में रोजगार के नए अवसर
आईपीईएमए के अनुसार, पोल्ट्री क्षेत्र में अवसर केवल फार्म पर काम तक सीमित नहीं हैं। इस उद्योग की पूरी सप्लाई चेन में अलग-अलग कौशल और अनुभव वाले लोगों के लिए काम की संभावनाएं मौजूद हैं। इनमें फार्म मैनेजमेंट, फीड मिलिंग, उपकरण निर्माण, लॉजिस्टिक्स, कोल्ड चेन, फूड प्रोसेसिंग, बिक्री एवं मार्केटिंग, अनुसंधान और एग्री-टेक स्टार्टअप जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
पोल्ट्री रोजगार प्रदर्शनी का उद्देश्य उद्योग और रोजगार तलाश रहे लोगों के बीच संपर्क बढ़ाना है। इससे युवाओं और विद्यार्थियों को उद्योग की जरूरतों, उपलब्ध करियर विकल्पों और जरूरी कौशलों को समझने में मदद मिल सकती है। वहीं कंपनियों को संभावित कर्मचारियों, सेवा प्रदाताओं और कारोबारी साझेदारों से मिलने का अवसर मिलेगा।
बयास ने कहा कि पोल्ट्री क्षेत्र की वृद्धि के साथ प्रशिक्षित लोगों की जरूरत भी बढ़ेगी। ऐसे में कौशल विकास, आधुनिक तकनीक की जानकारी और उद्यमिता को बढ़ावा देना उद्योग के भविष्य के लिए अहम है। एक्सपो में होने वाली चर्चाएं और नेटवर्किंग इस दिशा में उपयोगी साबित हो सकती हैं।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगठनों का समर्थन
आयोजकों के मुताबिक, पोल्ट्री इंडिया एक्सपो 2026 को 20 से अधिक विदेशी पोल्ट्री संगठनों, 40 से ज्यादा राष्ट्रीय पोल्ट्री निकायों और अंतरराष्ट्रीय पोल्ट्री मीडिया का समर्थन प्राप्त है। इससे आयोजन को वैश्विक उद्योग से जुड़ने और भारत के पोल्ट्री क्षेत्र की क्षमताओं को अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के सामने रखने का अवसर मिलेगा।
इस वर्ष एक्सपो की थीम “वन नेशन, वन एक्सपो” रखी गई है। आयोजकों का कहना है कि इसका मकसद किसानों, युवाओं, उद्यमियों, पशु चिकित्सकों, शोधकर्ताओं और उद्योग विशेषज्ञों को एक साझा मंच पर लाना है। आयोजन के जरिए ज्ञान साझा करने, कारोबार के नए संपर्क बनाने और उद्योग की चुनौतियों पर चर्चा को बढ़ावा दिया जाएगा।
भारत में पोल्ट्री उत्पादों की मांग और उत्पादन क्षमता बढ़ने के साथ इस क्षेत्र में तकनीक, प्रशिक्षण और निवेश की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती जा रही है। आयोजकों के अनुसार, पोल्ट्री इंडिया एक्सपो 2026 इन पहलुओं को एक मंच पर लाकर रोजगार और उद्योग विकास की संभावनाओं को सामने रखेगा। यह आयोजन विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में योगदान देने के लिए कृषि और खाद्य क्षेत्र में उद्यमिता तथा रोजगार को बढ़ावा देने पर भी केंद्रित होगा।


























